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Pauri News: मारपीट के चार आरोपियों को अदालत ने दोषमुक्त किया
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Mon, 02 Feb 2026 04:48 PM IST
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पौड़ी। अदालत में विरोधाभाषी घटनाक्रम बताने व सबूतों के अभाव में मारपीट करने वाले चार आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। यह फैसला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी शहजाद ए वाहिद की अदालत ने सुनाया है।
एपीओ वर्षा ने बताया कि 10 मार्च 2025 को शोभा सिंह कार से अपने मित्र के साथ सीकू गांव में एक समारोह में शामिल होने जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि शाम में मांडाखाल के समीप मनोज रावत, राहुल, दीपक व दिग्विजय ने कार से पहले रास्ता रोका और उनके मित्र को भगा दिया। इसके बाद उनके साथ गाली गलौज व मारपीट की जिससे उनके हाथ - पैरों में चोटें आई। बाद में आरोपियों ने उन्हें फोन कर जान से मारने की धमकियां दीं। मामले में उन्होंने 19 मार्च 2025 को कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग उठाई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और मामला एक जुलाई को अदालत पहुंचा। एक अगस्त को आरोपियों को जमानत मिल गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता जयदर्शन सिंह बिष्ट ने दलील दी कि पीड़ित ने एफआईआर विलंब से दर्ज की और विलंब को कोई ठोस कारण नहीं बताया। साथ ही पीड़ित ने मारपीट के बाद आई चोटों का भी मेडिकल नहीं करवाया। यहां तक कि पीड़ित शोभा सिंह ने अदालत को विरोधाभाषी घटनाक्रम बताए। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को सिद्ध करने में असफल रहा। जिस पर अदालत ने आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
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एपीओ वर्षा ने बताया कि 10 मार्च 2025 को शोभा सिंह कार से अपने मित्र के साथ सीकू गांव में एक समारोह में शामिल होने जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि शाम में मांडाखाल के समीप मनोज रावत, राहुल, दीपक व दिग्विजय ने कार से पहले रास्ता रोका और उनके मित्र को भगा दिया। इसके बाद उनके साथ गाली गलौज व मारपीट की जिससे उनके हाथ - पैरों में चोटें आई। बाद में आरोपियों ने उन्हें फोन कर जान से मारने की धमकियां दीं। मामले में उन्होंने 19 मार्च 2025 को कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग उठाई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और मामला एक जुलाई को अदालत पहुंचा। एक अगस्त को आरोपियों को जमानत मिल गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता जयदर्शन सिंह बिष्ट ने दलील दी कि पीड़ित ने एफआईआर विलंब से दर्ज की और विलंब को कोई ठोस कारण नहीं बताया। साथ ही पीड़ित ने मारपीट के बाद आई चोटों का भी मेडिकल नहीं करवाया। यहां तक कि पीड़ित शोभा सिंह ने अदालत को विरोधाभाषी घटनाक्रम बताए। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को सिद्ध करने में असफल रहा। जिस पर अदालत ने आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
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