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Pithoragarh News: जिला योजना की बैठक से गायब रहने पर जल संस्थान के ईई का वेतन रोका
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:17 PM IST
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पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक करते डीएम आशीष भटगांई। स्रोत:सूचना विभाग
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पिथौरागढ़। जिला योजना की बैठक में शामिल न होने पर डीएम आशीष भटगांई ने डीडीहाट जल संस्थान के ईई का वेतन रोकने के आदेश दिए। उन्होंने 80 फीसदी से कम धन खर्च करने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
डीएम आशीष भटगांई की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में जिला, राज्य और केंद्र योजना की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में डीडीहाट जल संस्थान के ईई शामिल नहीं हुए तो डीएम ने उनका वेतन रोकने के आदेश जारी किए। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी ने बताया कि अब तक जिला योजना में 79 प्रतिशत बजट खर्च किया जा चुका है। डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए 80 फीसदी से कम बजट खर्च करने वाले विभागों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर संबंधित अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की जाएगी।
बैठक में सामने आया कि पिथौरागढ़ लोनिवि, लघु ढाल, पशुपालन, कृषि, जल निगम, वन विभाग, पर्यटन विभाग, जल संस्थान बेड़ीनाग और सिंचाई विभाग धारचूला ने सबसे कम बजट खर्च किया है। डीएम ने साफ तौर पर कहा कि यदि संबंधित विभागों का धन वापस लेना पड़ा तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। डीएम ने सभी विभागों को समय पर गुणवत्ता के साथ कार्य करते हुए धन खर्च करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ डॉ. दीपक सैनी, एडीएम योगेंद्र सिंह, सीएमओ डॉ. एसएस नबियाल, एसडीएम सदर जितेंद्र वर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी सहित कई अधिकारी शामिल रहे।
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डीएम आशीष भटगांई की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में जिला, राज्य और केंद्र योजना की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में डीडीहाट जल संस्थान के ईई शामिल नहीं हुए तो डीएम ने उनका वेतन रोकने के आदेश जारी किए। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी ने बताया कि अब तक जिला योजना में 79 प्रतिशत बजट खर्च किया जा चुका है। डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए 80 फीसदी से कम बजट खर्च करने वाले विभागों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर संबंधित अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की जाएगी।
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बैठक में सामने आया कि पिथौरागढ़ लोनिवि, लघु ढाल, पशुपालन, कृषि, जल निगम, वन विभाग, पर्यटन विभाग, जल संस्थान बेड़ीनाग और सिंचाई विभाग धारचूला ने सबसे कम बजट खर्च किया है। डीएम ने साफ तौर पर कहा कि यदि संबंधित विभागों का धन वापस लेना पड़ा तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। डीएम ने सभी विभागों को समय पर गुणवत्ता के साथ कार्य करते हुए धन खर्च करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ डॉ. दीपक सैनी, एडीएम योगेंद्र सिंह, सीएमओ डॉ. एसएस नबियाल, एसडीएम सदर जितेंद्र वर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी सहित कई अधिकारी शामिल रहे।
