सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   School Bus and Van Fares Rise; Parents' Concerns Grow

Pithoragarh News: स्कूल बस और वैन का किराया बढ़ा, अभिभावक की चिंता बढ़ी

संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Fri, 27 Mar 2026 01:24 AM IST
विज्ञापन
School Bus and Van Fares Rise; Parents' Concerns Grow
विज्ञापन
पिथौरागढ़/चंपावत। राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) की ओर से स्कूल बस और वैन के किराए में की गई बेतहाशा बढ़ोतरी से सीमांत जिलों के अभिभावक चिंतित हैं। किराए को दोगुना से भी अधिक करने के निर्णय को अभिभावकों ने जेब पर डाका करार दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर सरकारी शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। दूसरी तरफ निजी स्कूलों का खर्च अब आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है।
Trending Videos

अभिभावकों का कहना है कि पहले से ही निजी स्कूलों में शुल्क अधिक है। किताबें, ड्रेस महंगी हैं। अब राज्य परिवहन प्राधिकरण ने स्कूली वाहनों का शुल्क दोगुना से अधिक कर हमारी परेशानी और बढ़ा दी है। अभिभावकों ने कहा कि इस फैसले से हमारे साथ बच्चे भी परेशानी में पड़ जाएंगे। यहां तक कि हजारों बच्चों को शिक्षा से वंचित भी होना पड़ सकता है। निजी स्कूलों में समय-समय पर फीस बढ़ोतरी होती है। अब स्कूल वाहनों की फीस बढ़ाने से हमारे लिए बच्चों को उचित शिक्षा देना भी चुनौती बन गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


- यह तय किया गया है स्कूल बस और वैन का शुल्क
श्रेणी दूरी (किमी) नया न्यूनतम शुल्क नया अधिकतम शुल्क
स्कूल बस 1 से 30 + किमी 2,200 रुपये 3,700 रुपये
स्कूल वैन 1 से 20 + किमी 2,100 रुपये 3,500 रुपये

- बोले अभिभावक
- निजी स्कूलों के वाहनों का शुल्क बढ़ाने का निर्णय गलत और निराशाजनक है। मेरे घर के चार बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ते हैं। स्कूल बसों का शुल्क बढ़ने से हम इतना आर्थिक बोझ कैसे वहन करेंगे। इस गलत निर्णय को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। - रेखा उप्रेती, जीआईसी सड़क, पिथौरागढ़
- सरकारी नौकरी करने वाले लोग एक बार के लिए इस निर्णय को स्वीकार भी कर लेंगे। प्राइवेट नौकरी से घर-परिवार चलाने वाले इतना ज्यादा शुल्क कैसे चुका पाएंगे। यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो लोग अपने बच्चों को पैदल स्कूल भेजना पसंद करेंगे। - संजय बिष्ट, पियाना, पिथौरागढ़
- स्कूल की बसों की फीस इतनी अधिक कर देना स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह अभिभावकों के साथ ही बच्चों के साथ भी अन्याय है। इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। - चंद्रकला पांडे, टकाना, पिथौरागढ़

- यह निर्णय बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पहाड़ में वैसे भी गरीबी और बेरोजगारी है। अभिभावक बस के लिए इतना शुल्क कैसे चुका पाएंगे। इससे कई बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। इस निर्णय पर सरकार को तुरंत पुनर्विचार कर शुल्क कम करना चाहिए। - आरएस खनका, न्यू सरस्वती विहार कॉलोनी, पिथौरागढ़
- स्कूल बस का किराया बढ़ाने के फैसले का हम सभी विरोध करते हैं। सरकार की ओर से अगर इसमें सुधार नहीं किया गया तो बच्चों को निजी विद्यालयों से निकालना होगा। - महादेव जोशी, अभिभावक, चंपावत

- यह निर्णय आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। दिन भर मजदूरी करने के बाद बच्चों को जैसे-तैसे पढ़ाया जाता है अब स्कूल बस का किराया इतना अधिक होने से बच्चों को पढ़ा पाना भी मुश्किल है। - ममता देवी, अभिभावक, चंपावत
- एक ओर सरकारी स्कूलों में जहां पूरी शिक्षा व्यवस्था चौपट है। दूसरी तरफ सरकार ने निजी विद्यालयों में बस का किराया बढ़ाकर गरीब परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार को पहले सरकारी विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था बेहतर करनी चाहिए ताकि कमजोर वर्ग के बच्चे भी पढ़ सकें। - दीपक सिंह बोहरा, अभिभावक, चंपावत
कोट -
इस निर्णय से स्कूलों को बस संचालन में होने वाले घाटे की तो भरपाई होगी लेकिन अभिभावकों पर अनावश्यक बोझ पड़ेगा। यह दरें संभवतः मैदानी क्षेत्र को ध्यान में रखकर तय की गई हैं। पिथौरागढ़ में स्कूल बसों का शुल्क अभिभावकों की स्थिति को ध्यान में रखकर लिया जाता है। बेहतर होता कि सरकार एक फीस एक्ट लाती जिससे स्कूलों और अभिभावक दोनों को सहूलियत होती। - पूरन चंद्र भट्ट, अध्यक्ष, एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल कमेटी, पिथौरागढ़
- अभी तक स्कूल बस को चलाने में काफी नुकसान होता था इसमें गाड़ी का खर्चा और ड्राइवर का वेतन सहित अन्य खर्चे स्कूल से ही निकालने होते थे। सरकार के फैसले के बाद अब थोड़ा राहत मिलेगी। देवेश थ्वाल, स्कूल प्रबंधक, चंपावत
- जिले में अधिकांश गरीब तबके के बच्चे होने के कारण हमारे स्कूल में सबसे कम गाड़ी का किराया लिया जाता है। 500 रुपये के हिसाब से बच्चों को पुनाबे से स्कूल तक लाया जाता है इसमें गाड़ी के तेल का ही खर्चा निकल पाता है। सरकार का फैसला ठीक है पर अभिभावकों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। - डॉ. श्याम सिंह कार्की, प्रबंधक यूसीएसएस स्कूल, चंपावत
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed