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Haridwar News: मंदिर की दान राशि में गबन का आरोप
Thu, 13 Aug 2026 01:31 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Thu, 13 Aug 2026 01:31 AM IST
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लापुर कोतवाली क्षेत्र स्थित नया हरिद्वार कॉलोनी में बने हरिहर बांके बिहारी मंदिर की दान राशि में लाखों रुपये के गबन करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना वैध चुनाव और सोसायटी के नवीनीकरण के कुछ लोगों ने खुद को पदाधिकारी घोषित कर मंदिर का प्रबंधन संभाल लिया और श्रद्धालुओं से मिलने वाली रकम को निजी खाते में जमा कराया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सुधाकर सिंह निवासी नया हरिद्वार कॉलोनी ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि नया हरिद्वार वेलफेयर सोसायटी का पंजीकरण वर्ष 2014 में पांच वर्ष के लिए हुआ था, जिसकी अवधि 16 नवंबर 2019 को समाप्त हो गई। इसके बाद सोसायटी का न तो चुनाव हुआ और न ही नवीनीकरण कराया गया। आरोप है कि श्यामबाबू शर्मा, सुभाष जांगड़, केदारनाथ वर्मा और राजीव त्यागी ने स्वयं को क्रमश: अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और महामंत्री घोषित कर मंदिर का संचालन शुरू कर दिया।
सुधाकर सिंह का आरोप है कि मंदिर के रखरखाव और आयोजनों के नाम पर करीब 150 लोगों से प्रतिमाह 500 रुपये लिए जाते हैं। इसके अलावा दानपेटियों से भी रकम प्राप्त होती है। आरोप है कि करीब 16 लाख रुपये महाराष्ट्र बैंक के एक खाते में जमा कर गबन किया गया। उन्होंने 7 अप्रैल को हिसाब मांगा, लेकिन जानकारी नहीं दी गई।
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इसके बाद उन्होंने पहले दो मई को ज्वालापुर कोतवाली और फिर 12 मई को एसएसपी कार्यालय में शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई न होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया। सीओ ज्वालापुर संजय चौहान ने बताया कि इस संबंध में कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है।
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पुलिस के अनुसार, सुधाकर सिंह निवासी नया हरिद्वार कॉलोनी ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि नया हरिद्वार वेलफेयर सोसायटी का पंजीकरण वर्ष 2014 में पांच वर्ष के लिए हुआ था, जिसकी अवधि 16 नवंबर 2019 को समाप्त हो गई। इसके बाद सोसायटी का न तो चुनाव हुआ और न ही नवीनीकरण कराया गया। आरोप है कि श्यामबाबू शर्मा, सुभाष जांगड़, केदारनाथ वर्मा और राजीव त्यागी ने स्वयं को क्रमश: अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और महामंत्री घोषित कर मंदिर का संचालन शुरू कर दिया।
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सुधाकर सिंह का आरोप है कि मंदिर के रखरखाव और आयोजनों के नाम पर करीब 150 लोगों से प्रतिमाह 500 रुपये लिए जाते हैं। इसके अलावा दानपेटियों से भी रकम प्राप्त होती है। आरोप है कि करीब 16 लाख रुपये महाराष्ट्र बैंक के एक खाते में जमा कर गबन किया गया। उन्होंने 7 अप्रैल को हिसाब मांगा, लेकिन जानकारी नहीं दी गई।
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इसके बाद उन्होंने पहले दो मई को ज्वालापुर कोतवाली और फिर 12 मई को एसएसपी कार्यालय में शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई न होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया। सीओ ज्वालापुर संजय चौहान ने बताया कि इस संबंध में कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है।