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Pauri News: भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा का हिस्सा बनाने का आह्वान
Sat, 01 Aug 2026 07:37 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sat, 01 Aug 2026 07:37 PM IST
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श्रीनगर। अखिल भारतीय शिक्षा समागम-2026 के तहत गढ़वाल विश्वविद्यालय में शुक्रवार को 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020: विकसित भारत @ 2047 की आधारशिला' विषय पर हाइब्रिड मोड में अतिथि व्याख्यान एवं परिचर्चा आयोजित की गई।
मुख्य अतिथि विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सीबी शर्मा ने कहा कि नई शिक्षा नीति शिक्षा में गुणात्मक बदलाव लाती है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि यह नीति भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का दृष्टिकोण है। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अमरजीत सिंह परिहार ने इसका उद्देश्य भारतीय जीवन-मूल्यों को समाज तक पहुंचाना बताया। इस दौरान डॉ. विश्वेश वाग्मी, डॉ. पुनीत वालिया समेत कई शिक्षक और शोधार्थी मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सीबी शर्मा ने कहा कि नई शिक्षा नीति शिक्षा में गुणात्मक बदलाव लाती है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि यह नीति भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का दृष्टिकोण है। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अमरजीत सिंह परिहार ने इसका उद्देश्य भारतीय जीवन-मूल्यों को समाज तक पहुंचाना बताया। इस दौरान डॉ. विश्वेश वाग्मी, डॉ. पुनीत वालिया समेत कई शिक्षक और शोधार्थी मौजूद रहे।
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