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Pauri News: बंदरों के हमले से बचने के प्रयास में बुजुर्ग महिला गंभीर
Mon, 27 Jul 2026 07:09 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Mon, 27 Jul 2026 07:09 PM IST
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गर्दन-कंधा और हाथ भी हुआ फ्रैक्चर, सुमाड़ी गांव की घटना
श्रीनगर। खिर्सू ब्लॉक के सुमाड़ी गांव में बंदरों के हमले से बचने के प्रयास में एक बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उनकी गर्दन-कंधा समेत हाथ फ्रैक्चर हो गया।
शीला देवी (75), पत्नी दिनेश चंद्र रूडोला आंगन में धूप में गेहूं सुखा रही थीं। इसी दौरान अचानक बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बंदरों से बचने की कोशिश में उनका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गईं। उनकी गर्दन, कंधा और हाथ फ्रैक्चर हो गया। परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल श्रीनगर के बेस चिकित्सालय लेकर पहुंचे। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर, देहरादून रेफर कर दिया। सत्यदेव बहुगुणा ने बताया कि सुमाड़ी गांव समेत पूरे क्षेत्र में लंबे समय से बंदरों की दहशत बनी है। ग्राम प्रधान कृष्णा देवी बहुगुणा ने बताया कि बंदरों से निजात दिलाने के लिए फिर से उपजिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि घायल महिला का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। ऐसे में प्रशासन को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराना चाहिए। साथ ही बंदरों से निजात दिलाई जानी चाहिए।
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श्रीनगर। खिर्सू ब्लॉक के सुमाड़ी गांव में बंदरों के हमले से बचने के प्रयास में एक बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उनकी गर्दन-कंधा समेत हाथ फ्रैक्चर हो गया।
शीला देवी (75), पत्नी दिनेश चंद्र रूडोला आंगन में धूप में गेहूं सुखा रही थीं। इसी दौरान अचानक बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बंदरों से बचने की कोशिश में उनका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गईं। उनकी गर्दन, कंधा और हाथ फ्रैक्चर हो गया। परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल श्रीनगर के बेस चिकित्सालय लेकर पहुंचे। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर, देहरादून रेफर कर दिया। सत्यदेव बहुगुणा ने बताया कि सुमाड़ी गांव समेत पूरे क्षेत्र में लंबे समय से बंदरों की दहशत बनी है। ग्राम प्रधान कृष्णा देवी बहुगुणा ने बताया कि बंदरों से निजात दिलाने के लिए फिर से उपजिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि घायल महिला का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। ऐसे में प्रशासन को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराना चाहिए। साथ ही बंदरों से निजात दिलाई जानी चाहिए।
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