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गुलदार की दहशत : ग्रामीणों ने घरों के पास की झाड़ियां काटी, वन कर्मियों ने तलाशे फुट प्रिंट
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Tue, 27 Jan 2026 07:26 PM IST
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वन विभाग ने बरस्वार गांव में ग्रामीणों के संग की बैठक
दो पिंजरे, शूटर की तैनाती के साथ 18 वनकर्मियों की चार टीमों में गांव में डाला डेरा
संवाद न्यूज एजेंसी
लैंसडौन/कोटद्वार। लैंसडौन तहसील के गुलदार प्रभावित बरस्वार गांव में विगत 24 जनवरी को गुलदार के हमले में डेढ़ वर्षीय मासूम यशिका की मौत के बाद दहशत बनी हुई है। मंगलवार को ग्रामीणों ने अपने घराें के आगे उगी झाड़ियों का कटान किया। वन विभाग की ओर से गांव में पांच कैमरा ट्रैप और लगा दिए गए हैं जिससे अब 17 कैमरा ट्रैप से गुलदार की निगरानी की जा रही है। वन कर्मियों ने गांव के आसपास के स्रोत व पैदल बटिया पर गुलदार के फुट प्रिंट भी तलाश किए।
ग्राम प्रधान दिनेश चंद्र सिंह, पूर्व प्रधान ध्यान सिंह व ग्रामीण पिंटू असवाल ने बताया कि सोमवार व मंगलवार को दोनों ही दिन गुलदार की मूवमेंट कहीं नजर नहीं आई है। शाम ढलते ही लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। उधर, लैंसडौन के रेंजर राकेश चंद्र ने बताया कि प्रभावित गांव में अन्य घरों से दूर एक जगह पर अकेला परिवार रह रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से वहां पर भी पांच कैमरा ट्रैप लगा दिए गए हैं।
गांव में कुल 17 कैमरा ट्रैप व दो पिंजरे लगाए गए हैं। शूटर के साथ 18 वनकर्मियों की चार टीमें गांव में डेरा डाले हुए है। प्रभावित क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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ग्राम प्रधान दिनेश चंद्र सिंह, पूर्व प्रधान ध्यान सिंह व ग्रामीण पिंटू असवाल ने बताया कि सोमवार व मंगलवार को दोनों ही दिन गुलदार की मूवमेंट कहीं नजर नहीं आई है। शाम ढलते ही लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। उधर, लैंसडौन के रेंजर राकेश चंद्र ने बताया कि प्रभावित गांव में अन्य घरों से दूर एक जगह पर अकेला परिवार रह रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से वहां पर भी पांच कैमरा ट्रैप लगा दिए गए हैं।
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गांव में कुल 17 कैमरा ट्रैप व दो पिंजरे लगाए गए हैं। शूटर के साथ 18 वनकर्मियों की चार टीमें गांव में डेरा डाले हुए है। प्रभावित क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है।