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Pithoragarh News: आफत बना बदला मौसम, नुकसान बन कर बरसा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 11 May 2026 10:13 PM IST
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बगड़ी गांव में अंधड़ के दौरान रिहायशी इलाके में गिरा सिमल का पेड़। स्रोत : ग्रामीण
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पिथौरागढ़/डीडीहाट। सीमांत जिले में एक बार फिर मौसम ने करवट बदली। जिले के अधिकांश हिस्सों में आंधी के साथ मूसलाधार बारिश हुई। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई। पिथौरागढ़ और डीडीहाट में कई जगहों पर घरों और दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। जनजीवन अस्त-व्यस्त होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सोमवार को दोपहर बाद घने बादल छा गए और आंधी के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। करीब दो घंटे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। जिला मुख्यालय में बारिश ने नगर निगम के सफाई के दावों की पोल खोल दी। बैंक रोड समेत कई जगहों पर बारिश के साथ गंदा पानी सड़कों पर बहता रहा। पुराना बाजार सहित कई जगहों पर घर और दुकानों में पानी घुस गया।
ग्रामीण क्षेत्रों से जरूरी कार्यों के लिए बाजार आए लोगों को बारिश से बचने के लिए इधर-उधर शरण लेनी पड़ी। अचानक हुई बारिश से गांधी चौक समेत अन्य स्थानों पर खुले में व्यवसाय करने वाले छोटे दुकानदारों को आननफानन अपना सामान समेटना पड़ा।
डीडीहाट में मूसलाधार बारिश से कई दुकानों में पानी भर गया। साथ ही कई वार्डों के मकानों में भी जलभराव हो गया। बारिश के कारण सड़कें नालों में तब्दील हो गईं। तहसील रोड से गांधी चौक तक कई दुकानों में बारिश का पानी भर गया। शिव मंदिर वार्ड, तहसील वार्ड में कई मकानों में जलभराव होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पालिकाध्यक्ष गिरीश चुफाल ने लोक निर्माण विभाग और पालिका कर्मचारियों को नालियों की सफाई करने के निर्देश दिए। उधर झूलाघाट में भारी बारिश से सूखे नाले उफान पर आ गए हैं।
रातगाड़ में एक घंटे तक रुके रहे दोपहिया चालक
नाचनी। भारी बारिश से गाड़-गधेरे उफान पर आ गए। थल-मुनस्यारी सड़क पर रातीगाड़ उफान पर आ गई और अपने साथ भारी मात्रा में मलबा बहा लाई। सड़क पर भारी मात्रा में मलबा एकत्र होने से एक घंटे तक वाहनों की रफ्तार थमी रही। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लगी रही। बारिश थमी तो बमुश्किल मलबे के ऊपर से वाहन गंतव्य के लिए रवाना हुए। वहीं हरड़िया में पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने से खतरा बना हुआ है। संवाद
फसलों को हुआ भारी नुकसान
पिथौरागढ़। भारी बारिश के चलते फसल, सब्जियों को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में सूखने के लिए रखे गए गेहूं खराब हो गए। शाक-सब्जियों के पौधे तहस-नहस हो गए हैं। अस्कोट में दोपहर करीब एक बजे कड़कड़ाती बिजली और घने बादल छाने से दिन में ही अंधेरा हो गया। तेज बारिश के कारण क्षेत्र में बोए गए कद्दू, ककड़ी, मिर्च, बैंगन आदि को काफी नुकसान पहुंचा है। उधर नाचनी के ऊंचाई वाले नामिक, गौला, समकोट, कोटा, धामी गांव आदि जगहों पर किसानों की तैयार फसल बर्बाद हो गई है। गोल गांव के सब्जी उत्पादक मनोहर सिंह बिष्ट ने बताया कि लगातार हो रही भारी बारिश से तापमान गिर गया है। आंधी के साथ आए ओले और तेज बारिश से आम और लीची के फलों को काफी नुकसान पहुंचा है। संवाद
200 साल पुराना सिमल का पेड़ धराशायी
झूलाघाट। काली नदी घाटी क्षेत्र के तल्लाबगड़ के पंतसेरा, बगड़ी गांव में मूसलाधार बारिश के साथ आई आंधी ने ग्रामीणों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय सुनील खड़ायत ने बताया कि आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से केलों के पौधों के साथ आम, लीची, मक्के की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। बगड़ी गांव में भारी बारिश के कारण रास्ते और नहर कई जगह क्षतिग्रस्त हो गए। गांव के सुनील कठायत ने बताया कि भूमिया मंदिर में आंधी के कारण 200 साल से ज्यादा पुराना सिमल का पेड़ जड़ सहित उखड़ कर गिर गया। यदि पेड़ घरों में गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने नुकसान की सूचना पटवारी को देते हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। संवाद
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सोमवार को दोपहर बाद घने बादल छा गए और आंधी के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। करीब दो घंटे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। जिला मुख्यालय में बारिश ने नगर निगम के सफाई के दावों की पोल खोल दी। बैंक रोड समेत कई जगहों पर बारिश के साथ गंदा पानी सड़कों पर बहता रहा। पुराना बाजार सहित कई जगहों पर घर और दुकानों में पानी घुस गया।
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ग्रामीण क्षेत्रों से जरूरी कार्यों के लिए बाजार आए लोगों को बारिश से बचने के लिए इधर-उधर शरण लेनी पड़ी। अचानक हुई बारिश से गांधी चौक समेत अन्य स्थानों पर खुले में व्यवसाय करने वाले छोटे दुकानदारों को आननफानन अपना सामान समेटना पड़ा।
डीडीहाट में मूसलाधार बारिश से कई दुकानों में पानी भर गया। साथ ही कई वार्डों के मकानों में भी जलभराव हो गया। बारिश के कारण सड़कें नालों में तब्दील हो गईं। तहसील रोड से गांधी चौक तक कई दुकानों में बारिश का पानी भर गया। शिव मंदिर वार्ड, तहसील वार्ड में कई मकानों में जलभराव होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पालिकाध्यक्ष गिरीश चुफाल ने लोक निर्माण विभाग और पालिका कर्मचारियों को नालियों की सफाई करने के निर्देश दिए। उधर झूलाघाट में भारी बारिश से सूखे नाले उफान पर आ गए हैं।
रातगाड़ में एक घंटे तक रुके रहे दोपहिया चालक
नाचनी। भारी बारिश से गाड़-गधेरे उफान पर आ गए। थल-मुनस्यारी सड़क पर रातीगाड़ उफान पर आ गई और अपने साथ भारी मात्रा में मलबा बहा लाई। सड़क पर भारी मात्रा में मलबा एकत्र होने से एक घंटे तक वाहनों की रफ्तार थमी रही। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लगी रही। बारिश थमी तो बमुश्किल मलबे के ऊपर से वाहन गंतव्य के लिए रवाना हुए। वहीं हरड़िया में पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने से खतरा बना हुआ है। संवाद
फसलों को हुआ भारी नुकसान
पिथौरागढ़। भारी बारिश के चलते फसल, सब्जियों को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में सूखने के लिए रखे गए गेहूं खराब हो गए। शाक-सब्जियों के पौधे तहस-नहस हो गए हैं। अस्कोट में दोपहर करीब एक बजे कड़कड़ाती बिजली और घने बादल छाने से दिन में ही अंधेरा हो गया। तेज बारिश के कारण क्षेत्र में बोए गए कद्दू, ककड़ी, मिर्च, बैंगन आदि को काफी नुकसान पहुंचा है। उधर नाचनी के ऊंचाई वाले नामिक, गौला, समकोट, कोटा, धामी गांव आदि जगहों पर किसानों की तैयार फसल बर्बाद हो गई है। गोल गांव के सब्जी उत्पादक मनोहर सिंह बिष्ट ने बताया कि लगातार हो रही भारी बारिश से तापमान गिर गया है। आंधी के साथ आए ओले और तेज बारिश से आम और लीची के फलों को काफी नुकसान पहुंचा है। संवाद
200 साल पुराना सिमल का पेड़ धराशायी
झूलाघाट। काली नदी घाटी क्षेत्र के तल्लाबगड़ के पंतसेरा, बगड़ी गांव में मूसलाधार बारिश के साथ आई आंधी ने ग्रामीणों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय सुनील खड़ायत ने बताया कि आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से केलों के पौधों के साथ आम, लीची, मक्के की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। बगड़ी गांव में भारी बारिश के कारण रास्ते और नहर कई जगह क्षतिग्रस्त हो गए। गांव के सुनील कठायत ने बताया कि भूमिया मंदिर में आंधी के कारण 200 साल से ज्यादा पुराना सिमल का पेड़ जड़ सहित उखड़ कर गिर गया। यदि पेड़ घरों में गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने नुकसान की सूचना पटवारी को देते हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। संवाद