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Kotdwar News: भीषण गर्मी के बीच शिवराजपुर में जल संकट
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sat, 25 Apr 2026 03:58 PM IST
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तीन दिन से बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण, स्थानीय निवासियों ने जताई नाराजगी
जल संस्थान की लापरवाही न वैकल्पिक व्यवस्था और न ही समय पर बिल
कोटद्वार। भाबर क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड नंबर 32 शिवराजपुर में पिछले तीन दिन से पेयजल की किल्लत बनी हुई है। क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच पेयजल आपूर्ति बाधित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जल संस्थान की ओर से पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था करने व नलकूप को जल्द ठीक करा पेयजल आपूर्ति सुचारू करने की मांग उठाई है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य आलोक रावत, बबली देवी, सलोनी, किरन, विजय नेगी, मोहन सिंह नेगी आदि ने बताया कि उनके वार्ड शिवराजपुर में जल संस्थान के 45 नवंबर ट्यूबवैल से पेयजल आपूर्ति होती है। इसके अलावा उमरावनगर के काॅलोनीवालों का प्राइवेट ट्यूबवैल को भी इससे इंटरकनेक्ट किया गया है। इसके बावजूद क्षेत्र में लो प्रेशर की समस्या बनी हुई थी।
क्षेत्रवासियों की मांग पर जल संस्थान की ओर से अधिक क्षमता की मोटर लगाई गई लेकिन इसके बावजूद लो प्रेशर होने के कारण मोटर भी पानी नहीं खींच पा रही है। पिछले तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है जिससे क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी में लोगों की मुश्किलें और भी बढ़ गई है।
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि जल संस्थान की ओर से उन्हें बिल भी समय पर नहीं दिए जा रहे हैं। कर्मचारी की ओर से क्षेत्र के सभी बिल एक दुकान में दे दिए जाते हैं। जिससे क्षेत्रवासी समय पर बिलों का भुगतान भी नहीं कर पाते हैं। उन्होंने क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारू करने व क्षेत्रवासियों को समय पर बिल देने की मांग की है।
शिवराजपुर में 45 नंबर नलकूप लघु डालखंड विभाग का है। जल संस्थान को इस ट्यूबवेल से महज चार घंटे ही पानी मिल पाता है। इसके अलावा ट्यूबवैल में पानी का डिस्चार्ज भी काफी कम हो चुका है। जल संस्थान का नया नलकूप तैयार हो चुका है। क्षेत्र में वोल्टेज की समस्या को देखते हुए नए नलकूप में स्वचालित स्टेबलाइजर लगाया जा रहा है। अगले दो -तीन दिनों में क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
- किरण कुमार शर्मा, जेई जल संस्थान कोटद्वार।
गर्मी बढ़ते ही पौड़ी में पेयजल संकट गहराया
पौड़ी। गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में पेयजल किल्लत शुरू हो गई है। शनिवार को जिला मुख्यालय के कई मोहल्लों में पानी की सप्लाई नहीं हो पाई, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे रहे कि लोगों को पानी के लिए घरों से दूर पेयजल स्रोतों और हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा। स्थानीय निवासी अनीता रावत, ऋतु नेगी, जस्सी भंडारी, मनमोहन, सीमा बिष्ट और विजय रावत ने बताया कि शहर में जल संस्थान की ओर से दिन में केवल एक बार सुबह के समय पानी की सप्लाई की जाती है। लेकिन इन दिनों वह भी नियमित नहीं हो पा रही है। शनिवार को तो नलों से एक बूंद पानी तक नहीं आया, जिससे परेशानी और बढ़ गई।
उधर, जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता प्रवीण सैनी ने बताया कि शुक्रवार रात बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण शनिवार को कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई प्रभावित रही। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए जल संस्थान द्वारा पेयजल संकट से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। संवाद
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जल संस्थान की लापरवाही न वैकल्पिक व्यवस्था और न ही समय पर बिल
कोटद्वार। भाबर क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड नंबर 32 शिवराजपुर में पिछले तीन दिन से पेयजल की किल्लत बनी हुई है। क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच पेयजल आपूर्ति बाधित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जल संस्थान की ओर से पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था करने व नलकूप को जल्द ठीक करा पेयजल आपूर्ति सुचारू करने की मांग उठाई है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य आलोक रावत, बबली देवी, सलोनी, किरन, विजय नेगी, मोहन सिंह नेगी आदि ने बताया कि उनके वार्ड शिवराजपुर में जल संस्थान के 45 नवंबर ट्यूबवैल से पेयजल आपूर्ति होती है। इसके अलावा उमरावनगर के काॅलोनीवालों का प्राइवेट ट्यूबवैल को भी इससे इंटरकनेक्ट किया गया है। इसके बावजूद क्षेत्र में लो प्रेशर की समस्या बनी हुई थी।
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क्षेत्रवासियों की मांग पर जल संस्थान की ओर से अधिक क्षमता की मोटर लगाई गई लेकिन इसके बावजूद लो प्रेशर होने के कारण मोटर भी पानी नहीं खींच पा रही है। पिछले तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है जिससे क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी में लोगों की मुश्किलें और भी बढ़ गई है।
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि जल संस्थान की ओर से उन्हें बिल भी समय पर नहीं दिए जा रहे हैं। कर्मचारी की ओर से क्षेत्र के सभी बिल एक दुकान में दे दिए जाते हैं। जिससे क्षेत्रवासी समय पर बिलों का भुगतान भी नहीं कर पाते हैं। उन्होंने क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारू करने व क्षेत्रवासियों को समय पर बिल देने की मांग की है।
शिवराजपुर में 45 नंबर नलकूप लघु डालखंड विभाग का है। जल संस्थान को इस ट्यूबवेल से महज चार घंटे ही पानी मिल पाता है। इसके अलावा ट्यूबवैल में पानी का डिस्चार्ज भी काफी कम हो चुका है। जल संस्थान का नया नलकूप तैयार हो चुका है। क्षेत्र में वोल्टेज की समस्या को देखते हुए नए नलकूप में स्वचालित स्टेबलाइजर लगाया जा रहा है। अगले दो -तीन दिनों में क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
- किरण कुमार शर्मा, जेई जल संस्थान कोटद्वार।
गर्मी बढ़ते ही पौड़ी में पेयजल संकट गहराया
पौड़ी। गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में पेयजल किल्लत शुरू हो गई है। शनिवार को जिला मुख्यालय के कई मोहल्लों में पानी की सप्लाई नहीं हो पाई, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे रहे कि लोगों को पानी के लिए घरों से दूर पेयजल स्रोतों और हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा। स्थानीय निवासी अनीता रावत, ऋतु नेगी, जस्सी भंडारी, मनमोहन, सीमा बिष्ट और विजय रावत ने बताया कि शहर में जल संस्थान की ओर से दिन में केवल एक बार सुबह के समय पानी की सप्लाई की जाती है। लेकिन इन दिनों वह भी नियमित नहीं हो पा रही है। शनिवार को तो नलों से एक बूंद पानी तक नहीं आया, जिससे परेशानी और बढ़ गई।
उधर, जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता प्रवीण सैनी ने बताया कि शुक्रवार रात बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण शनिवार को कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई प्रभावित रही। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए जल संस्थान द्वारा पेयजल संकट से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। संवाद

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