{"_id":"6a3be584eea2aa68a6055e22","slug":"forest-burned-for-15-hours-just-500-meters-away-forest-department-unaware-shrinagar-news-c-53-1-sri1002-123792-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: महज 500 मीटर की दूरी पर 15 घंटे तक जलता रहा जंगल, वन विभाग को पता नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: महज 500 मीटर की दूरी पर 15 घंटे तक जलता रहा जंगल, वन विभाग को पता नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Wed, 24 Jun 2026 07:41 PM IST
विज्ञापन
श्रीनगर पोडी रोड़ के समीप लगी आंग पहुंची जल संस्थान के टेंक के समीप ------ संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
फोटो
एसएसबी फायरिंग रेंज से नीचे आंचल डेयरी और जल संस्थान के टैंक तक पहुंची आग
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। पौड़ी रोड पर स्थित एसएसबी फायरिंग रेंज से सटे जंगल में मंगलवार रात को अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें आंचल डेयरी के ऊपर स्थित जल संस्थान के पानी के टैंक तक पहुंच गईं। हैरत की बात यह है कि इस घटना स्थल से वन विभाग का तहसील परिसर स्थित कार्यालय महज 500 मीटर की दूरी पर है लेकिन विभाग को इस सुलगती आग की भनक तक नहीं लगी।
मंगलवार रात से धधकी आग बुधवार दोपहर करीब एक बजे तक लगी रही। लगभग 15 घंटे तक जंगल का यह हिस्सा धू-धू कर जलता रहा लेकिन आग को बुझाया नहीं गया। जब इस संबंध में विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने खुद को मीटिंग में व्यस्त बताते हुए मामले से अनभिज्ञता जता दी। वहीं जब रेंजर मनोज रावत से फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि वन विभाग का फायर सीजन 15 फरवरी से 15 जून तक ही होता है जो अब खत्म हो चुका है। ऐसे में आग बुझाने वाले फायर वाचर लौट चुके हैं। अब बचे हुए स्टाफ से ही काम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब टीम भेजकर आग बुझाने का प्रयास किया जाएगा।
जल संस्थान के कर्मचारी ने खुद संभाला मोर्चा
आग की लपटें जब जल संस्थान के टैंक परिसर के बिल्कुल नजदीक पहुंच गईं तो वहां तैनात कर्मचारी जगमोहन ने साहस दिखाया। जगमोहन ने बताया कि रात के वक्त आग की विकरालता देखकर वे डर गए थे। उन्होंने पंप हाउस और मशीनों को बचाने के लिए खुद ही पानी के पाइप से चारों तरफ पानी छिड़कना शुरू किया ताकि आग परिसर के भीतर न आ सके। जगमोहन ने बताया कि आग ऊपर पहाड़ी से नीचे की ओर तेजी से बढ़ रही थी। स्थानीय लोगों ने वन विभाग को समय पर सूचना भी दी थी लेकिन बुधवार दोपहर 12 बजे तक वन विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। गनीमत रही कि पानी छिड़कने से मशीनों वाले कमरे तक आग नहीं पहुंची। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
विज्ञापन
एसएसबी फायरिंग रेंज से नीचे आंचल डेयरी और जल संस्थान के टैंक तक पहुंची आग
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। पौड़ी रोड पर स्थित एसएसबी फायरिंग रेंज से सटे जंगल में मंगलवार रात को अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें आंचल डेयरी के ऊपर स्थित जल संस्थान के पानी के टैंक तक पहुंच गईं। हैरत की बात यह है कि इस घटना स्थल से वन विभाग का तहसील परिसर स्थित कार्यालय महज 500 मीटर की दूरी पर है लेकिन विभाग को इस सुलगती आग की भनक तक नहीं लगी।
मंगलवार रात से धधकी आग बुधवार दोपहर करीब एक बजे तक लगी रही। लगभग 15 घंटे तक जंगल का यह हिस्सा धू-धू कर जलता रहा लेकिन आग को बुझाया नहीं गया। जब इस संबंध में विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने खुद को मीटिंग में व्यस्त बताते हुए मामले से अनभिज्ञता जता दी। वहीं जब रेंजर मनोज रावत से फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि वन विभाग का फायर सीजन 15 फरवरी से 15 जून तक ही होता है जो अब खत्म हो चुका है। ऐसे में आग बुझाने वाले फायर वाचर लौट चुके हैं। अब बचे हुए स्टाफ से ही काम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब टीम भेजकर आग बुझाने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जल संस्थान के कर्मचारी ने खुद संभाला मोर्चा
आग की लपटें जब जल संस्थान के टैंक परिसर के बिल्कुल नजदीक पहुंच गईं तो वहां तैनात कर्मचारी जगमोहन ने साहस दिखाया। जगमोहन ने बताया कि रात के वक्त आग की विकरालता देखकर वे डर गए थे। उन्होंने पंप हाउस और मशीनों को बचाने के लिए खुद ही पानी के पाइप से चारों तरफ पानी छिड़कना शुरू किया ताकि आग परिसर के भीतर न आ सके। जगमोहन ने बताया कि आग ऊपर पहाड़ी से नीचे की ओर तेजी से बढ़ रही थी। स्थानीय लोगों ने वन विभाग को समय पर सूचना भी दी थी लेकिन बुधवार दोपहर 12 बजे तक वन विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। गनीमत रही कि पानी छिड़कने से मशीनों वाले कमरे तक आग नहीं पहुंची। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

श्रीनगर पोडी रोड़ के समीप लगी आंग पहुंची जल संस्थान के टेंक के समीप ------ संवाद