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Bageshwar News: तीन दिन चलने के बाद रूट पर नहीं लौटी बस
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 17 Mar 2026 11:02 PM IST
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बागेश्वर। जिले के दूरस्थ खुनौली क्षेत्र के लिए शुरू हुई केमू की बस सेवा ग्रामीणों के लिए केवल एक सपना बनकर रह गई है। ग्रामीणों की लंबी मांग के बाद शुरू की गई हल्द्वानी-खुनौली बस सेवा महज तीन दिन चलने के बाद बंद हो गई।
सेवा ठप होने से क्षेत्र के लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं और उनमें परिवहन विभाग और केमू के खिलाफ भारी आक्रोश है। बीते नवंबर महीने में जब पहली बार केमू की बस खुनौली गांव पहुंची थी तो ग्रामीणों ने फूल-मालाओं के साथ इसका जोरदार स्वागत किया था।
तब इसे क्षेत्र की लाइफलाइन माना जा रहा था लेकिन कुछ दिन के भीतर ही बस सेवा का संचालन बंद कर दिया गया। तब से अब तक ग्रामीण हर दिन बस आने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन सड़क पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
बस सेवा बंद होने का सबसे बुरा असर बिलाड़ी, पैसिया, ग्वाड़ भिलकोट, खुनौली, मल्ला सन्यूणा, तल्ला सन्यूणा, मैठरा और कलढूंगा जैसे गांवों पर पड़ा है। ग्रामीणों को डग्गामार वाहनों या निजी टैक्सियों के भरोसे रहना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान जया देवी, गीता देवी, नीरज भट्ट और जीवन कार्की ने बस सेवा को तत्काल नियमित करने की मांग की है। ग्रामीण गणेश कांडपाल, हरीश पांडेय, महेश कांडपाल और मदन कांडपाल ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ही बस का संचालन सुनिश्चित नहीं किया तो वे आंदोलन के लिए विवश होंगे।
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सेवा ठप होने से क्षेत्र के लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं और उनमें परिवहन विभाग और केमू के खिलाफ भारी आक्रोश है। बीते नवंबर महीने में जब पहली बार केमू की बस खुनौली गांव पहुंची थी तो ग्रामीणों ने फूल-मालाओं के साथ इसका जोरदार स्वागत किया था।
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तब इसे क्षेत्र की लाइफलाइन माना जा रहा था लेकिन कुछ दिन के भीतर ही बस सेवा का संचालन बंद कर दिया गया। तब से अब तक ग्रामीण हर दिन बस आने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन सड़क पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
बस सेवा बंद होने का सबसे बुरा असर बिलाड़ी, पैसिया, ग्वाड़ भिलकोट, खुनौली, मल्ला सन्यूणा, तल्ला सन्यूणा, मैठरा और कलढूंगा जैसे गांवों पर पड़ा है। ग्रामीणों को डग्गामार वाहनों या निजी टैक्सियों के भरोसे रहना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान जया देवी, गीता देवी, नीरज भट्ट और जीवन कार्की ने बस सेवा को तत्काल नियमित करने की मांग की है। ग्रामीण गणेश कांडपाल, हरीश पांडेय, महेश कांडपाल और मदन कांडपाल ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ही बस का संचालन सुनिश्चित नहीं किया तो वे आंदोलन के लिए विवश होंगे।