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Pithoragarh: पावन मानसरोवर में डुबकी नहीं लगा सके श्रद्धालु, बाल्टी में पानी भरकर किया स्नान; बोले- रहेगा मलाल
Wed, 22 Jul 2026 06:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 22 Jul 2026 06:37 AM IST
सार
यात्रा पूरी कर लौटे श्रद्धालुओं ने कहा कि हमें हमेशा इस बात का मलाल रहेगा कि हमने भगवान शिव की भूमि पर पहुंचकर पवित्र मानसरोवर में डुबकी नहीं लगाई।
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वर्ष 2018 के बाद चीन ने मानसरोवर झील में डुबकी लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चीन की ओर से मानसरोवर में डुबकी लगाने पर प्रतिबंध लगाने से कैलाश यात्रियों में निराशा है। यात्रा पूरी कर लौटे श्रद्धालुओं ने कहा कि हमें हमेशा इस बात का मलाल रहेगा कि हमने भगवान शिव की भूमि पर पहुंचकर पवित्र मानसरोवर में डुबकी नहीं लगाई।
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दरअसल, वर्ष 2018 के बाद चीन ने मानसरोवर झील में डुबकी लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। तब से कैलाश यात्रियों को स्नान के लिए झील से पानी बाल्टियों में से भरना पड़ रहा है। यात्रियों के मुताबिक, चीन ने झील के पानी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए यह प्रतिबंध लगाया है। यात्रियों ने कहा कि चीन का यह निर्णय सही है लेकिन उन्हें मानसरोवर में आस्था की डुबकी न लगाने का दुख भी है।
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कैलाश मानसरोवर हिंदुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। कैलाश पर्वत के दर्शन और मानसरोवर झील में स्नान के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु जाते हैं। यहां यात्री पहले कैलाश पर्वत की परिक्रमा करते हैं। इसके बाद पवित्र मानसरोवर के जल से स्नान के बाद यात्री पूजा-अर्चना करते हैं।
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सरोवर में साबुन से नहाते थे कुछ यात्री
यात्रा पूरी कर लौटे यात्रियों ने बताया कि मानसरोवर झील की परिक्रमा से पहले सभी यात्रियों को चीन प्रशासन की ओर से झील की सफाई का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। वहां जाकर जानकारी मिली कि पूर्व में यात्री पवित्र मानसरोवर में साबुन से स्नान करते थे। ऐसे में झील को प्रदूषित होने से बचाने के लिए चीन ने यह निर्णय लिया है। संवाद
बोले यात्री
मानसरोवर में डुबकी लगाने पर चीन ने प्रतिबंध लगाया है। चीन ने मानसरोवर का पानी प्रदूषित होने से बचाने के लिए यह निर्णय लिया है। यह निर्णय काफी हद तक उचित है लेकिन मानसरोवर में डुबकी न लगाने का मलाल जरूर रहेगा।
- भूपेश पंत, पिथौरागढ़
सातवीं बार कैलाश मानवरोवर यात्रा पर गया। पूर्व में मानसरोवर में डुबकी लगाने पर प्रतिबंध नहीं था। 2018 के बाद चीन ने इस पर प्रतिबंध लगाया है। बाल्टियों में मानसरोवर से पानी भरकर स्नान किया। शिव की भूमि पर जाकर बाल्टी के पानी से भी स्नान करना सुखद अनुभूति है। चीन को धार्मिक भावनाओं को भी ध्यान में रखना चाहिए।
-अनिल कुमार जैन, राजस्थान
कोट-चीन ने वर्ष 2018 से ही मानसरोवर में डुबकी लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। मानसरोवर को प्रदूषित होने से बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है ऐसी जानकारी है।
-आशीष जोशी, एसडीएम, धारचूला