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Kotdwar News: सशक्तीकरण के लिए महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदलना जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sat, 14 Mar 2026 05:59 PM IST
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पीजी कॉलेज में हुए सेमिनार में अतिथियों व आयोजकों ने लिया नारी सशक्तीकरण का संकल्प
कोटद्वार। पीजी कॉलेज में माइक्रो फाइनेंस फॉर वूमेन इंपावरमेंट एंड रिडक्शन इन रूरल आउट माइग्रेशन : माइक्रो एविडेंस फ्रॉम उत्तराखंड स्टेट विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शनिवार को समापन हो गया। वक्ताओं ने सशक्तीकरण के लिए महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदलने पर जोर दिया।
पीजी कॉलेज के सेमिनार हॉल में मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने सशक्त उत्तराखंड निर्माण के लिए सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता को निचले स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने संस्कार, संस्कृति और इतिहास पर जोर देते हुए कहा कि परिवार हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। शहीद भगत सिंह कॉलेज/दिल्ली विवि से आए प्रो. डीडी चतुर्वेदी ने कहा कि किसी सहारे का इंतजार किए बिना महिलाओं को अपने विकास के लिए स्वयं प्रयास करना चाहिए। सूक्ष्म वित्त को उन्होंने महिला उत्थान के लिए एक शक्तिशाली साधन बताया।
प्राचार्य प्रो. डीएस नेगी ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए महिलाओं को समानता एवं स्वतंत्रता देने के साथ-साथ महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदलना जरूरी है। उन्होंने पलायन को रोकने के लिए पहाड़ी क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया। यह लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने से संभव होगा। समन्वयक प्रो. प्रीति रानी ने बताया कि सेमिनार में देश के 17 राज्यों से 205 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए।
आयोजन सचिव डॉ. अंशिका बंसल ने कहा कि महिला सशक्तीकरण से ही उत्तराखंड से पलायन को रोका जा सकता है। वाणिज्य विभाग के प्राध्यापक डॉ. संतोष गुप्ता आभार जताया। डॉ. रोशनी असवाल के संचालन में सेमिनार में प्रो. बसंतिका कश्यप, प्रो. आरएस चौहान, प्रो. आदेश कुमार, प्रो. राखी डिमरी, डॉ. प्रवीण जोशी समेत कई प्राध्यापक उपस्थित रहे।
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पीजी कॉलेज के सेमिनार हॉल में मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने सशक्त उत्तराखंड निर्माण के लिए सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता को निचले स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने संस्कार, संस्कृति और इतिहास पर जोर देते हुए कहा कि परिवार हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। शहीद भगत सिंह कॉलेज/दिल्ली विवि से आए प्रो. डीडी चतुर्वेदी ने कहा कि किसी सहारे का इंतजार किए बिना महिलाओं को अपने विकास के लिए स्वयं प्रयास करना चाहिए। सूक्ष्म वित्त को उन्होंने महिला उत्थान के लिए एक शक्तिशाली साधन बताया।
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प्राचार्य प्रो. डीएस नेगी ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए महिलाओं को समानता एवं स्वतंत्रता देने के साथ-साथ महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदलना जरूरी है। उन्होंने पलायन को रोकने के लिए पहाड़ी क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया। यह लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने से संभव होगा। समन्वयक प्रो. प्रीति रानी ने बताया कि सेमिनार में देश के 17 राज्यों से 205 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए।
आयोजन सचिव डॉ. अंशिका बंसल ने कहा कि महिला सशक्तीकरण से ही उत्तराखंड से पलायन को रोका जा सकता है। वाणिज्य विभाग के प्राध्यापक डॉ. संतोष गुप्ता आभार जताया। डॉ. रोशनी असवाल के संचालन में सेमिनार में प्रो. बसंतिका कश्यप, प्रो. आरएस चौहान, प्रो. आदेश कुमार, प्रो. राखी डिमरी, डॉ. प्रवीण जोशी समेत कई प्राध्यापक उपस्थित रहे।