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Haridwar News: पहले ही हटा दिए जाते गाटर तो शायद बच जाती दो जिंदगियां
Sat, 01 Aug 2026 05:37 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Sat, 01 Aug 2026 05:37 PM IST
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- हादसे के बाद हरकत में आया एनएचएआई, क्रेन से हटाए लोहे के चैनल
सुधीर चावला
बहादराबाद। निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे रखे भारी लोहे के गाटर (चैनल) के गिरने से दो कांवड़ यात्रियों की जान चली गई। हादसे के बाद एनएचएआई और निर्माण एजेंसी हरकत में आई। शनिवार शाम क्रेन की मदद से फ्लाईओवर के नीचे रखे सभी भारी गाटरों को हटाया गया और निर्माण स्थल को सुरक्षित बनाने की कवायद शुरू की गई।
यदि निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे रखे भारी लोहे के गाटरों को पहले ही सुरक्षित स्थान पर रख दिया जाता या बैरिकेडिंग कर वहां श्रद्धालुओं के बैठने पर रोक लगाई जाती, तो यह हादसा टल सकता था। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु रास्ते में विश्राम करते हैं। ऐसे में निर्माण स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए थे।
हादसे के बाद एनएचएआई अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और क्रेन की मदद से फ्लाईओवर के नीचे रखे लोहे के गाटरों को हटवा दिया। हालांकि अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि यह कदम पहले उठा लिया जाता, तो क्या दो कांवड़ यात्रियों की जान बचाई जा सकती थी। स्थानीय लोग भी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन की मांग कर रहे हैं।
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सुधीर चावला
बहादराबाद। निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे रखे भारी लोहे के गाटर (चैनल) के गिरने से दो कांवड़ यात्रियों की जान चली गई। हादसे के बाद एनएचएआई और निर्माण एजेंसी हरकत में आई। शनिवार शाम क्रेन की मदद से फ्लाईओवर के नीचे रखे सभी भारी गाटरों को हटाया गया और निर्माण स्थल को सुरक्षित बनाने की कवायद शुरू की गई।
यदि निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे रखे भारी लोहे के गाटरों को पहले ही सुरक्षित स्थान पर रख दिया जाता या बैरिकेडिंग कर वहां श्रद्धालुओं के बैठने पर रोक लगाई जाती, तो यह हादसा टल सकता था। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु रास्ते में विश्राम करते हैं। ऐसे में निर्माण स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए थे।
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हादसे के बाद एनएचएआई अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और क्रेन की मदद से फ्लाईओवर के नीचे रखे लोहे के गाटरों को हटवा दिया। हालांकि अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि यह कदम पहले उठा लिया जाता, तो क्या दो कांवड़ यात्रियों की जान बचाई जा सकती थी। स्थानीय लोग भी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन की मांग कर रहे हैं।
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