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Kotdwar News: लकड़ी के चूल्हे पर बन रहे समोसे, नवोदय विद्यालय के भोजन में बदलाव
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 19 Mar 2026 07:52 PM IST
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विद्यालय में पहुंचा दिए गए हैं छह व्यावसायिक सिलिंडर
ढाबों सहित मिठाई व समोसे की दुकानों में व्यापारी करने लगे चूल्हे का प्रयोग
उत्तरकाशी। जनपद में रसोई गैस सिलिंडर की स्थिति को देखते हुए पुरोला के धुनगिरी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय प्रबंधन ने छात्र-छात्राओं के भोजन में बदलाव किए हैं। हालांकि बृहस्पतिवार को वहां पर छह व्यावसायिक रसोई गैस सिलिंडर पहुंच गए हैं। उसके बावजूद विद्यालय प्रबंधन की ओर से लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाने की प्रक्रिया को जारी रखा है। साथ ही कई ढाबों सहित मिठाई व समोसे की दुकानों पर अब व्यापारी चूल्हे का प्रयोग करने को मजबूर हैं।
जिला प्रशासन की ओर से दावे किए जा रहे हैं कि जनपद में रसोई गैस सिलिंडर की समस्या नहीं है। साथ ही पंजीकरण होने पर डोर टू डोर सुविधा उपलब्ध करने के आदेश भी किए गए हैं। लोग जनपद मुख्यालय के जोशियाड़ा, तिलोथ आदि स्थानों में सिलिंडर के इंतजार में सुबह से ही बारिश में लाइन लगाकर खड़े हो रहे हैं लेकिन उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है।
दूसरी ओर व्यवसायिक गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण कई ढाबे, मिठाई, चाय-समोसे आदि की दुकानें बंद होने के कगार पर है। व्यापारियों का कहना है कि व्यावसायिक सिलिंडर मिल नहीं रहे। प्रशासन की ओर से घरेलू सिलिंडरों को जब्त किया जा रहा है। इसलिए उन्हें अब अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए लकड़ी के चूल्हों के प्रयोग करना पड़ रहा है।
जवाहर नवोय विद्यालय के प्रधानाचार्य महेश चंद्र का कहना है कि बीच में सिलिंडर की समस्या आने पर छात्र-छात्राओं के भोजन बनाने के लिए लकड़ी के चूल्हे का प्रयोग किया गया। हालांकि अब छह व्यवसायिक सिलिंडर मिल गए हैं लेकिन स्थिति को देखते हुए चूल्हे की सुविधा को भी निरंतर रखा गया है। स्थिति को देखते हुए रोटी आदि में कटौती की गई है।
जिला पूर्ति अधिकारी आशीष कुमार का कहना है कि व्यवसायिक सिलिंडर का स्टॉक मिलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही वितरण भी शुरू किया जाएगा। साथ ही घरेलू गैस सिलिंडर की आपूर्ति सही चल रही है। जनपद मुख्यालय में थोड़ा समस्या आई है। उसका समाधान किया जा रहा है।
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ढाबों सहित मिठाई व समोसे की दुकानों में व्यापारी करने लगे चूल्हे का प्रयोग
उत्तरकाशी। जनपद में रसोई गैस सिलिंडर की स्थिति को देखते हुए पुरोला के धुनगिरी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय प्रबंधन ने छात्र-छात्राओं के भोजन में बदलाव किए हैं। हालांकि बृहस्पतिवार को वहां पर छह व्यावसायिक रसोई गैस सिलिंडर पहुंच गए हैं। उसके बावजूद विद्यालय प्रबंधन की ओर से लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाने की प्रक्रिया को जारी रखा है। साथ ही कई ढाबों सहित मिठाई व समोसे की दुकानों पर अब व्यापारी चूल्हे का प्रयोग करने को मजबूर हैं।
जिला प्रशासन की ओर से दावे किए जा रहे हैं कि जनपद में रसोई गैस सिलिंडर की समस्या नहीं है। साथ ही पंजीकरण होने पर डोर टू डोर सुविधा उपलब्ध करने के आदेश भी किए गए हैं। लोग जनपद मुख्यालय के जोशियाड़ा, तिलोथ आदि स्थानों में सिलिंडर के इंतजार में सुबह से ही बारिश में लाइन लगाकर खड़े हो रहे हैं लेकिन उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है।
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दूसरी ओर व्यवसायिक गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण कई ढाबे, मिठाई, चाय-समोसे आदि की दुकानें बंद होने के कगार पर है। व्यापारियों का कहना है कि व्यावसायिक सिलिंडर मिल नहीं रहे। प्रशासन की ओर से घरेलू सिलिंडरों को जब्त किया जा रहा है। इसलिए उन्हें अब अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए लकड़ी के चूल्हों के प्रयोग करना पड़ रहा है।
जवाहर नवोय विद्यालय के प्रधानाचार्य महेश चंद्र का कहना है कि बीच में सिलिंडर की समस्या आने पर छात्र-छात्राओं के भोजन बनाने के लिए लकड़ी के चूल्हे का प्रयोग किया गया। हालांकि अब छह व्यवसायिक सिलिंडर मिल गए हैं लेकिन स्थिति को देखते हुए चूल्हे की सुविधा को भी निरंतर रखा गया है। स्थिति को देखते हुए रोटी आदि में कटौती की गई है।
जिला पूर्ति अधिकारी आशीष कुमार का कहना है कि व्यवसायिक सिलिंडर का स्टॉक मिलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही वितरण भी शुरू किया जाएगा। साथ ही घरेलू गैस सिलिंडर की आपूर्ति सही चल रही है। जनपद मुख्यालय में थोड़ा समस्या आई है। उसका समाधान किया जा रहा है।