Kargil Diwas 2024: पिथौरागढ़ के इन चार जवानों ने कारगिल युद्ध में दी थी शहादत, आज भी इस उम्मीद में परिजन
कारगिल युद्ध में पिथौरागढ़ जिले के चार जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया। जिले से किशन सिंह भंडारी, गिरीश सिंह सामंत, कुंडल बेलाल और जवाहर सिंह शहीद हुए थे।
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कारगिल युद्ध में पिथौरागढ़ जिले के चार जवानों ने देश की रक्षा के लिए बलिदान दिया था। जिले से किशन सिंह भंडारी, गिरीश सिंह सामंत, कुंडल बेलाल और जवाहर सिंह शहीद हुए थे।
पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर स्थित जजुराली गांव निवासी लांसनायक किशन सिंह भंडारी कारगिल युद्ध में दुश्मनों से लोहा लेते शहीद हो गए थे। तब पत्नी तनुजा के अलावा दो पुत्रियां और डेढ़ वर्ष के पुत्र की परवरिश के लिए बड़ा संकट खड़ा हो गया था।
देवलथल तहसील के क्षेत्र उड़ई गांव निवासी हवलदार गिरीश सिंह सामंत कारगिल युद्ध में अपने बुलंद हौसलों का परिचय देने के बाद शहीद हुए। शहादत के समय शहीद की पुत्री मोनिका और पुत्र अमित काफी छोटे थे। पत्नी शांति अपने पति की शहादत के बाद कई दिनों तक सदमे में रही थीं। बाद में इस वीरांगना ने खुद को संभालते हुए बच्चों की परवरिश कर उच्च शिक्षा दिलाई।
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पिथौरागढ़ तहसील के बिलई गांव निवासी कुंडल सिंह बेलाल 23 साल की उम्र में देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए थे। माता कूना देवी और पिता राम सिंह बेलाल आज भी शहीद बेटे के नाम पर हुई तमाम घोषणाओं के पूरा होने की उम्मीद में हैं। कारगिल युद्ध में दुश्मनों के मंसूबों को ढेर करने के लिए लड़ रहे मड़ गांव निवासी जवाहर सिंह अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुए शहीद हुए। उनके परिवार ने तमाम मुश्किलों के बाद अपने को संभाला।