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Kotdwar News: मधुमक्खियां उड़ीं, हाथियों का खतरा बढ़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Tue, 10 Mar 2026 05:54 PM IST
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वन विभाग ने आमसौड़ गांव में 10 लाख से लगाई 1.5 किमी बी बॉक्स फेंसिंग
हाथियों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने के लिए लगाई गई थी मधुमक्खियों की पेटियां
कोटद्वार/दुगड्डा। दुगड्डा ब्लॉक के तहत आमसौड़ गांव की आबादी में हाथियों को रोकने के लिए वन सीमा पर लगाई गई 1.5 किमी. लंबी बी बॉक्स फेंसिंग शोपीस बनकर रह गई है। दरअसल वन विभाग की ओर से इसके आसपास लगी पेटियों में डाले गई मधुमक्खियों के छत्तों से मधुमक्खियां उड़ चुकी है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से पेटियों में दोबारा मधुमक्खियों के छत्ते रखने की मांग की है। दुगड्डा ब्लॉक के अंतर्गत आमसौड़ गांव के ग्रामीणों की आजीविका का मुख्य साधन खेतीबाड़ी है। वन सीमा से सटा होने के कारण आए दिन हाथी फसलों को उजाड़ते रहते हैं। वन विभाग ने पूर्व में हाथी को गांव में पहुंचने से रोकने के लिए सोलर फेंसिंग समेत कई योजनाएं बनाईं लेकिन कोई भी योजना फलीभूत नहीं हो पाई। वन विभाग की ओर से वर्ष 2024 में सड़क को छोड़कर वन सीमा पर करीब 1.5 किमी. लंबी तारबाड़ लगाने और इसके पास मधुमक्खियों के बॉक्स रखने की योजना प्रस्तावित की।
प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद पिछले साल वन विभाग ने वन सीमा पर 10 लाख रुपये के बजट से 1.5 किमी. लंबी तारबाड़ बनाने के साथ ही उसके समीप मधुमक्खियों के करीब 98 बॉक्स रखे। मधुमक्खियां लाकर पेटी में डाली भी गई लेकिन मधुमक्खियां बॉक्स में नहीं रुकी। वर्तमान में बॉक्स बदहाल पड़े हैं।
क्षेत्र के इंद्रमोहन जुयाल ने बताया कि वन विभाग से कई बार गुहार लगाने के बाद भी बॉक्स में मधुमक्खियाें के छत्ते न डालने से योजना का लाभ काश्तकारों को नहीं मिल पा रहा है। शिकायत के बाद एसडीओ ने मौका मुआयना भी किया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने वन विभाग से बॉक्स में दोबारा मधुमक्खियां डालने की मांग की है।
एसडीओ के नेतृत्व में गांव पहुंचकर मौका मुआयना करने के बाद इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर डीएफओ को भेजी गई है। फिलहाल इस बाबत उच्चाधिकारियों से अभी कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
- रमेश चंद्र नेगी, रेंजर दुगड्डा।
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हाथियों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने के लिए लगाई गई थी मधुमक्खियों की पेटियां
कोटद्वार/दुगड्डा। दुगड्डा ब्लॉक के तहत आमसौड़ गांव की आबादी में हाथियों को रोकने के लिए वन सीमा पर लगाई गई 1.5 किमी. लंबी बी बॉक्स फेंसिंग शोपीस बनकर रह गई है। दरअसल वन विभाग की ओर से इसके आसपास लगी पेटियों में डाले गई मधुमक्खियों के छत्तों से मधुमक्खियां उड़ चुकी है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से पेटियों में दोबारा मधुमक्खियों के छत्ते रखने की मांग की है। दुगड्डा ब्लॉक के अंतर्गत आमसौड़ गांव के ग्रामीणों की आजीविका का मुख्य साधन खेतीबाड़ी है। वन सीमा से सटा होने के कारण आए दिन हाथी फसलों को उजाड़ते रहते हैं। वन विभाग ने पूर्व में हाथी को गांव में पहुंचने से रोकने के लिए सोलर फेंसिंग समेत कई योजनाएं बनाईं लेकिन कोई भी योजना फलीभूत नहीं हो पाई। वन विभाग की ओर से वर्ष 2024 में सड़क को छोड़कर वन सीमा पर करीब 1.5 किमी. लंबी तारबाड़ लगाने और इसके पास मधुमक्खियों के बॉक्स रखने की योजना प्रस्तावित की।
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प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद पिछले साल वन विभाग ने वन सीमा पर 10 लाख रुपये के बजट से 1.5 किमी. लंबी तारबाड़ बनाने के साथ ही उसके समीप मधुमक्खियों के करीब 98 बॉक्स रखे। मधुमक्खियां लाकर पेटी में डाली भी गई लेकिन मधुमक्खियां बॉक्स में नहीं रुकी। वर्तमान में बॉक्स बदहाल पड़े हैं।
क्षेत्र के इंद्रमोहन जुयाल ने बताया कि वन विभाग से कई बार गुहार लगाने के बाद भी बॉक्स में मधुमक्खियाें के छत्ते न डालने से योजना का लाभ काश्तकारों को नहीं मिल पा रहा है। शिकायत के बाद एसडीओ ने मौका मुआयना भी किया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने वन विभाग से बॉक्स में दोबारा मधुमक्खियां डालने की मांग की है।
एसडीओ के नेतृत्व में गांव पहुंचकर मौका मुआयना करने के बाद इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर डीएफओ को भेजी गई है। फिलहाल इस बाबत उच्चाधिकारियों से अभी कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
- रमेश चंद्र नेगी, रेंजर दुगड्डा।