Nainital News: कातिल जाएगा सलाखों के पीछे, निर्दोष तेंदुए खुली हवा में लेंगे सांस
नैनीताल के भीमताल ब्लॉक में एक महीने में तीन महिलाओं की मौत के बाद पकड़े गए तीन तेंदुओं में से असली आदमखोर की पहचान डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगी।
विस्तार
नैनीताल जिले के भीमताल ब्लॉक में एक महीने में दहशत और मौतों के गुनहगार तीन तेंदुए सलाखों के पीछे तो हैं लेकिन असल हत्यारे का बेनकाब होना बाकी है। वन विभाग के अनुसार तीनों तेंदुए के डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। घटनास्थल पर मिले तेंदुए के बाल और लार के नमूनों की जांच से फैसला होगा कि कौन सा तेंदुआ रेस्क्यू सेंटर में उम्रकैद काटेगा और निर्दोष जंगल की खुली हवा में सांस लेगा। इन तेंदुओं के कारण हजारों की आबादी की नींद उड़ी हुई है।
धारी और ओखलकांडा क्षेत्र में आदमखोर तेंदुए की ओर से तीन महिलाओं को मारा जा चुका है। विभाग की ओर से दस दिन पूर्व धारी क्षेत्र से एक तेंदुए को पकड़कर रेस्क्यू सेंटर भेजा गया था। बुधवार को वन विभाग ने दीनी तल्ली और बिचखाली क्षेत्र से दो तेंदुओं को पिंजरे में फंसाया है। विभाग को उम्मीद है की दीनी तल्ली में पकड़ा गया तेंदुआ ही आदमखोर हो सकता है। हालांकि विभाग पकड़े गए तेंदुओं के डीएनए सैंपल जांच के लिए देहरादून भेजेगा। देहरादून से रिपोर्ट आने के बाद भी पता चल पाएगा कौन असली आदमखोर था।
ऐसे बिछाया जाल
50 किमी के एरिया में करीब 80 वनकर्मी हर वक्त रहे मौजूद
मचान बनाकर आदमखोर की मूवमेंट पर रखी नजर
8 लाइव कैमरे हर वक्त अधिकारी, कर्मचारियों के मोबाइल से कनेक्ट रहे
जंगल की सीमा खत्म होने वाले स्थानों पर हर वक्त वनकर्मियों की पैनी नजर
डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि कौन आदमखोर तेंदुआ था। आदमखोर को रेस्क्यू सेंटर या जू में रखा जाएगा। निर्दोष तेंदुए को विभाग और डॉक्टर की टीम के परीक्षण के बाद जंगल में छोड़ा जाएगा।-आकाश गंगवार, डीएफओ नैनीताल

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