UK: कचरे ने रोकी पानी की राह, भटकती रही प्यास; चार घंटे आपूर्ति ठप होने से 60 हजार की आबादी पानी को तरसी
पहाड़ों में बारिश के बाद गौला बैराज में सिल्ट पहुंचने से शीशमहल फिल्टर प्लांट को पानी देने वाली नहर की जाली में कचरा फंस गया। सफाई के लिए सिंचाई विभाग ने मंगलवार सुबह दस बजे बैराज के दो गेट खोले, जिससे प्लांट चार घंटे तक ठप रहा।
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पहाड़ों में हुई बारिश के बाद गौला बैराज में पहुंची सिल्ट ने पेयजल उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी। मंगलवार को शीशमहल फिल्टर प्लांट को पानी की आपूर्ति करने वाली नहर की जाली में कचरा फंस गया। इसकी सफाई के लिए सिंचाई विभाग ने सुबह 10 बजे से बैराज के दो गेट खोले। इस कारण शीशमहल प्लांट चार घंटे ठप रहा और 50 से 60 हजार की आबादी पानी के लिए तरसती रही।
डेढ़ लाख की आबादी हो होती है आपूर्ति
शीशमहल फिल्टर प्लांट से रोजाना डेढ़ लाख से अधिक की आबादी को सुबह, दोपहर और शाम को पानी की आपूर्ति की जाती है। गौला से पानी मिलने के बाद इसे फिल्टर करने के बाद लाइनों में छोड़ा जाता है। घंटों पानी बंद होने से शाम को बरेली रोड, ऊंचापुल, बिठौरिया, रामपुर रोड आदि दूरदराज वाले क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित रही।
शीतलाहाट की आपूर्ति ठप होने से काठगोदाम में पानी का संकट
बारिश के बाद से गौला हेड से शीतलहाट प्लांट की जलापूर्ति प्रभावित होने का सिलसिला जारी है। इसके चलते काठगोदाम क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है। दरअसल शीतलाहाट में ग्रेविटी वाली लाइनों से पानी कम मिलने के कारण आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। काठगोदाम के चांदमारी, रेलवे कॉलोनी, नई बस्ती, कॉलटैक्स आदि क्षेत्रों में बरसात में भी लोग टैंकरों से पानी भरने को विवश हैं। लंबे समय से यहां रोजाना दो टैंकर पानी बांट रहे हैं।
सिंचाई विभाग की ओर से बैराज में सफाई कराने के लिए सुबह पानी बंद किया गया था। दोपहर डेढ़ बजे बाद शीशमहल प्लांट को पानी मिला। टैंकर भरने के बाद शाम को पानी की आपूर्ति की गई। - रवींद्र कुमार, सहायक अभियंता जल संस्थान