{"_id":"6999ad82c02a1b84130a6c3f","slug":"the-line-was-connected-to-the-stream-leaving-the-original-source-villagers-raised-questions-kotdwar-news-c-54-1-uki1002-118208-2026-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: मूल स्रोत छोड़कर गदेरे से जोड़ी गई लाइन, ग्रामीणों ने खड़े किए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: मूल स्रोत छोड़कर गदेरे से जोड़ी गई लाइन, ग्रामीणों ने खड़े किए सवाल
विज्ञापन
विज्ञापन
बरसात में टूटती लाइन और गहराता जल संकट, ईशाली गांव के 145 परिवारों की बढ़ी मुश्किलें
कार्यदायी संस्था ने डीपीआर के विपरीत बिछाई पेयजल लाइन, ग्रामीणों में रोष
पुरोला। जल जीवन मिशन के तहत 2 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से निर्मित थुनारा–डामटी पेयजल योजना पर ईशाली गांव के ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि योजना की डीपीआर में चयनित मूल स्रोत सिशोना तोक से लाइन बिछाने के बजाय कार्यदायी संस्था ने गांव से करीब तीन किमी दूर खनवाटा तोक गदेरे के पारंपरिक स्रोत से पाइप लाइन जोड़ दी है।
गांव की पूर्व उप प्रधान रोहिला देवी, रंगिता, प्रीति राणा आदि ने बताया कि डीपीआर में स्पष्ट उल्लेख था कि ईशाली गांव के 145 परिवारों के लिए लगभग आठ किमी दूर स्थित सिशोना तोक के स्रोत से पेयजल लाइन बिछाई जानी थी लेकिन ठेकेदार की ओर से गदेरे के बीचों-बीच पाइप लाइन डाल दी गई है।
इससे बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से पाइप लाइन बार-बार क्षतिग्रस्त होती है जिससे गांव में जल संकट उत्पन्न हो जाता है। साथ ही गदेरे के पारंपरिक स्रोत से छेड़छाड़ कर भविष्य में गंभीर जल संकट का कारण बन सकती है। वहीं, गांव की चुन्ना देवी, सुभद्रा राणा, मंजू राणा, नीना राणा, रजनीश राणा, रमेश राणा तथा ग्राम प्रधान सुजीत सिंह राणा ने कहा कि यदि डीपीआर में चयनित स्रोत से ही लाइन नहीं बिछाई गई तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
वहीं, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विनोद पांडेय ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से डीपीआर में चयनित स्रोत से लाइन बिछाने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्रोत चयन से संबंधित मामले का शीघ्र निस्तारण कर लिया जाएगा।
Trending Videos
कार्यदायी संस्था ने डीपीआर के विपरीत बिछाई पेयजल लाइन, ग्रामीणों में रोष
पुरोला। जल जीवन मिशन के तहत 2 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से निर्मित थुनारा–डामटी पेयजल योजना पर ईशाली गांव के ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि योजना की डीपीआर में चयनित मूल स्रोत सिशोना तोक से लाइन बिछाने के बजाय कार्यदायी संस्था ने गांव से करीब तीन किमी दूर खनवाटा तोक गदेरे के पारंपरिक स्रोत से पाइप लाइन जोड़ दी है।
गांव की पूर्व उप प्रधान रोहिला देवी, रंगिता, प्रीति राणा आदि ने बताया कि डीपीआर में स्पष्ट उल्लेख था कि ईशाली गांव के 145 परिवारों के लिए लगभग आठ किमी दूर स्थित सिशोना तोक के स्रोत से पेयजल लाइन बिछाई जानी थी लेकिन ठेकेदार की ओर से गदेरे के बीचों-बीच पाइप लाइन डाल दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से पाइप लाइन बार-बार क्षतिग्रस्त होती है जिससे गांव में जल संकट उत्पन्न हो जाता है। साथ ही गदेरे के पारंपरिक स्रोत से छेड़छाड़ कर भविष्य में गंभीर जल संकट का कारण बन सकती है। वहीं, गांव की चुन्ना देवी, सुभद्रा राणा, मंजू राणा, नीना राणा, रजनीश राणा, रमेश राणा तथा ग्राम प्रधान सुजीत सिंह राणा ने कहा कि यदि डीपीआर में चयनित स्रोत से ही लाइन नहीं बिछाई गई तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
वहीं, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विनोद पांडेय ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से डीपीआर में चयनित स्रोत से लाइन बिछाने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्रोत चयन से संबंधित मामले का शीघ्र निस्तारण कर लिया जाएगा।