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Chamoli News: सड़क टूटी, सिलिंडर खत्म, गदेरा उफान पर, चार दिनों से बच्चे नहीं जा पाए स्कूल
Wed, 05 Aug 2026 07:08 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 05 Aug 2026 07:08 PM IST
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गोपेश्वर के समीप कौंज पोथनी गांव के बरसाती गदेरे पर क्षतिग्रस्त पैदल रास्ते पर लकड़ी की अस्थाई
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15 दिन से कटे कौंज-पोथनी क्षेत्र के छह गांव, अब बढ़ने लगी हैं परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। दशोली विकास खंड के कौंज-पोथनी क्षेत्र को यातायात से जोड़ने वाली सड़क पिछले 15 दिनों से क्षतिग्रस्त पड़ी है और अब धीरे-धीरे यहां परेशानियां बढ़ने लगी हैं। स्थिति यह है कि पैदल जाने के लिए ग्रामीण भूस्खलन वाली पहाड़ी से आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई लोगों के रसोई गैस सिलिंडर खत्म हो गए हैं। वहीं गदेरों के उफान पर आने से छात्र-छात्राएं चार दिनों से स्कूल नहीं पा पा रहे हैं। जल्द आवाजाही नहीं खुली तो परेशानियां बढ़ जाएंगी।
क्षेत्र पंचायत सदस्य अनूप सिंह कठैत और ग्रामीण ताजबर सिंह कठैत ने बताया कि सड़क खोलने के लिए अब तक मौके पर जेसीबी नहीं पहुंची है। सड़क बंद रहने से इससे सड़क से जुड़े कई गांवों में रसोई गैस सिलिंडर खत्म हो चुके हैं। महिला मंगल दल की अध्यक्ष दीपा देवी ने बताया कि क्षेत्र के करीब 25 छात्र-छात्राएं दो किलोमीटर दूर राइंका कुजौं मेकोट जाते हैं। मगर गदेरा उफान पर होने से चार दिन से बच्चे स्कूल नहीं जा पाए हैं। यह सड़क कौंज, पोथनी, खंडरा, काणा, मोल्ठा और बेलीधार गांवों के लोगों के लिए यातायात का एकमात्र साधन है। ऋतिक झिंक्वाण, मयंक कठैत, अंश कठैत और कृष्णा कठैत ने प्रशासन से जल्द सड़क खोलने की मांग की। उन्होंने कहा यदि शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो रसोई गैस, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हो जाएगी।
इंसेट
ग्रामीणों ने खुद बनाई लकड़ी की पुलिया
कौंज-पोथनी क्षेत्र में सड़क और पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों ने गदेरे पर लकड़ी की अस्थायी पुलिया तैयार कर आवाजाही सुचारु करवाई। वर्ष 2023 की जुलाई आपदा में यहां बना लोहे का पुल बह गया था। वहीं बीते 20 जुलाई को हुई भारी बारिश में कुजौं मेकोट-कौंज पोथनी मार्ग का करीब 60 मीटर हिस्सा बह जाने से पैदल रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद ग्रामीणों को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा था। परेशानी बढ़ने पर ग्रामीणों ने एकजुट होकर पुलिया बनाने का निर्णय लिया। इसके बाद स्वयं श्रमदान कर लकड़ी की पुलिया बनाई जिससे लोगों की पैदल आवाजाही फिलहाल सुचारु हो गई है।
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इंसेट
पोखरी बाजार आने के लिए नापनी पड़ रही पैदल दूरी
पोखरी (चमोली)। क्षेत्र के विभिन्न गांवों को जोड़ने वाली पोखरी-आली-कांडई सड़क नागधार में बदं है। ग्रामीण पैदल आवाजाही कर रहे हैं। पोखरी-आली-कांडई सड़क का नागधार में पुश्ता ध्वस्त हो गया है। इससे सड़क पर वाहनों का आवागमन बंद है। आली के ग्राम प्रधान विनोद लाल, पूर्व प्रधान विजय सिंह रावत, मनवर रावत आदि ने बताया कि ग्रामीणों काे दैनिक जरूरतों के लिए हर दिन पोखरी बाजार आवाजाही करनी पड़ती है लेकिन सड़क बंद होने से लोग पैदल ही चल रहे हैं। आली, कांडई, मस्ट गांव, सतूण, सौणामगरा, घिघरचौरा सहित अन्य गांव के लोग परेशान हो रहे हैं। उन्होंने लोनिवि से जल्द-से-जल्द सड़क खुलवाने की मांग की। वहीं लोनिवि के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि नागधार में बारिश से सड़क ध्वस्त हो गई है। इसका इस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। जल्द सड़क पर नई दीवार बनाकर यातायात सुचारु कराया जाएगा। संवाद
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15 दिन से कटे कौंज-पोथनी क्षेत्र के छह गांव, अब बढ़ने लगी हैं परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। दशोली विकास खंड के कौंज-पोथनी क्षेत्र को यातायात से जोड़ने वाली सड़क पिछले 15 दिनों से क्षतिग्रस्त पड़ी है और अब धीरे-धीरे यहां परेशानियां बढ़ने लगी हैं। स्थिति यह है कि पैदल जाने के लिए ग्रामीण भूस्खलन वाली पहाड़ी से आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई लोगों के रसोई गैस सिलिंडर खत्म हो गए हैं। वहीं गदेरों के उफान पर आने से छात्र-छात्राएं चार दिनों से स्कूल नहीं पा पा रहे हैं। जल्द आवाजाही नहीं खुली तो परेशानियां बढ़ जाएंगी।
क्षेत्र पंचायत सदस्य अनूप सिंह कठैत और ग्रामीण ताजबर सिंह कठैत ने बताया कि सड़क खोलने के लिए अब तक मौके पर जेसीबी नहीं पहुंची है। सड़क बंद रहने से इससे सड़क से जुड़े कई गांवों में रसोई गैस सिलिंडर खत्म हो चुके हैं। महिला मंगल दल की अध्यक्ष दीपा देवी ने बताया कि क्षेत्र के करीब 25 छात्र-छात्राएं दो किलोमीटर दूर राइंका कुजौं मेकोट जाते हैं। मगर गदेरा उफान पर होने से चार दिन से बच्चे स्कूल नहीं जा पाए हैं। यह सड़क कौंज, पोथनी, खंडरा, काणा, मोल्ठा और बेलीधार गांवों के लोगों के लिए यातायात का एकमात्र साधन है। ऋतिक झिंक्वाण, मयंक कठैत, अंश कठैत और कृष्णा कठैत ने प्रशासन से जल्द सड़क खोलने की मांग की। उन्होंने कहा यदि शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो रसोई गैस, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हो जाएगी।
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ग्रामीणों ने खुद बनाई लकड़ी की पुलिया
कौंज-पोथनी क्षेत्र में सड़क और पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों ने गदेरे पर लकड़ी की अस्थायी पुलिया तैयार कर आवाजाही सुचारु करवाई। वर्ष 2023 की जुलाई आपदा में यहां बना लोहे का पुल बह गया था। वहीं बीते 20 जुलाई को हुई भारी बारिश में कुजौं मेकोट-कौंज पोथनी मार्ग का करीब 60 मीटर हिस्सा बह जाने से पैदल रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद ग्रामीणों को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा था। परेशानी बढ़ने पर ग्रामीणों ने एकजुट होकर पुलिया बनाने का निर्णय लिया। इसके बाद स्वयं श्रमदान कर लकड़ी की पुलिया बनाई जिससे लोगों की पैदल आवाजाही फिलहाल सुचारु हो गई है।
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पोखरी बाजार आने के लिए नापनी पड़ रही पैदल दूरी
पोखरी (चमोली)। क्षेत्र के विभिन्न गांवों को जोड़ने वाली पोखरी-आली-कांडई सड़क नागधार में बदं है। ग्रामीण पैदल आवाजाही कर रहे हैं। पोखरी-आली-कांडई सड़क का नागधार में पुश्ता ध्वस्त हो गया है। इससे सड़क पर वाहनों का आवागमन बंद है। आली के ग्राम प्रधान विनोद लाल, पूर्व प्रधान विजय सिंह रावत, मनवर रावत आदि ने बताया कि ग्रामीणों काे दैनिक जरूरतों के लिए हर दिन पोखरी बाजार आवाजाही करनी पड़ती है लेकिन सड़क बंद होने से लोग पैदल ही चल रहे हैं। आली, कांडई, मस्ट गांव, सतूण, सौणामगरा, घिघरचौरा सहित अन्य गांव के लोग परेशान हो रहे हैं। उन्होंने लोनिवि से जल्द-से-जल्द सड़क खुलवाने की मांग की। वहीं लोनिवि के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि नागधार में बारिश से सड़क ध्वस्त हो गई है। इसका इस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। जल्द सड़क पर नई दीवार बनाकर यातायात सुचारु कराया जाएगा। संवाद