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Pithoragarh News: गंगोलीहाट में 73 विद्यालय जर्जर, जोखिम में शिक्षा ले रहे तीन हजार विद्यार्थी
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:56 AM IST
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले में सरकारी शिक्षा व्यवस्था दम तोड़ रही है। गंगोलीहाट विकासखंड में 73 जर्जर विद्यालयों में खतरे के बीच पढ़ रहे तीन हजार से अधिक विद्यार्थी इसका प्रमाण हैं। इन विद्यालयों के भवनों की छत और दीवारों के गिरने का खतरा बना है। हैरानी है कि इनकी मरम्मत का प्रस्ताव डेढ़ साल से शासन में धूल फांक रहा है।
गंगोलीहाट विकासखंड में 52 प्राथमिक, सात उच्च प्राथमिक विद्यालय और 14 इंटर कॉलेज के भवन जर्जर हैं। संवाद न्यूज एजेंसी ने इन जर्जर विद्यालयों की हालत पर पड़ताल की। विकासखंड मुख्यालय में संचालित जीआईसी की छत और दीवारों पर पड़ी दरारें सिस्टम की लापरवाही की पोल खोल रही हैं। छत और दीवारों के गिरने का खतरा बना हुआ है। यहां 120 से अधिक विद्यार्थी जान जोखिम में डालकर पढ़ रहे हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि भवन के नवीनीकरण का प्रस्ताव कई बार भेजा गया है लेकिन अब तक इस स्वीकृति नहीं मिली है। जीजीआईसी का भवन भी बदहाल मिला। छात्राओं ने बताया कि हल्की बारिश में भी छत से पानी टपकता है जिससे कक्षों में बैठना मुश्किल हो जाता है। अन्य विद्यालयों के यही हाल रहे। हैरानी है कि इन सभी विद्यालयों के नवनिर्माण और सुधारीकरण के लिए विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा है जो सरकारी फाइलों में कैद होकर रह गया है। हालात यह हैं कि अभिभावक भी बच्चों के घर लौटने तक चिंतित रहते हैं।
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अनरगांव में दुकान में चल रहा स्कूल
अनरगांव का प्राथमिक विद्यालय दो साल पहले पूरी तरह जर्जर हो गया था। भवन की छत और दीवारों के गिरने की आशंका को देखते हुए इस स्कूल का संचालन गांव की एक दुकान में किया गया। तब से आज तक यह स्कूल दुकान के एक कक्ष में संचालित हो रहा है। भवन स्वामी ने अपनी दुकान स्कूल के संचालन के लिए निशुल्क दी है।
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ये प्राथमिक विद्यालय हैं जर्जर
ठठोली, चौना, गोबरगड़ा, मातोली, ग्वासीकोट, तिमाणी, किमतोला, जिबड़गाड़, पिल्खी, सारतोला, दुगई आगर, खेती गांव नवीन, टुंडा चौड़ा, सिमलता, खैरोली, दसाईथल, जीबल, देवतुंगभुनार, बोरखेत, बनकोट, सीताखुना, काकड़पानी, जमतौला मध्येताल, बाजड़चौड़ा, रुगड़ी, डसीलाखेत, वीरतोला, चमडूंगरा, अस्कोड़ा, खरकाेली, ड्यूलहरडाकोट, चौडाबुंगली, बुरसम बाड़ी, कनारा, कोटीगांव, बुरसम, औलीगांव, खेतीगांव, गुलागांव, नरुवाघोल, भाटगड़ा, जखेड़ा, टुपरोली, देवराड़ीबोरा, गुनाकिटाण, गणाई, देवराला, रैतोला, सुगड़ी, गानूरा, अनरगांव, बनेलागांव।
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ये उच्चतर प्राथमिक विद्यालय हैं जर्जर
नैनीधपना, बोयल, रुगड़ी, ग्वाड़ी, चोढियार, भंडारी गांव और गानुरा।
कोट
इन सभी विद्यालय भवनों का सुधरीकरण और नवीनीकरण करने के लिए आकलन तैयार कर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर कार्य शुरू कराया जाएगा। जाएगा। - सुयश जोशी, जेई, मंडी परिषद, हल्द्वानी
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गंगोलीहाट विकासखंड में 52 प्राथमिक, सात उच्च प्राथमिक विद्यालय और 14 इंटर कॉलेज के भवन जर्जर हैं। संवाद न्यूज एजेंसी ने इन जर्जर विद्यालयों की हालत पर पड़ताल की। विकासखंड मुख्यालय में संचालित जीआईसी की छत और दीवारों पर पड़ी दरारें सिस्टम की लापरवाही की पोल खोल रही हैं। छत और दीवारों के गिरने का खतरा बना हुआ है। यहां 120 से अधिक विद्यार्थी जान जोखिम में डालकर पढ़ रहे हैं।
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विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि भवन के नवीनीकरण का प्रस्ताव कई बार भेजा गया है लेकिन अब तक इस स्वीकृति नहीं मिली है। जीजीआईसी का भवन भी बदहाल मिला। छात्राओं ने बताया कि हल्की बारिश में भी छत से पानी टपकता है जिससे कक्षों में बैठना मुश्किल हो जाता है। अन्य विद्यालयों के यही हाल रहे। हैरानी है कि इन सभी विद्यालयों के नवनिर्माण और सुधारीकरण के लिए विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा है जो सरकारी फाइलों में कैद होकर रह गया है। हालात यह हैं कि अभिभावक भी बच्चों के घर लौटने तक चिंतित रहते हैं।
अनरगांव में दुकान में चल रहा स्कूल
अनरगांव का प्राथमिक विद्यालय दो साल पहले पूरी तरह जर्जर हो गया था। भवन की छत और दीवारों के गिरने की आशंका को देखते हुए इस स्कूल का संचालन गांव की एक दुकान में किया गया। तब से आज तक यह स्कूल दुकान के एक कक्ष में संचालित हो रहा है। भवन स्वामी ने अपनी दुकान स्कूल के संचालन के लिए निशुल्क दी है।
ये प्राथमिक विद्यालय हैं जर्जर
ठठोली, चौना, गोबरगड़ा, मातोली, ग्वासीकोट, तिमाणी, किमतोला, जिबड़गाड़, पिल्खी, सारतोला, दुगई आगर, खेती गांव नवीन, टुंडा चौड़ा, सिमलता, खैरोली, दसाईथल, जीबल, देवतुंगभुनार, बोरखेत, बनकोट, सीताखुना, काकड़पानी, जमतौला मध्येताल, बाजड़चौड़ा, रुगड़ी, डसीलाखेत, वीरतोला, चमडूंगरा, अस्कोड़ा, खरकाेली, ड्यूलहरडाकोट, चौडाबुंगली, बुरसम बाड़ी, कनारा, कोटीगांव, बुरसम, औलीगांव, खेतीगांव, गुलागांव, नरुवाघोल, भाटगड़ा, जखेड़ा, टुपरोली, देवराड़ीबोरा, गुनाकिटाण, गणाई, देवराला, रैतोला, सुगड़ी, गानूरा, अनरगांव, बनेलागांव।
ये उच्चतर प्राथमिक विद्यालय हैं जर्जर
नैनीधपना, बोयल, रुगड़ी, ग्वाड़ी, चोढियार, भंडारी गांव और गानुरा।
कोट
इन सभी विद्यालय भवनों का सुधरीकरण और नवीनीकरण करने के लिए आकलन तैयार कर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर कार्य शुरू कराया जाएगा। जाएगा। - सुयश जोशी, जेई, मंडी परिषद, हल्द्वानी
