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Haridwar News: महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी की जूना अखाड़े में वापसी
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हरिद्वार। श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर श्रीमहंत यतींद्रानंद गिरी महाराज का निष्कासन समाप्त कर दिया गया है। अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत मोहन भारती महाराज ने इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि विगत दिनों कुछ अखाड़ा-विरोधी गतिविधियों और बयानबाजी के आरोपों के चलते महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी महाराज को अखाड़े से निष्कासित किया गया था। मामले की जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरी महाराज के निर्देश पर वरिष्ठ सभापति श्रीमहंत प्रेमगिरी महाराज की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की गई थी। समिति में वरिष्ठ सभापति श्रीमहंत उमाशंकर भारती, महामंत्री श्रीमहंत महेश पुरी, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि और श्रीमहंत निरंजन भारती को शामिल किया गया।
जांच समिति ने पूरे प्रकरण की गहन जांच के बाद यह पाया कि महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी महाराज के विरुद्ध लगाए गए आरोप भ्रामक और तथ्यहीन थे। समिति की संस्तुति के आधार पर उनका निष्कासन समाप्त कर दिया गया। अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत मोहन भारती महाराज ने बताया कि महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी महाराज के प्रति खेद व्यक्त करते हुए, उन्हें अखाड़े में उनके सम्मान और प्रतिष्ठा के अनुरूप पुनः सम्मानपूर्वक शामिल किया गया है।
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उन्होंने बताया कि विगत दिनों कुछ अखाड़ा-विरोधी गतिविधियों और बयानबाजी के आरोपों के चलते महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी महाराज को अखाड़े से निष्कासित किया गया था। मामले की जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरी महाराज के निर्देश पर वरिष्ठ सभापति श्रीमहंत प्रेमगिरी महाराज की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की गई थी। समिति में वरिष्ठ सभापति श्रीमहंत उमाशंकर भारती, महामंत्री श्रीमहंत महेश पुरी, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि और श्रीमहंत निरंजन भारती को शामिल किया गया।
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जांच समिति ने पूरे प्रकरण की गहन जांच के बाद यह पाया कि महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी महाराज के विरुद्ध लगाए गए आरोप भ्रामक और तथ्यहीन थे। समिति की संस्तुति के आधार पर उनका निष्कासन समाप्त कर दिया गया। अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत मोहन भारती महाराज ने बताया कि महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी महाराज के प्रति खेद व्यक्त करते हुए, उन्हें अखाड़े में उनके सम्मान और प्रतिष्ठा के अनुरूप पुनः सम्मानपूर्वक शामिल किया गया है।