{"_id":"6a6df8c2fc0cc0c29003915d","slug":"salary-and-allowances-should-be-recovered-from-the-dismissed-teacher-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1009-125456-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: बर्खास्त शिक्षक से वेतन-भत्तों की हो रिकवरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: बर्खास्त शिक्षक से वेतन-भत्तों की हो रिकवरी
Sat, 01 Aug 2026 07:16 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sat, 01 Aug 2026 07:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष ने जिम्मेदार अधिकारियों पर भी की कार्रवाई की मांग
कोटद्वार। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने बर्खास्त शिक्षक नफीस अहमद से पूरे सेवा काल के दौरान प्राप्त वेतन और अन्य वित्तीय लाभों की रिकवरी किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक शिक्षक की बर्खास्तगी तक सीमित नहीं है बल्कि भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
जारी बयान में राम कंडवाल ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने नियमों के विपरीत सरकारी नौकरी प्राप्त की है तो सेवा अवधि में मिले वेतन और अन्य वित्तीय लाभों की वसूली की जानी चाहिए। साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस मामले को उन्होंने लगातार उठाया था।
वहीं, कोटद्वार के एक स्थानीय पार्षद की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने विभागीय जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। उन्होंने वर्ष 2023 में नफीस अहमद को दिए गए शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार पर भी सवाल उठाते हुए पुरस्कार चयन प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियां प्रदेश के योग्य युवाओं का अधिकार हैं और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोटद्वार। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने बर्खास्त शिक्षक नफीस अहमद से पूरे सेवा काल के दौरान प्राप्त वेतन और अन्य वित्तीय लाभों की रिकवरी किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक शिक्षक की बर्खास्तगी तक सीमित नहीं है बल्कि भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
जारी बयान में राम कंडवाल ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने नियमों के विपरीत सरकारी नौकरी प्राप्त की है तो सेवा अवधि में मिले वेतन और अन्य वित्तीय लाभों की वसूली की जानी चाहिए। साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस मामले को उन्होंने लगातार उठाया था।
विज्ञापन
वहीं, कोटद्वार के एक स्थानीय पार्षद की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने विभागीय जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। उन्होंने वर्ष 2023 में नफीस अहमद को दिए गए शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार पर भी सवाल उठाते हुए पुरस्कार चयन प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियां प्रदेश के योग्य युवाओं का अधिकार हैं और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।
विज्ञापन