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Pithoragarh News: सर्जन के अवकाश पर जाने से बढ़ी मरीजों की दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 09 May 2026 10:49 PM IST
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पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़। संवाद
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पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में सर्जन के अवकाश पर जाने से व्यवस्थाएं प्रभावित हो गई हैं। एकमात्र सर्जन पर मरीजों के जांच, इलाज और ऑपरेशन की जिम्मेदारी है। ऐसे में मरीजों को सर्जन को दिखाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल में दो सर्जन तैनात हैं। यहां मरीजों का भी खासा दबाव रहता है। रोजाना जिले के विभिन्न हिस्सों से 60 से अधिक मरीज सर्जन को दिखाने पहुंचते हैं। वहीं रोजाना तीन से चार ऑपरेशन भी होते हैं। अस्पताल में तैनात एक सर्जन के अवकाश पर जाने से मरीजों की दिक्कत बढ़ गई है। अब तैनात एकमात्र सर्जन डॉ. मुकेश कुटियाल को ओपीडी के साथ ऑपरेशन भी करने पड़ रहे हैं।
डॉक्टर के ओटी में जाने से मरीजों को उनके लौटने का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीज निजी अस्पतालों के चक्कर काटने के लिए भी मजबूर हैं। पेट दर्द से जूझ रही पत्नी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे पीपली क्षेत्र के कैलाश कुमार ने कहा कि पर्ची कटवाने के बाद सर्जन का इंतजार करते रहे। उनके ओटी में जाने से मजबूरन पत्नी को निजी अस्पताल ले जाना पड़ा। वहीं गंगोलीहाट के रविंद्र सिंह ने बताया कि पथरी की दिक्कत के चलते वह सर्जन को दिखाने जिला अस्पताल पहुंचे। उन्हें सर्जन के ओटी से लौटने का तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
चर्म रोग के इलाज के लिए भटक रहे मरीज
बारिश के बाद चर्म रोगियों की संख्या में उछाल आया है। रोजाना 30 से अधिक लोग दाद-खाज, खुजली और चक्कते की समस्या से जूझते हुए इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। यहां चर्म रोग विशेषज्ञ न होने से उन्हें इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। यहां तैनात एकमात्र चर्म रोग विशेषज्ञ को उनकी मूल तैनाती स्थल धारचूला सीएचसी भेज दिया गया है। ऐसे में किसी भी अन्य अस्पताल में चर्म रोग का इलाज नहीं मिल रहा है। जिले में निजी अस्पतालों में चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को हर छोटी-बड़ी बीमारी के इलाज के लिए मैदानी क्षेत्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
फिजिशियन भी छुट्टी पर, भटके मरीज
जिला अस्पताल में एक फिजिशियन के अवकाश पर जाने से मरीज परेशान रहे। यहां मौजूद एकमात्र फिजिशियन के कक्ष के बाहर मरीजों की खासी भीड़ रही। ऐसे में मरीजों को अपनी बारी का लंबा इंतजार करना पड़ा। वर्तमान में सीमांत जिले में वॉयरल, टायफाइड, निमोनिया का प्रकोप बढ़ने से जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ा है। ऐसे में फिजिशियन के अवकाश पर जाने से मरीजों की दिक्कत बढ़ गई है।
कोट
जल्द ही दूसरे सर्जन और फिजिशियन अवकाश से लौटेंगे। चर्म रोग विशेषज्ञ को उनके मूल तैनाती स्थल भेजने के आदेश जारी हुए थे। ऐसे में वह जिला अस्पताल से लौट गए हैं। रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को दी गई है। नियुक्ति शासन स्तर पर ही संभव है। हर मरीज को बेहतर इलाज देने के लिए अस्पताल प्रबंधन गंभीर है। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
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जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल में दो सर्जन तैनात हैं। यहां मरीजों का भी खासा दबाव रहता है। रोजाना जिले के विभिन्न हिस्सों से 60 से अधिक मरीज सर्जन को दिखाने पहुंचते हैं। वहीं रोजाना तीन से चार ऑपरेशन भी होते हैं। अस्पताल में तैनात एक सर्जन के अवकाश पर जाने से मरीजों की दिक्कत बढ़ गई है। अब तैनात एकमात्र सर्जन डॉ. मुकेश कुटियाल को ओपीडी के साथ ऑपरेशन भी करने पड़ रहे हैं।
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डॉक्टर के ओटी में जाने से मरीजों को उनके लौटने का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीज निजी अस्पतालों के चक्कर काटने के लिए भी मजबूर हैं। पेट दर्द से जूझ रही पत्नी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे पीपली क्षेत्र के कैलाश कुमार ने कहा कि पर्ची कटवाने के बाद सर्जन का इंतजार करते रहे। उनके ओटी में जाने से मजबूरन पत्नी को निजी अस्पताल ले जाना पड़ा। वहीं गंगोलीहाट के रविंद्र सिंह ने बताया कि पथरी की दिक्कत के चलते वह सर्जन को दिखाने जिला अस्पताल पहुंचे। उन्हें सर्जन के ओटी से लौटने का तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
चर्म रोग के इलाज के लिए भटक रहे मरीज
बारिश के बाद चर्म रोगियों की संख्या में उछाल आया है। रोजाना 30 से अधिक लोग दाद-खाज, खुजली और चक्कते की समस्या से जूझते हुए इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। यहां चर्म रोग विशेषज्ञ न होने से उन्हें इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। यहां तैनात एकमात्र चर्म रोग विशेषज्ञ को उनकी मूल तैनाती स्थल धारचूला सीएचसी भेज दिया गया है। ऐसे में किसी भी अन्य अस्पताल में चर्म रोग का इलाज नहीं मिल रहा है। जिले में निजी अस्पतालों में चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को हर छोटी-बड़ी बीमारी के इलाज के लिए मैदानी क्षेत्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
फिजिशियन भी छुट्टी पर, भटके मरीज
जिला अस्पताल में एक फिजिशियन के अवकाश पर जाने से मरीज परेशान रहे। यहां मौजूद एकमात्र फिजिशियन के कक्ष के बाहर मरीजों की खासी भीड़ रही। ऐसे में मरीजों को अपनी बारी का लंबा इंतजार करना पड़ा। वर्तमान में सीमांत जिले में वॉयरल, टायफाइड, निमोनिया का प्रकोप बढ़ने से जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ा है। ऐसे में फिजिशियन के अवकाश पर जाने से मरीजों की दिक्कत बढ़ गई है।
कोट
जल्द ही दूसरे सर्जन और फिजिशियन अवकाश से लौटेंगे। चर्म रोग विशेषज्ञ को उनके मूल तैनाती स्थल भेजने के आदेश जारी हुए थे। ऐसे में वह जिला अस्पताल से लौट गए हैं। रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को दी गई है। नियुक्ति शासन स्तर पर ही संभव है। हर मरीज को बेहतर इलाज देने के लिए अस्पताल प्रबंधन गंभीर है। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़