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Kotdwar News: बरसात में चार गांवों पर मंडराया खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Tue, 23 Jun 2026 07:24 PM IST
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ग्रामीणों ने मालन नदी व बरसाती नालों के चैनेलाइजेशन और सुरक्षा दीवार निर्माण की उठाई मांग
कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक के अंतर्गत ग्रामसभा बिजनूर के चार गांवों को आगामी बरसात में मालन नदी के उफान से नुकसान पहुंचने की आशंका है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने मालन नदी और बरसाती नालों का चैनेलाइजेशन करने के साथ ही सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की है। इस संबंध में सिंचाई सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ऋषि कंडवाल को ज्ञापन सौंपा गया है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा कि ग्रामसभा बिजनूर के अंतर्गत बिजनूर, बडोलगांव, मलनिया और मांडई क्षेत्र में हर वर्ष अतिवृष्टि के दौरान मालन नदी और बरसाती नालों में भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर बहकर आते हैं। इससे क्षेत्र में भू-कटाव की समस्या लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि भू-कटाव के कारण घरों, गोशालाओं, पंचायत घर, न्याय पंचायत भवन, बारात घर और गौरजा माता मंदिर को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने ने कहा कि नदी में लगातार जमा हो रहे मलबे के कारण नदी का स्तर कई स्थानों पर गांव के घरों के समीप तक ऊंचा हो गया है। ऐसे में आगामी मानसून के दौरान किसी बड़ी आपदा की आशंका से ग्रामीण चिंतित हैं। सूचना मिलने पर सिंचाई सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ऋषि कंडवाल ने क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।
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ऋषि कंडवाल ने ग्रामीणों को समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों से आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। ज्ञापन सौंपने वालों में समाजसेवी अनुसूया प्रसाद काला, ग्राम प्रधान हिमानी मैठाणी, पूर्व प्रधान सुनील काला, हेमंत काला, अभिषेक काला, संतन मोहन, संगीता देवी, कमला देवी, राजेश काला, संदीप कुमार आदि शामिल रहे।
कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक के अंतर्गत ग्रामसभा बिजनूर के चार गांवों को आगामी बरसात में मालन नदी के उफान से नुकसान पहुंचने की आशंका है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने मालन नदी और बरसाती नालों का चैनेलाइजेशन करने के साथ ही सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की है। इस संबंध में सिंचाई सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ऋषि कंडवाल को ज्ञापन सौंपा गया है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा कि ग्रामसभा बिजनूर के अंतर्गत बिजनूर, बडोलगांव, मलनिया और मांडई क्षेत्र में हर वर्ष अतिवृष्टि के दौरान मालन नदी और बरसाती नालों में भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर बहकर आते हैं। इससे क्षेत्र में भू-कटाव की समस्या लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि भू-कटाव के कारण घरों, गोशालाओं, पंचायत घर, न्याय पंचायत भवन, बारात घर और गौरजा माता मंदिर को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
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ग्रामीणों ने ने कहा कि नदी में लगातार जमा हो रहे मलबे के कारण नदी का स्तर कई स्थानों पर गांव के घरों के समीप तक ऊंचा हो गया है। ऐसे में आगामी मानसून के दौरान किसी बड़ी आपदा की आशंका से ग्रामीण चिंतित हैं। सूचना मिलने पर सिंचाई सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ऋषि कंडवाल ने क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।
ऋषि कंडवाल ने ग्रामीणों को समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों से आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। ज्ञापन सौंपने वालों में समाजसेवी अनुसूया प्रसाद काला, ग्राम प्रधान हिमानी मैठाणी, पूर्व प्रधान सुनील काला, हेमंत काला, अभिषेक काला, संतन मोहन, संगीता देवी, कमला देवी, राजेश काला, संदीप कुमार आदि शामिल रहे।