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Champawat News: चंपावत में मांगों के लिए गरजीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 16 Feb 2026 10:27 PM IST
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चंपावत में धरना स्थल पर धरना-प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। संवाद
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चंपावत। जिला मुख्यालय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सेविका मिनी कर्मचारी संगठन की कार्यकर्ताओं ने मांगों के लिए नगर में रैली निकाल कर प्रदर्शन किया। जिलेभर की कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। 1300 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल से पौष्टिक आहार, गर्भवतियों की स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण आदि कार्य ठप रहे।
सोमवार को संगठन की जिलाध्यक्ष मीना बोहरा के नेतृत्व में चंपावत, पाटी, लोहाघाट, बाराकोट की कार्यकर्ताओं ने मोटर स्टेशन रोड से धरना स्थल भैरवा तक मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की। इसके बाद संगठन की कार्यकर्ता ज्ञापन देने के लिए कलक्ट्रेट जाना चाह रही थीं लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें भैरवा पर रोक दिया।
इस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की पुलिस अधिकारी बहस भी हुई। पुलिस की ओर से हवाला दिया गया कि प्रशासन की ओर से निर्धारित धरना स्थल भैरवा में बनाया गया है। पुलिस अधिकारियों के एसडीएम के मौके पर पहुंचने की जानकारी देने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भैरवा धरना स्थल पर बैठ गईं। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। वहां प्रदेश सदस्य विमला पनेरु, संगठन मंत्री गोविंद मेहता, महामंत्री हेमा थ्वाल, उपाध्यक्ष पुष्पा बोहरा, नीरू बिष्ट, ब्लॉक अध्यक्ष कविता पंत, दमयंती वर्मा, बबीता गहतोड़ी, दीपा पांडेय सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
ये हैं मांगें
18 हजार मानदेय करने, राज्य सरकार से वेतन में 140 रुपये प्रतिदिन की वृद्धि करने, केंद्र सरकार को 150 रुपये प्रतिदिन का प्रस्ताव भेजने, सेवानिवृत्ति होने पर 10 लाख देने का जीओ जारी करने, 300 रुपये की कटौती को रोकने, उन्हें बायोमेट्रिक मशीन से न जोड़े जाने, सुपरवाइजर पदों पर प्रतिवर्ष वरिष्ठता के आधार पर विज्ञप्ति निकाले जाने, 60 साल की सेवानिवृत्ति पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एक लाख रुपये दिए जाने, गर्भवती, धात्री महिलाओं को दिए जाने वाले राशन की गुणवत्ता में सुधार किए जाने आदि मांगें उठाई गईं।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से काम तो पूरा लिया जाता है। विभागीय योजनाओं के प्रचार प्रसार के साथ निर्वाचन संबंधी कार्य भी दिए जाते हैं लेकिन उन्हें नंदा गौरा योजना का लाभ नहीं मिलता है। - मीना बोहरा, जिलाध्यक्ष, चंपावत
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से जो-जो विभाग काम लेते हैं उन विभागों से उन्हें कार्य के बदले हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाना चाहिए। अगर सम्मानजनक वेतन मिल जाए तो किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। - दीपा पांडेय, ब्लॉक अध्यक्ष, चंपावत
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सोमवार को संगठन की जिलाध्यक्ष मीना बोहरा के नेतृत्व में चंपावत, पाटी, लोहाघाट, बाराकोट की कार्यकर्ताओं ने मोटर स्टेशन रोड से धरना स्थल भैरवा तक मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की। इसके बाद संगठन की कार्यकर्ता ज्ञापन देने के लिए कलक्ट्रेट जाना चाह रही थीं लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें भैरवा पर रोक दिया।
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इस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की पुलिस अधिकारी बहस भी हुई। पुलिस की ओर से हवाला दिया गया कि प्रशासन की ओर से निर्धारित धरना स्थल भैरवा में बनाया गया है। पुलिस अधिकारियों के एसडीएम के मौके पर पहुंचने की जानकारी देने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भैरवा धरना स्थल पर बैठ गईं। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। वहां प्रदेश सदस्य विमला पनेरु, संगठन मंत्री गोविंद मेहता, महामंत्री हेमा थ्वाल, उपाध्यक्ष पुष्पा बोहरा, नीरू बिष्ट, ब्लॉक अध्यक्ष कविता पंत, दमयंती वर्मा, बबीता गहतोड़ी, दीपा पांडेय सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
ये हैं मांगें
18 हजार मानदेय करने, राज्य सरकार से वेतन में 140 रुपये प्रतिदिन की वृद्धि करने, केंद्र सरकार को 150 रुपये प्रतिदिन का प्रस्ताव भेजने, सेवानिवृत्ति होने पर 10 लाख देने का जीओ जारी करने, 300 रुपये की कटौती को रोकने, उन्हें बायोमेट्रिक मशीन से न जोड़े जाने, सुपरवाइजर पदों पर प्रतिवर्ष वरिष्ठता के आधार पर विज्ञप्ति निकाले जाने, 60 साल की सेवानिवृत्ति पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एक लाख रुपये दिए जाने, गर्भवती, धात्री महिलाओं को दिए जाने वाले राशन की गुणवत्ता में सुधार किए जाने आदि मांगें उठाई गईं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से काम तो पूरा लिया जाता है। विभागीय योजनाओं के प्रचार प्रसार के साथ निर्वाचन संबंधी कार्य भी दिए जाते हैं लेकिन उन्हें नंदा गौरा योजना का लाभ नहीं मिलता है। - मीना बोहरा, जिलाध्यक्ष, चंपावत
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से जो-जो विभाग काम लेते हैं उन विभागों से उन्हें कार्य के बदले हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाना चाहिए। अगर सम्मानजनक वेतन मिल जाए तो किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। - दीपा पांडेय, ब्लॉक अध्यक्ष, चंपावत