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Kotdwar News: मोबाइल पर बात करने के लिए जाना पड़ता है ऊंची चोटी पर
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 15 Mar 2026 04:52 PM IST
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कण्वाश्रम में मोबाइल नेटवर्क की स्थिति दयनीय, नहीं हो पाती बात
स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटक भी होते हैं परेशान, क्षेत्रवासी कर रहे मोबाइल टावर लगाने की मांग
कोटद्वार। उत्तराखंड के ऐतिहासिक व पौराणिक स्थल कण्वाश्रम में मोबाइल नेटवर्क की स्थिति तक ठीक नहीं है जिससे स्थानीय निवासियों के साथ ही पर्यटकों को भी जूझना पड़ रहा है। यहां के जीएमवीएन गेस्ट हाउस में ठहरने वाले पर्यटकों को मोबाइल पर बात करने के लिए ऊंचे स्थान पर जाना पड़ता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मोबाइल कनेक्टिविटी ठीक नहीं होने से पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हो रही है। कण्वाश्रम में मोबाइल टावर लगने से ही दूरसंचार की बेहतर कनेक्टिविटी हो सकती है।
कोटद्वार से करीब 16 किमी दूर मालिनी (मालन) नदी के तट पर स्थित कण्वाश्रम एक ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल है। इसी कण्वाश्रम में देश को नाम देने वाले चक्रवर्ती सम्राट भरत का जन्म हुआ था। कण्वाश्रम को भले ही अन्य स्थलों की तरह व्यापक प्रचार प्रसार नहीं मिल पाया लेकिन देश के कई भागों से पर्यटक यहां पहुंचते हैं। पूर्व बीडीसी सदस्य श्याम सुंदर कंडवाल, विमल कुमार, जयपाल सिंह, शिक्षाविद् शिव प्रसाद उनियाल, समाजसेवी जगदंबा प्रसाद उनियाल का कहना है कि कण्वाश्रम ऐतिहासिक स्थल है। यहां पर अन्य विकास कार्य से पहले संचार सुविधा बेहतर किए जाने की जरूरत है।
कण्वाश्रम को देखने के लिए काफी पर्यटक आते हैं, लेकिन मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क की दिक्कत के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
राजेंद्र प्रसाद बलूनी, निवासी कण्वाश्रम (फोटो)
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कण्वाश्रम जैसे ऐतिहासिक स्थल पर बुनियादी संचार सुविधाओं का अभाव है। यहां थोड़ा बहुत नेटवर्क कलालघाटी और मवाकोट में लगे मोबाइल टावर से पकड़ता है।
श्याम सुंदर कंडवाल, निवासी उदयरामपुर (फोटो)
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कण्वाश्रम में मोबाइल नेटवर्क बहुत कमजोर है। पर्यटक यहां फोन कॉल, इंटरनेट और ऑनलाइन मैप का उपयोग नहीं कर पाते। यहां मोबाइल टावर लगाने की जरूरत है।
विमल कुमार, निवासी उदयरामपुर (फोटो)
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कण्वाश्रम में आपात स्थिति में संपर्क करना भी मुश्किल हो जाता है। कई पर्यटक परिवार या अन्य लोगों से संपर्क न कर पाने के कारण परेशान हो जाते हैं।
जयपाल सिंह, निवासी कण्वघाटी (फोटो)
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स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटक भी होते हैं परेशान, क्षेत्रवासी कर रहे मोबाइल टावर लगाने की मांग
कोटद्वार। उत्तराखंड के ऐतिहासिक व पौराणिक स्थल कण्वाश्रम में मोबाइल नेटवर्क की स्थिति तक ठीक नहीं है जिससे स्थानीय निवासियों के साथ ही पर्यटकों को भी जूझना पड़ रहा है। यहां के जीएमवीएन गेस्ट हाउस में ठहरने वाले पर्यटकों को मोबाइल पर बात करने के लिए ऊंचे स्थान पर जाना पड़ता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मोबाइल कनेक्टिविटी ठीक नहीं होने से पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हो रही है। कण्वाश्रम में मोबाइल टावर लगने से ही दूरसंचार की बेहतर कनेक्टिविटी हो सकती है।
कोटद्वार से करीब 16 किमी दूर मालिनी (मालन) नदी के तट पर स्थित कण्वाश्रम एक ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल है। इसी कण्वाश्रम में देश को नाम देने वाले चक्रवर्ती सम्राट भरत का जन्म हुआ था। कण्वाश्रम को भले ही अन्य स्थलों की तरह व्यापक प्रचार प्रसार नहीं मिल पाया लेकिन देश के कई भागों से पर्यटक यहां पहुंचते हैं। पूर्व बीडीसी सदस्य श्याम सुंदर कंडवाल, विमल कुमार, जयपाल सिंह, शिक्षाविद् शिव प्रसाद उनियाल, समाजसेवी जगदंबा प्रसाद उनियाल का कहना है कि कण्वाश्रम ऐतिहासिक स्थल है। यहां पर अन्य विकास कार्य से पहले संचार सुविधा बेहतर किए जाने की जरूरत है।
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कण्वाश्रम को देखने के लिए काफी पर्यटक आते हैं, लेकिन मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क की दिक्कत के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
राजेंद्र प्रसाद बलूनी, निवासी कण्वाश्रम (फोटो)
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श्याम सुंदर कंडवाल, निवासी उदयरामपुर (फोटो)
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कण्वाश्रम में मोबाइल नेटवर्क बहुत कमजोर है। पर्यटक यहां फोन कॉल, इंटरनेट और ऑनलाइन मैप का उपयोग नहीं कर पाते। यहां मोबाइल टावर लगाने की जरूरत है।
विमल कुमार, निवासी उदयरामपुर (फोटो)
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जयपाल सिंह, निवासी कण्वघाटी (फोटो)