दुखद: बेटा कुछ दिनों में आऊंगा कहकर गया था...मां 23 दिनों तक राह देखती रही, ग्राम प्रधान ने बताई मौत की खबर
काम की तलाश में दिल्ली गए नैनीताल के नथुवाखान निवासी ललित आर्या की मौत की खबर परिजनों को 23 दिन बाद मिली। पहचान पत्र न होने और मोबाइल न होने के कारण पुलिस को जिले के एक-एक प्रधान से संपर्क करके परिवार का पता लगाना पड़ा।
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काम की तलाश में दिल्ली गए युवक की मौत की खबर परिजनों को 23 दिन बाद मिली। पहचान प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण पुलिस जिले के एक-एक प्रधान से संपर्क साध रही थी। इसी में परिजनों की जानकारी जुटाने में इतना समय लग गया। वहीं, उसकी मां इतने दिनों से बेटे के वापसी की राह देख रही थी। 21 जुलाई को ग्राम प्रधान ने उन्हें बेटे की मौत की खबर दी, इसके बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
बता दें कि रामगढ़ ब्लॉक के नथुवाखान निवासी ललित आर्या (35) अपनी मां के साथ रहता था। पिता की पूर्व में मृत्यु हो चुकी है और तीन बहनों का विवाह हो चुका है। वह मजदूरी के सिलसिले में कई बार शहर से बाहर जाता रहता था और कुछ दिनों बाद लौट आता था। मोबाइल न होने के कारण मां बात नहीं कर पाती थी। घर पर वह कह कर गया था कि कुछ दिनों में लौट आऊंगा। वहीं, मेन रोड दिल्ली स्थित फतेहपुरी रैन बसेरा में ठहरा था, जहां उसने अपना पता केवल नैनीताल एरीज लिखवाया था। उसके पास कोई पहचान पत्र भी नहीं था। 28 जून को पुलिस को रैन बसेरा में उसकी लाश मिली। पुलिस ने लाश को मोर्चरी में रखवा दिया। जानकारी जुटाने में पुलिस को करीब 23 दिन लग गए। इस बीच पुलिस नैनीताल जिले के एक-एक प्रधान से संपर्क करके सूचना दे रही थी।
इसी के चलते बेलुवाखान की ग्राम प्रधान डॉ. बबीता मनराल से मंगलवार को पुलिस की बात हुई। उन्होंने लोकल व्हाट्सएप ग्रुप में जानकारी शेयर की और लोगों से बातचीत भी की। इस बीच मृतक के जीजा मनोरा निवासी अनूप आर्या को सूचना मिली। उन्होंने ललित आर्या के होने की पुष्टि की। इसके बाद उनकी माता को जानकारी दी और दिल्ली पुलिस से बातचीत की। शव लेने के लिए परिजन दिल्ली रवाना हो गए।
लाहौरी गेट थाना एसआई अमरीश ने बताया कि रैन बसेरा में ललित बिस्तर पर लेटा मिला था। उसके पास ऐसा कुछ भी संदिग्ध नहीं था। पूरा पता न होने के कारण शिनाख्त में समय लग गया। परिजनों को जानकारी दे दी गई है। उनके पहुंचते ही शव का पोस्टमार्टम कराकर मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा।