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Kotdwar News: मोरी में वनाग्नि रोकथाम पर प्रशिक्षण व मॉक अभ्यास
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Tue, 10 Mar 2026 06:22 PM IST
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पुरोला। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सौजन्य से टौंस वन प्रभाग व गोविंद वन्यजीव विहार की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर प्रशिक्षण कार्यशाला व मॉक अभ्यास का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मास्टर ट्रेनर मस्तान भंडारी ने आपदा प्रबंधन, खोज एवं बचाव उपकरणों के उपयोग, सैटेलाइट फोन की कार्य प्रणाली, राज्य व जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र तथा 108 व 112 जैसे आपातकालीन नंबरों की जानकारी दी। एसडीआरएफ टीम के पंकज घिल्डियाल ने वनाग्नि के दौरान घायलों के रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया समझाई।
फायर आरक्षी नरेश सेमवाल ने वनाग्नि व घरेलू आग की घटनाओं से निपटने व वन संपदा को सुरक्षित रखने के लिए उपयोगी उपकरणों के प्रयोग के बारे में बताया। चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन नेगी ने वनाग्नि में घायल व्यक्तियों को दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार की जानकारी दी। टौंस वन प्रभाग के एसडीओ विकास रावत ने बताया कि कार्यशाला में वन प्रभाग सीगतूर, सांद्रा, देवता, कोटिगाड़ रेंज, गोविंद वन्यजीव विहार राष्ट्रीय पार्क के रुपिन व सुपिन क्षेत्र, सांकरी रेंज तथा वन निगम के कर्मियों सहित अन्य विभागों के करीब 80 अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। संवाद
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फायर आरक्षी नरेश सेमवाल ने वनाग्नि व घरेलू आग की घटनाओं से निपटने व वन संपदा को सुरक्षित रखने के लिए उपयोगी उपकरणों के प्रयोग के बारे में बताया। चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन नेगी ने वनाग्नि में घायल व्यक्तियों को दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार की जानकारी दी। टौंस वन प्रभाग के एसडीओ विकास रावत ने बताया कि कार्यशाला में वन प्रभाग सीगतूर, सांद्रा, देवता, कोटिगाड़ रेंज, गोविंद वन्यजीव विहार राष्ट्रीय पार्क के रुपिन व सुपिन क्षेत्र, सांकरी रेंज तथा वन निगम के कर्मियों सहित अन्य विभागों के करीब 80 अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। संवाद