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Kotdwar News: यूपी से कोटद्वार आने वालों की कट रही जेब, रोष
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 20 May 2026 06:04 PM IST
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रोजाना आवाजाही करने वालों से भी हो रही ग्रीन सेस की कटौती
कोटद्वार। चार पहिया वाहनों से अन्य राज्यों से उत्तराखंड में आने वालों पर ग्रीन सेस शुल्क लागू किया गया है। इस व्यवस्था का दंश उन लोगों को भुगतना पड़ रहा है जो यूपी के सीमांत क्षेत्रों से रोजाना ही कोटद्वार आवाजाही करते हैं। कार से आने वाले लोगों को रोजाना ही शुल्क वहन करना पड़ रहा है। उन्हें ग्रीन सेस में कोई छूट नहीं मिल रही है और न ही विभाग की ओर से मासिक पास बनाने की कोई व्यवस्था शुरू की गई है।
उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश सीमा पर कौड़िया पुलिस चौकी क्षेत्र में ग्रीन सेस संयंत्र लगाया गया है। गैर राज्यों में पंजीकृत चार पहिया वाहन के उत्तर प्रदेश की ओर से उत्तराखंड के कोटद्वार सीमा में प्रवेश करते ही स्वचालित संयंत्र स्वत: ही एक्टिव हो जाता है और वाहन स्वामी के पास ग्रीन सेस शुल्क का मैसेज पहुंच रहा है। उनके खाते से श्रेणीवार शुल्क की राशि की कटौती की जा रही है। ऐसे लोगों का कहना है कि उन्होंने एकमुश्त धनराशि जमा कर पास बनवाना चाहा लेकिन उन्हें सही जानकारी नहीं मिल सकी। रोजाना न्यूनतम 80 रुपये का खर्च वहन करना पड़ रहा है जबकि वे कुछ घंटे कोटद्वार में ही रुककर वापस लौट जाते हैं।
-बोले वाहन चालक
मेरा आवास नजीबाबाद में है। मैं कोटद्वार में जॉब करता हूं। यहां हर दिन आना पड़ता है। कभी-कभी दिन में दो बार भी आना-जाना होता है। हर दिन ग्रीन सेस का शुल्क अतिरिक्त भार की तरह लग रहा है। दैनिक आवाजाही करने वालों के पास बनाकर उन्हें छूट दी जानी चाहिए। -अनुराग भारती, आदर्शनगर, नजीबाबाद। (फोटो)
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इतना तो नजीबाबाद से कोटद्वार तक पहुंचने में खर्च नहीं आता, जितना शुल्क ग्रीन सेस के नाम पर वसूला जा रहा है। मेरी तरह दर्जनों लोग रोजाना कोटद्वार आते-जाते हैं। कौड़िया क्षेत्र में ही मासिक पास बनाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। -विनीत कुमार, नजीबाबाद। (फोटो)
ग्रीन सेस भुगतान संबंधी मासिक पास अभी एआरटीओ कार्यालय कोटद्वार से बनने शुरू नहीं हुए हैं। यह ट्रांसपोर्ट कमिश्नर कार्यालय देहरादून से संपर्क कर बनवाए जा सकते हैं। -शशि दुबे, एआरटीओ प्रवर्तन, कोटद्वार।
कोटद्वार। चार पहिया वाहनों से अन्य राज्यों से उत्तराखंड में आने वालों पर ग्रीन सेस शुल्क लागू किया गया है। इस व्यवस्था का दंश उन लोगों को भुगतना पड़ रहा है जो यूपी के सीमांत क्षेत्रों से रोजाना ही कोटद्वार आवाजाही करते हैं। कार से आने वाले लोगों को रोजाना ही शुल्क वहन करना पड़ रहा है। उन्हें ग्रीन सेस में कोई छूट नहीं मिल रही है और न ही विभाग की ओर से मासिक पास बनाने की कोई व्यवस्था शुरू की गई है।
उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश सीमा पर कौड़िया पुलिस चौकी क्षेत्र में ग्रीन सेस संयंत्र लगाया गया है। गैर राज्यों में पंजीकृत चार पहिया वाहन के उत्तर प्रदेश की ओर से उत्तराखंड के कोटद्वार सीमा में प्रवेश करते ही स्वचालित संयंत्र स्वत: ही एक्टिव हो जाता है और वाहन स्वामी के पास ग्रीन सेस शुल्क का मैसेज पहुंच रहा है। उनके खाते से श्रेणीवार शुल्क की राशि की कटौती की जा रही है। ऐसे लोगों का कहना है कि उन्होंने एकमुश्त धनराशि जमा कर पास बनवाना चाहा लेकिन उन्हें सही जानकारी नहीं मिल सकी। रोजाना न्यूनतम 80 रुपये का खर्च वहन करना पड़ रहा है जबकि वे कुछ घंटे कोटद्वार में ही रुककर वापस लौट जाते हैं।
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-बोले वाहन चालक
मेरा आवास नजीबाबाद में है। मैं कोटद्वार में जॉब करता हूं। यहां हर दिन आना पड़ता है। कभी-कभी दिन में दो बार भी आना-जाना होता है। हर दिन ग्रीन सेस का शुल्क अतिरिक्त भार की तरह लग रहा है। दैनिक आवाजाही करने वालों के पास बनाकर उन्हें छूट दी जानी चाहिए। -अनुराग भारती, आदर्शनगर, नजीबाबाद। (फोटो)
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