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Pithoragarh News: अप्रैल में पड़ रही दिसंबर-जनवरी जैसी ठंड
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 08 Apr 2026 10:58 PM IST
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पिथौरागढ़ जिले के 14,500 फुट की ऊंचाई पर नाभीढांग में बर्फबारी का नजारा। स्रोत : ग्रामीण
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पिथौरागढ़। बेमौसमी बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी से जिले में जनजीवन प्रभावित है। तापमान गिरने से अप्रैल में दिसंबर-जनवरी जैसी ठंड पड़ रही है। दूसरी ओर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। मौसम की बेरुखी ने गेहूं, जौ, मसूर और सब्जियों आदि की तैयार फसल बर्बाद कर किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
बीते मंगलवार की देर रात से जिले भर में शुरू हुई बारिश बुधवार शाम तक जारी रही। दिनभर तेज बारिश का क्रम जारी रहा। इस कारण जगह-जगह जलभराव, यातायात बाधित होने से सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। इस दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फिर से जोरदार हिमपात हुआ जिस कारण तापमान में काफी गिरावट आ गई है। अप्रैल के महीने में ही दिसंबर-जनवरी जैसी ठंड का अहसास होने से लोगों की कंपकंपी छूट रही है।
गर्म कपड़े और रजाइयां जो घरों में बक्सों में रख दिए गए थे उन्हं फिर से बाहर निकल लिया गया है। मेहनत-मजदूरी कर हर रोज-रोटी कमाने वाला आम आदमी इस बेमौसम की मार से काफी परेशान है। बुधवार को दिन भर जारी रही बारिश के कारण सड़क किनारे ढाबों और होटल चलाने वालों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बाजार की रौनक गायब रही और स्कूली बच्चों सहित जरूरी काम के कारण निकलने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
दूसरी ओर बेमौसम की इस बारिश से नाचनी, बंगापानी, अस्कोट, डीडीहाट, गंगोलीहाट, देवलथल-बुंगाछीना, कनालीछीना सहित जिलेभर के काश्तकार चिंतित हैं। सालभर से इंतजार कर रहे किसान फसल तैयार होने पर बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि के कारण खासे मायूस हैं। खेतों में तैयार हुई फसल जगह-जगह बिछ गई है और सब्जी और फल-फूलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
व्यास घाटी में बर्फबारी ने बढ़ाई मुश्किलें, निर्माण कार्यों में पड़ी बाधा
धारचूला (पिथौरागढ़)। ग्राम गुंजी की सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल और पूर्व प्रधान सुरेश गुंज्याल ने बताया कि पिछले दो-तीन दिन से व्यास घाटी में रोजाना रुक रुक कर बारिश के साथ बर्फबारी हो रही है। मंगलवार रात्रि से 14,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित नाभीढांग, कालापानी, गुंजी, नाबी, कुटी में बर्फबारी है। इस कारण व्यास घाटी के सातों गांव में ठंड काफी बढ़ चुकी है। ग्रामीण घरों में ही दुबकने को विवश हैं और सड़क और अन्य निर्माण कार्य भी बाधित हो रहे हैं।
पिछले साल के मुकाबले आठ अप्रैल को तापमान में पांच डिग्री का अंतर
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार पिछले साल 8 अप्रैल को अधिकतम तापमान 30 डिग्री था, जो बुधवार को 25 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं पिछले साल न्यूनतम तापमान 15 डिग्री था जो आज 8 अप्रैल को 10 डिग्री पहुंच गया। यानि मौसम के बदले मिजाज से पिछले साल और इस साल 8 अप्रैल को तापमान में 5 डिग्री का अंतर दर्ज हुआ।
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बीते मंगलवार की देर रात से जिले भर में शुरू हुई बारिश बुधवार शाम तक जारी रही। दिनभर तेज बारिश का क्रम जारी रहा। इस कारण जगह-जगह जलभराव, यातायात बाधित होने से सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। इस दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फिर से जोरदार हिमपात हुआ जिस कारण तापमान में काफी गिरावट आ गई है। अप्रैल के महीने में ही दिसंबर-जनवरी जैसी ठंड का अहसास होने से लोगों की कंपकंपी छूट रही है।
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गर्म कपड़े और रजाइयां जो घरों में बक्सों में रख दिए गए थे उन्हं फिर से बाहर निकल लिया गया है। मेहनत-मजदूरी कर हर रोज-रोटी कमाने वाला आम आदमी इस बेमौसम की मार से काफी परेशान है। बुधवार को दिन भर जारी रही बारिश के कारण सड़क किनारे ढाबों और होटल चलाने वालों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बाजार की रौनक गायब रही और स्कूली बच्चों सहित जरूरी काम के कारण निकलने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
दूसरी ओर बेमौसम की इस बारिश से नाचनी, बंगापानी, अस्कोट, डीडीहाट, गंगोलीहाट, देवलथल-बुंगाछीना, कनालीछीना सहित जिलेभर के काश्तकार चिंतित हैं। सालभर से इंतजार कर रहे किसान फसल तैयार होने पर बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि के कारण खासे मायूस हैं। खेतों में तैयार हुई फसल जगह-जगह बिछ गई है और सब्जी और फल-फूलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
व्यास घाटी में बर्फबारी ने बढ़ाई मुश्किलें, निर्माण कार्यों में पड़ी बाधा
धारचूला (पिथौरागढ़)। ग्राम गुंजी की सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल और पूर्व प्रधान सुरेश गुंज्याल ने बताया कि पिछले दो-तीन दिन से व्यास घाटी में रोजाना रुक रुक कर बारिश के साथ बर्फबारी हो रही है। मंगलवार रात्रि से 14,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित नाभीढांग, कालापानी, गुंजी, नाबी, कुटी में बर्फबारी है। इस कारण व्यास घाटी के सातों गांव में ठंड काफी बढ़ चुकी है। ग्रामीण घरों में ही दुबकने को विवश हैं और सड़क और अन्य निर्माण कार्य भी बाधित हो रहे हैं।
पिछले साल के मुकाबले आठ अप्रैल को तापमान में पांच डिग्री का अंतर
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार पिछले साल 8 अप्रैल को अधिकतम तापमान 30 डिग्री था, जो बुधवार को 25 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं पिछले साल न्यूनतम तापमान 15 डिग्री था जो आज 8 अप्रैल को 10 डिग्री पहुंच गया। यानि मौसम के बदले मिजाज से पिछले साल और इस साल 8 अप्रैल को तापमान में 5 डिग्री का अंतर दर्ज हुआ।