Uttarakhand: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कारावास, हल्द्वानी की पॉक्सो कोर्ट का फैसला
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो)/अपर सत्र न्यायाधीश सविता चमोली की अदालत ने किशोरी से आठ माह तक दुष्कर्म करने के आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
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विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो)/अपर सत्र न्यायाधीश सविता चमोली की अदालत ने किशोरी से आठ माह तक दुष्कर्म करने के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से चार लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश भी दिए हैं। मामला जून 2023 से जनवरी 2024 के बीच का है।
विशेष अभियोजन अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि आरोपी गोविंद सिंह गैड़ा (30) पीड़िता की मां से मिलने उसके घर आता था। पीड़िता मां के साथ अलग रहती थी। आरोपी ने शादी का झांसा देकर नाबालिग के साथ कई बार दुष्कर्म किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी गोविंद सिंह गैड़ा और अल्मोड़ा निवासी महिला के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की।
जांच अधिकारी ने मामले की विवेचना कर आठ अप्रैल 2024 को आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष सात गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने, अभिलेखों व गवाहों का परीक्षण करने के बाद विद्वान न्यायाधीश ने दोषी गोविंद सिंह गैड़ा को पॉक्सो एक्ट के तहत 20 साल कठोर कारावास व 10 हजार जुर्माना और धारा 506 भादवि में दो साल कठोर कारावास और 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अल्मोड़ा निवासी सह आरोपी महिला को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।