सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   25 trekkers from 17 states of the country will measure the Khalia Top distance

Pithoragarh: देश के 17 राज्यों के 25 ट्रैकर नापेंगे खलिया टॉप दूरी, दल में दो नन्हे बच्चे भी शामिल

संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Mon, 11 May 2026 05:36 PM IST
विज्ञापन
सार

मुनस्यारी की खूबसूरत वादियों में ट्रैकिंग सीजन शुरू होते ही देशभर से पर्यटक और ट्रैकर पहुंचने लगे हैं। 17 राज्यों से आए 25 सदस्यीय दल को खलिया टॉप और रुड़खान के लिए रवाना किया गया।

25 trekkers from 17 states of the country will measure the Khalia Top distance
मुनस्यारी से खलिया टॉप रवाना होता ट्रैकिंग दल। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार

पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में हिमनगरी की खूबसूरत वादियों में साहसिक पर्यटन का रोमांच फिर से परवान चढ़ने लगा है। मैदानी क्षेत्रों में गर्मी के चलते ट्रैकर मुनस्यारी का रुख करने लगे हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से 25 ट्रैकर मुनस्यारी पहुंचे हैं।

Trending Videos

सोमवार को यूथ हॉस्टल दिल्ली के सौजन्य से देश के 17 राज्यों से आए 25 सदस्यीय ट्रैकिंग दल को खलिया टॉप और रुड़खान के लिए रवाना किया गया। दल में मैसूर के नौ वर्षीय दत्ता संयम और कर्नाटक की 13 वर्षीय पावनी अपनी हिम्मत और जज्बे के साथ पहाड़ की चोटियां नापने के लिए रवाना हुईं। दल का नेतृत्व यूथ हॉस्टल के चेयरमैन जेके श्रीवास्तव कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्थानीय स्तर पर ट्रैकिंग के सुरक्षित संचालन और गाइडेंस की जिम्मेदारी कॉसमॉस कंपनी संभाल रही है। जेके श्रीवास्तव ने बताया कि दल खलिया टॉप और रुड़खान की दुर्गम पहाड़ियों पर तीन दिन बिताने के बाद मुनस्यारी लौटेगा। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही इन गतिविधियों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिल रहे हैं। मुनस्यारी की चोटियों पर तिरंगा लहराने और प्रकृति को करीब से देखने के उद्देश्य से रवाना हुआ यह दल बेहद उत्साहित नजर आया।


ट्रैकिंग के लिए पंजीकरण जरूरी

ट्रैकिंग सीजन शुरू होने पर ट्रैकरों की सुरक्षा के लिए प्रशासन और पर्यटन विभाग ने भी तैयारी शुरू कर दी हैं। जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्या ने बताया कि जिले के मिलम, रालम, सुंदरढूंगा, नामिक, हिसियांग, दारमा वैली, पंचाचूली बेस कैंप, नंदा देवी ईस्ट बेस कैंप, नाभीढांग, लिपुलेख पास, स्यालो बेली, ब्योली टॉप सहित अन्य ट्रैकिंग रूट पर जाने वाले ट्रैकर को पंजीकरण कराना अनिवार्य है। बगैर सूचना ट्रैकिंग करने पर कोई अप्रिय घटना हुई तो इसकी जिम्मेदारी स्वयं की होगी। उन्होंने कहा कि ट्रैकर को मौसम की चेतावनी को ध्यान में रखना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed