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Kotdwar News: उच्च शिक्षा के लिए अब नहीं भटकेंगी बेटियां, छात्रावास में रहकर पढ़ सकेंगी
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sat, 21 Feb 2026 04:45 PM IST
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पीजी कॉलेज जयहरीखाल में छात्रावास सुविधा से पहाड़ की बेटियों को मिलेगा लाभ
जयहरीखाल। पर्वतीय क्षेत्र की बेटियों की शिक्षा पर अब विराम नहीं लगेगा। उच्च शिक्षा पाने के लिए अब उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा। पहाड़ की बेटियां राजकीय पीजी कॉलेज जयहरीखाल में नवनिर्मित छात्रावास में रहकर स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी।
लैंसडौन विधानसभा क्षेत्र के तहत राजकीय पीजी कॉलेज जयहरीखाल में लंबे समय से छात्रावास की मांग चल रही थी। हालांकि जारी शिक्षा सत्र के मध्य में छात्रावास बनकर तैयार हो गया था लेकिन चहारदीवारी के अभाव में छात्राओं के लिए इसे असुरक्षित महसूस किया जा रहा था। अब चहारदीवारी बनने से छात्रावास का सीधा लाभ उन छात्राओं को मिलेगा जो पहाड़ी और दुर्गम गांवों से जयहरीखाल में आकर उच्च शिक्षा ग्रहण करना चाहती हैं।
वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि अब बेटियों को शिक्षा के लिए बाहर शहरों की ओर भेजने की मजबूरी कम होगी। पहले कई परिवार सुरक्षा और संसाधनों के अभाव में बेटियों को आगे पढ़ाने से हिचकते थे लेकिन छात्रावास सुविधा शुरू होने से अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है और क्षेत्र में बालिकाओं की उच्च शिक्षा को नई गति मिली है।
महाविद्यालय में हालांकि छात्र भी पढ़ते हैं, लेकिन छात्रावास की सुविधा केवल छात्राओं को मिलेगी। उम्मीद है कि उच्च शिक्षा के लिए पहाड़ से पलायन करने वाली बेटियां छात्रावास में रहकर स्नातक व स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल कर आगे बढ़ेंगी। -प्रो. एलआर राजवंशी, प्राचार्या (फोटो)
छात्राओं का दूरदराज के गांवों से रोजाना आवागमन संभव नहीं था। छात्रावास सुविधा मिलने से अब पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे पा रही हूं। सुरक्षित माहौल में रहकर पढ़ने से आगे बढ़ने का आत्मविश्वास मिला है। निश्चित ही अन्य छात्राएं इसका लाभ उठाएंगी। -तनीषा, छात्रा (फोटो)
पहाड़ में बेटियों की शिक्षा को लेकर हमेशा चिंता रहती थी। छात्रावास शुरू होने से बड़ा भरोसा मिला है। अब हमारी बेटियां अपने ही क्षेत्र में सुरक्षित रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी। मन-मस्तिष्क से काफी बोझ कम हुआ है। -विनीता देवी (फोटो)
वर्तमान में छात्रावास में 8 छात्राएं रह रही हैं। नए शैक्षिक सत्र से छात्राओं की संख्या बढ़ेगी। छात्रावास में सुरक्षा की दृष्टि से चहारदीवारी सहित सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बिजली-पानी का व्यापक इंतजाम किया गया है। -डॉ. प्रीति रावत, प्रभारी वार्डन (फोटो)
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जयहरीखाल। पर्वतीय क्षेत्र की बेटियों की शिक्षा पर अब विराम नहीं लगेगा। उच्च शिक्षा पाने के लिए अब उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा। पहाड़ की बेटियां राजकीय पीजी कॉलेज जयहरीखाल में नवनिर्मित छात्रावास में रहकर स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी।
लैंसडौन विधानसभा क्षेत्र के तहत राजकीय पीजी कॉलेज जयहरीखाल में लंबे समय से छात्रावास की मांग चल रही थी। हालांकि जारी शिक्षा सत्र के मध्य में छात्रावास बनकर तैयार हो गया था लेकिन चहारदीवारी के अभाव में छात्राओं के लिए इसे असुरक्षित महसूस किया जा रहा था। अब चहारदीवारी बनने से छात्रावास का सीधा लाभ उन छात्राओं को मिलेगा जो पहाड़ी और दुर्गम गांवों से जयहरीखाल में आकर उच्च शिक्षा ग्रहण करना चाहती हैं।
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वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि अब बेटियों को शिक्षा के लिए बाहर शहरों की ओर भेजने की मजबूरी कम होगी। पहले कई परिवार सुरक्षा और संसाधनों के अभाव में बेटियों को आगे पढ़ाने से हिचकते थे लेकिन छात्रावास सुविधा शुरू होने से अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है और क्षेत्र में बालिकाओं की उच्च शिक्षा को नई गति मिली है।
महाविद्यालय में हालांकि छात्र भी पढ़ते हैं, लेकिन छात्रावास की सुविधा केवल छात्राओं को मिलेगी। उम्मीद है कि उच्च शिक्षा के लिए पहाड़ से पलायन करने वाली बेटियां छात्रावास में रहकर स्नातक व स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल कर आगे बढ़ेंगी। -प्रो. एलआर राजवंशी, प्राचार्या (फोटो)
छात्राओं का दूरदराज के गांवों से रोजाना आवागमन संभव नहीं था। छात्रावास सुविधा मिलने से अब पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे पा रही हूं। सुरक्षित माहौल में रहकर पढ़ने से आगे बढ़ने का आत्मविश्वास मिला है। निश्चित ही अन्य छात्राएं इसका लाभ उठाएंगी। -तनीषा, छात्रा (फोटो)
पहाड़ में बेटियों की शिक्षा को लेकर हमेशा चिंता रहती थी। छात्रावास शुरू होने से बड़ा भरोसा मिला है। अब हमारी बेटियां अपने ही क्षेत्र में सुरक्षित रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी। मन-मस्तिष्क से काफी बोझ कम हुआ है। -विनीता देवी (फोटो)
वर्तमान में छात्रावास में 8 छात्राएं रह रही हैं। नए शैक्षिक सत्र से छात्राओं की संख्या बढ़ेगी। छात्रावास में सुरक्षा की दृष्टि से चहारदीवारी सहित सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बिजली-पानी का व्यापक इंतजाम किया गया है। -डॉ. प्रीति रावत, प्रभारी वार्डन (फोटो)