{"_id":"69cd24faff9b39f98208c386","slug":"players-are-making-a-name-for-themselves-in-sports-by-learning-from-india-haridwar-news-c-35-1-sdrn1003-146849-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar News: भारत से गुर सीखकर खेलों में पहचान बना रहे खिलाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar News: भारत से गुर सीखकर खेलों में पहचान बना रहे खिलाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Wed, 01 Apr 2026 07:30 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
- फेरूपुर के भारत भूषण दे रहे 26 वर्षों से खेलों की कोचिंग
अजब सिंह
पथरी। एथलीट कोच भारत भूषण के मार्गदर्शन में निखरकर ग्रामीण क्षेत्र के कई खिलाड़ियों ने राज्य और देश का नाम रोशन किया है। अन्नु कुमार ने एथलीट, यश सैनी ने क्रिकेट, कपिल कुमार ने हॉकी, आलोक कुमार ने एथलीट, अक्षय कुमार ने वॉलीबॉल, विधि पाल ने एथलीट के गुर सीखे हैं। इन राष्ट्रीय खिलाड़ियों की उपलब्धि से हरिद्वार ही नहीं पूरे उत्तराखंड और देश को गर्व है। सैंकड़ों खिलाड़ियों को मेडल और इनाम भी मिल चुके हैं।
फेरूपुर निवासी एथलीट कोच भारत भूषण ने बताया कि वह उत्तराखंड एथलेटिक एसोसिएशन के संयुक्त सचिव भी हैं और वह करीब 26 वर्षों से क्षेत्र के युवाओं को क्रिकेट, कबड्डी, वालीबॉल, गेंदबाजी आदि खेलों के गुर सिखा रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने बताया कि अन्नू कुमार ने एथलीट, यश सैनी ने क्रिकेट, कपिल कुमार ने हॉकी, आलोक कुमार ने एथलीट, अक्षय कुमार ने वॉलीबॉल, विधि पाल ने एथलीट के गुर सीखे हैं। यह सभी खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बना खेलों में अपनी अलग छाप छोड़ रहे हैं। खेलों में इनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। कोच भारत भूषण ने कहा कि मेरे लिए इससे बड़ी उपलब्धि कोई नहीं हो सकतीं हैं, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के मेरे बच्चे देश के लिए खेल रहे हैं। जब ये छोटे थे, तब से मैंने इनमें जुनून देखा था। संसाधन कम थे, लेकिन इनके हौसले बहुत बड़े थे। आज इनकी मेहनत रंग लाई है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट, कबड्डी, वालीवाल, गेंदबाजी सिर्फ खेल नहीं हैं, अनुशासन और चरित्र निर्माण का माध्यम है। उन्होंने हमेशा खिलाड़ियों को यही सिखाया कि मैदान पर प्रदर्शन के साथ-साथ व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अब तक दिल्ली, देहरादून व हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रमों में कई सामाजिक संगठनों व संस्थाओं व शिक्षण संस्थान कोच भारत भूषण को सम्मानित कर चुके जा हैं।
Trending Videos
अजब सिंह
पथरी। एथलीट कोच भारत भूषण के मार्गदर्शन में निखरकर ग्रामीण क्षेत्र के कई खिलाड़ियों ने राज्य और देश का नाम रोशन किया है। अन्नु कुमार ने एथलीट, यश सैनी ने क्रिकेट, कपिल कुमार ने हॉकी, आलोक कुमार ने एथलीट, अक्षय कुमार ने वॉलीबॉल, विधि पाल ने एथलीट के गुर सीखे हैं। इन राष्ट्रीय खिलाड़ियों की उपलब्धि से हरिद्वार ही नहीं पूरे उत्तराखंड और देश को गर्व है। सैंकड़ों खिलाड़ियों को मेडल और इनाम भी मिल चुके हैं।
फेरूपुर निवासी एथलीट कोच भारत भूषण ने बताया कि वह उत्तराखंड एथलेटिक एसोसिएशन के संयुक्त सचिव भी हैं और वह करीब 26 वर्षों से क्षेत्र के युवाओं को क्रिकेट, कबड्डी, वालीबॉल, गेंदबाजी आदि खेलों के गुर सिखा रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने बताया कि अन्नू कुमार ने एथलीट, यश सैनी ने क्रिकेट, कपिल कुमार ने हॉकी, आलोक कुमार ने एथलीट, अक्षय कुमार ने वॉलीबॉल, विधि पाल ने एथलीट के गुर सीखे हैं। यह सभी खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बना खेलों में अपनी अलग छाप छोड़ रहे हैं। खेलों में इनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। कोच भारत भूषण ने कहा कि मेरे लिए इससे बड़ी उपलब्धि कोई नहीं हो सकतीं हैं, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के मेरे बच्चे देश के लिए खेल रहे हैं। जब ये छोटे थे, तब से मैंने इनमें जुनून देखा था। संसाधन कम थे, लेकिन इनके हौसले बहुत बड़े थे। आज इनकी मेहनत रंग लाई है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट, कबड्डी, वालीवाल, गेंदबाजी सिर्फ खेल नहीं हैं, अनुशासन और चरित्र निर्माण का माध्यम है। उन्होंने हमेशा खिलाड़ियों को यही सिखाया कि मैदान पर प्रदर्शन के साथ-साथ व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अब तक दिल्ली, देहरादून व हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रमों में कई सामाजिक संगठनों व संस्थाओं व शिक्षण संस्थान कोच भारत भूषण को सम्मानित कर चुके जा हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन