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Kotdwar News: झवाणा पेयजल योजना से नहीं हो रही आपूर्ति, ग्रामीणों के हलक सूखे
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Tue, 17 Feb 2026 05:48 PM IST
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499 लाख की लागत से प्रस्तावित पंपिंग पेयजल योजना से होनी थी 24 गांवों को आपूर्ति
कोटद्वार। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर जल, घर-घर नल योजना से सेवित 24 गांवों के लोगों को पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पेयजल आपूर्ति नहीं होने से गांवों में लगे स्टैंड पोस्ट शोपीस बने हैं। हालत यह है कि ग्रामीण स्रोतों व पुरानी पेयजल लाइनों से ही सिर पर पानी ढोकर अपने हलक तर कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथी कोरिडोर क्षेत्र में पेयजल लाइन को भूमिगत नहीं किए जाने से लाइन क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है।
अस्सी के दशक में ग्राम पंचायत आमसौड़, जमरगड्डी, सिमलचौड़ व भानकोट के 24 राजस्व गांवों के लिए शासन ने स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत सिलगाड नदी में धोबीघाट-गुनी बस्यूर-धरियालसार पेयजल योजना निर्माण को स्वीकृति प्रदान की थी। इसके तहत धोबीघाट से चौकीसेरा होते हुए जमरगड्डी के धरियालसार गांव तक 42 किमी पेयजल लाइन बिछाई गई।
शुरुआत में ग्रामीणों को पर्याप्त पानी मिलता रहा। बाद में देखरेख के अभाव में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए पेयजल निगम ने जल जीवन मिशन में झवाणा पंपिंग योजना प्रस्तावित की। वर्ष 2023 में शासन ने इसे मंजूरी प्रदान करते हुए 499 लाख की धनराशि स्वीकृत की। धनराशि स्वीकृत होने के बाद कार्यदायी संस्था पेयजल निगम कोटद्वार ने जुलाई, 2023 को चौकीसेरा में बोरिंग का कार्य शुरू किया। इसके बाद मोडाखाल से अल्दावा तक पाइप लाइन बिछाई गई। ब्राह्मण बस्यूर गांव में 20 किलोलीटर का टैंक व पंप हाउस का निर्माण कार्य कराया गया। अल्दावा गांव में 50 किलोलीटर के टैंक निर्माण का कार्य भी कराया गया।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख भुवनेश खर्कवाल ने कहा कि योजना का कार्य तीन साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेयजल लाइन के पाइप भूमिगत किए जाने थे लेकिन कई जगहों पर भूमिगत नहीं की गई है। सेवित ग्रामों में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई है जिससे गांवों में लगे स्टैंडपोस्ट शोपीस बने हुए हैं।
ब्राह्मण बस्यूर गांव में कुछ लोगों द्वारा मेन लाइन से गुपचुप तरीके से अवैध कनेक्शन किए जाने से अल्दावा स्थित मेन टैंक में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जनता दरबार में आरोपी ग्रामीण के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे जिस पर आरोपी के खिलाफ राजस्व पुलिस को तहरीर दे दी गई है।
- आशीष मिश्रा, अधिशासी अभियंता, पेयजल निगम कोटद्वार।
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कोटद्वार। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर जल, घर-घर नल योजना से सेवित 24 गांवों के लोगों को पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पेयजल आपूर्ति नहीं होने से गांवों में लगे स्टैंड पोस्ट शोपीस बने हैं। हालत यह है कि ग्रामीण स्रोतों व पुरानी पेयजल लाइनों से ही सिर पर पानी ढोकर अपने हलक तर कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथी कोरिडोर क्षेत्र में पेयजल लाइन को भूमिगत नहीं किए जाने से लाइन क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है।
अस्सी के दशक में ग्राम पंचायत आमसौड़, जमरगड्डी, सिमलचौड़ व भानकोट के 24 राजस्व गांवों के लिए शासन ने स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत सिलगाड नदी में धोबीघाट-गुनी बस्यूर-धरियालसार पेयजल योजना निर्माण को स्वीकृति प्रदान की थी। इसके तहत धोबीघाट से चौकीसेरा होते हुए जमरगड्डी के धरियालसार गांव तक 42 किमी पेयजल लाइन बिछाई गई।
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शुरुआत में ग्रामीणों को पर्याप्त पानी मिलता रहा। बाद में देखरेख के अभाव में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए पेयजल निगम ने जल जीवन मिशन में झवाणा पंपिंग योजना प्रस्तावित की। वर्ष 2023 में शासन ने इसे मंजूरी प्रदान करते हुए 499 लाख की धनराशि स्वीकृत की। धनराशि स्वीकृत होने के बाद कार्यदायी संस्था पेयजल निगम कोटद्वार ने जुलाई, 2023 को चौकीसेरा में बोरिंग का कार्य शुरू किया। इसके बाद मोडाखाल से अल्दावा तक पाइप लाइन बिछाई गई। ब्राह्मण बस्यूर गांव में 20 किलोलीटर का टैंक व पंप हाउस का निर्माण कार्य कराया गया। अल्दावा गांव में 50 किलोलीटर के टैंक निर्माण का कार्य भी कराया गया।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख भुवनेश खर्कवाल ने कहा कि योजना का कार्य तीन साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेयजल लाइन के पाइप भूमिगत किए जाने थे लेकिन कई जगहों पर भूमिगत नहीं की गई है। सेवित ग्रामों में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई है जिससे गांवों में लगे स्टैंडपोस्ट शोपीस बने हुए हैं।
ब्राह्मण बस्यूर गांव में कुछ लोगों द्वारा मेन लाइन से गुपचुप तरीके से अवैध कनेक्शन किए जाने से अल्दावा स्थित मेन टैंक में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जनता दरबार में आरोपी ग्रामीण के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे जिस पर आरोपी के खिलाफ राजस्व पुलिस को तहरीर दे दी गई है।
- आशीष मिश्रा, अधिशासी अभियंता, पेयजल निगम कोटद्वार।