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Bageshwar News: अवैध खनन से आबादी को संकट में डालने वाले पट्टाधारक को दो महीने की जेल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2026 11:23 PM IST
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Two-month jail for leaseholder who endangered the population through illegal mining
बागेश्वर। कांडा तहसील के कांडे कन्याल क्षेत्र में खनन नियमों की अनदेखी कर आबादी और सार्वजनिक संपत्तियों को खतरे में डालने वाले आरोपी को न्यायालय ने सख्त सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज शिवानी नाहर की अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए आरोपी इंद्राज सिंह को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को दो माह के साधारण कारावास की सजा सुनाने के साथ ही दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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मामला कांडे कन्याल स्थित सोपस्टोन माइन का है। प्रभारी खनन अधिकारी रमेश कुमार आर्या की ओर से पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार कुलदीप सिंह बिष्ट के नाम स्वीकृत इस खड़िया खनन पट्टे को बाद में पार्टनरशिप फर्म के जरिये आरोपी इंद्राज सिंह, निवासी गौतमबुद्ध नगर, हाल हल्द्वानी की ओर से संचालित किया जा रहा था। खनन नियमों और उच्चाधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद आरोपी ने खनन के बाद बने गड्ढों का समतलीकरण नहीं किया और न ही नियमित रूप से सीढ़ीनुमा खेत बनाए। लापरवाही के चलते तेज बारिश के दौरान माइन से भारी मात्रा में मलबे का रिसाव आबादी की ओर हो गया।
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यह मलबा स्थानीय निवासी तुलसी देवी और नरेश राम के आवासीय भवनों के पीछे घुस गया, जिससे उनके घरों को आंशिक क्षति पहुंची और मानव जीवन पर संकट खड़ा हो गया। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन को इन परिवारों को तुरंत पंचायत घर में विस्थापित करना पड़ा था। इसके अलावा मलबे के कारण कांडा-भाकड़पंत मोटर मार्ग का कलमठ भी बंद हो गया और पास ही स्थित गैस गोदाम के लिए भी खतरा पैदा हो गया था।
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अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष कुल 10 मौखिक गवाह और सात दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। गवाहों में शामिल राजस्व उपनिरीक्षक और भू-वैज्ञानिकों की संयुक्त जांच कमेटी ने भी मौके पर बरती गई घोर लापरवाही की पुष्टि की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को खारिज करते हुए अदालत ने माना कि आरोपी ने पर्यावरण और सार्वजनिक सुरक्षा को ताक पर रखकर गंभीर अपराध किया है।



पीड़ितों को मिलेगा एक-एक लाख का मुआवजा
अदालत ने आरोपी इंद्राज सिंह को खान एवं खनिज अधिनियम, 1957 की धाराओं के तहत दोषी पाते हुए दो महीने के साधारण कारावास और दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की यह पूरी धनराशि वसूल होने पर बीएनएसएस 2023 के प्रावधानों के तहत नरेश राम और तुलसी देवी को मुआवजे के रूप में एक-एक लाख रुपये प्रदान की जाएगी। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को तीन महीने का अतिरिक्त सामान्य कारावास भुगतना होगा। सजा के बाद आरोपी को जिला कारागार अल्मोड़ा भेज दिया गया है।
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