{"_id":"6a02089bdae8c59f4e009f44","slug":"bus-station-worth-five-crores-buses-are-nowhere-to-be-seen-pithoragarh-news-c-230-1-alm1001-141689-2026-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: पांच करोड़ की लागत का बस स्टेशन, बसों का अता-पता नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: पांच करोड़ की लागत का बस स्टेशन, बसों का अता-पता नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 11 May 2026 10:19 PM IST
विज्ञापन
अस्कोट रोडवेज स्टेशन। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अस्कोट (पिथौरागढ़)। क्षेत्र के लोगों को रोडवेज सेवा का लाभ दिलाने के साथ ही उनकी आवाजाही सुगम बनाने के लिए करीब पांच करोड़ रुपये से रोडवेज स्टेशन बन कर तैयार हो गया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसके लोकार्पण में भी तेजी दिखाई गई लेकिन अब तक यहां बसों का अता-पता नहीं है और अन्य व्यवस्थाएं भी अधूरी हैं। धारचूला रूट पर आवाजाही करने वाली दो या तीन बसें ही स्टेशन पर चंद मिनटों के लिए रुक रहीं हैं। अस्कोट से कोई सीधी बस सेवा न होने से यात्रियों को टैक्सी में सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
अस्कोट क्षेत्र के 45 से ज्यादा गांवों की 15 हजार से अधिक आबादी की आवाजाही सुगम बनाने के लिए मुख्य बाजार में 4.99 करोड़ रुपये से रोडवेज स्टेशन का निर्माण किया गया। स्टेशन बनने से लोगों को उम्मीद थी कि यहां से दिल्ली, देहरादून, हल्द्वानी, टनकपुर आदि रूटों पर सीधी बस सेवा शुरू होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीते दिनों रोडवेज स्टेशन का लोकार्पण भी कर दिया गया लेकिन अब तक किसी भी रूट पर सीधी सेवा के लिए एक भी बस यहां नहीं पहुंच सकी है। धारचूला रूट पर आवाजाही करने वाली बसों को कुछ मिनटों के लिए स्टेशन भेज कर जिम्मेदारी निभाई जा रही है।
खड़ा कर दिया भवन, व्यवस्थाएं अधूरी
रोडवेज स्टेशन पर व्यवस्थाएं भी अधूरी हैं। स्टेशन पर यात्रियों के खाने-पीने के लिए कैंटीन का संचालन होना है। उनके बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सी की जरूरत है। अब तक ये सभी व्यवस्थाएं अधूरी हैं इससे यात्री परेशान हैं।
बोले लोग
स्टेशन बनाने का क्या लाभ जब पर्याप्त और सीधी बस सेवा संचालित नहीं हो रही हैं। अस्कोट स्टेशन से ही कुछ बसों का संचालन होगा तो इसका लाभ क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। - हरीश पाल, अस्कोट
स्टेशन बनने से यहां से विभिन्न रूटों के लिए सीधी और पर्याप्त बसें संचालित होने की उम्मीद थी। लोकार्पण करने के बाद भ बसों का अता-पता नहीं है इससे क्षेत्र के लोग निराश हैं। - देव सिंह लुंठी, अस्कोट
कोट
यात्रियों की संख्या को देखते हुए रूटों पर बसों का संचालन हो रहा है। धारचूला रूट पर संचालित हर बस अस्कोट स्टेशन जाती है। यात्रियों की संख्या बढ़ेगी तो अस्कोट स्टेशन से ही बस का संचालन करने का प्रयास किया जाएगा। - रवि शेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो
Trending Videos
अस्कोट क्षेत्र के 45 से ज्यादा गांवों की 15 हजार से अधिक आबादी की आवाजाही सुगम बनाने के लिए मुख्य बाजार में 4.99 करोड़ रुपये से रोडवेज स्टेशन का निर्माण किया गया। स्टेशन बनने से लोगों को उम्मीद थी कि यहां से दिल्ली, देहरादून, हल्द्वानी, टनकपुर आदि रूटों पर सीधी बस सेवा शुरू होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीते दिनों रोडवेज स्टेशन का लोकार्पण भी कर दिया गया लेकिन अब तक किसी भी रूट पर सीधी सेवा के लिए एक भी बस यहां नहीं पहुंच सकी है। धारचूला रूट पर आवाजाही करने वाली बसों को कुछ मिनटों के लिए स्टेशन भेज कर जिम्मेदारी निभाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
खड़ा कर दिया भवन, व्यवस्थाएं अधूरी
रोडवेज स्टेशन पर व्यवस्थाएं भी अधूरी हैं। स्टेशन पर यात्रियों के खाने-पीने के लिए कैंटीन का संचालन होना है। उनके बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सी की जरूरत है। अब तक ये सभी व्यवस्थाएं अधूरी हैं इससे यात्री परेशान हैं।
बोले लोग
स्टेशन बनाने का क्या लाभ जब पर्याप्त और सीधी बस सेवा संचालित नहीं हो रही हैं। अस्कोट स्टेशन से ही कुछ बसों का संचालन होगा तो इसका लाभ क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। - हरीश पाल, अस्कोट
स्टेशन बनने से यहां से विभिन्न रूटों के लिए सीधी और पर्याप्त बसें संचालित होने की उम्मीद थी। लोकार्पण करने के बाद भ बसों का अता-पता नहीं है इससे क्षेत्र के लोग निराश हैं। - देव सिंह लुंठी, अस्कोट
कोट
यात्रियों की संख्या को देखते हुए रूटों पर बसों का संचालन हो रहा है। धारचूला रूट पर संचालित हर बस अस्कोट स्टेशन जाती है। यात्रियों की संख्या बढ़ेगी तो अस्कोट स्टेशन से ही बस का संचालन करने का प्रयास किया जाएगा। - रवि शेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो