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Pithoragarh News: ग्रामीणों के आंदोलन के बाद जागा सिस्टम, सड़कों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 09 May 2026 10:40 PM IST
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पिथौरागढ़। मुनस्यारी के ग्रामीणों के आंदोलन के बाद आखिरकार सिस्टम की नींद खुली है। विकासखंड के खर्ताेली, तामाखानी, पोर्थी सहित 12 से अधिक गांवों तक सड़क पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही इन गांवों तक सड़क पहुंचाने के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी। पीएमजीएसवाई इन गांवों को जोड़ने के लिए 29 किमी लंबी सड़कों का निर्माण करेगा।
सड़के पहाड़ों की लाइफलाइन मानी जाती हैं। इससे उलट मुनस्यारी विकासखंड के खर्ताेली, तामाखानी, पोर्थी, क्वीरीजिमिया सहित आसपास के गांव आज तक सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं। सड़क न होने से ग्रामीणों को आपात स्थिति में कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। बीमारों और गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए सिर्फ डोली सहारा है।
इन दुश्वारियों से परेशान क्षेत्र के ग्रामीणों ने बीते दिनों तहसील परिसर में छह दिन तक आंदोलन किया तब जाकर सिस्टम नींद से जागा है। आखिरकार सेरा-खर्तोली, धामीगांव-तामाखानी, बांसबगड़-पोथी और मिलम-क्वीरी जिमिया सड़क के निर्माण की स्वीकृति मिली है। सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने से ग्रामीणों में राहत है।
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गांव पहुंचेगी सड़क तो रुकेगा पलायन
मुनस्यारी के खर्तोली, तामाखानी, क्वीरीजिमिया सहित आसपास के गांवों तक सड़क सुविधा न होने से मरीजों को डोलियों के सहारे या कंधों में ढोकर पांच-छह किमी दूर मुख्य सड़क तक पहुंचाना मजबूरी है। इन दुश्वारियों से परेशान कई ग्रामीण पलायन कर चुके हैं और कई पलायन करने का मन बना रहे हैं। यदि इन गांवों तक सड़क पहुंचेगी तो पलायन भी रुकेगा। बंजर हो रहे खेत और वीरान हो रहे घर भी आबाद होंगे।
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इन सड़कों का होगा निर्माण
सड़क लंबाई (किमी में)
सेरा-खर्तोली 5.700
धामीगांव-तामाखानी 9.760
बांसबगड़-पोथी 6.550
मिलम-क्वीरी जिमिया 7.00
कोट
मुनस्यारी विकासखंड के कई गांवों को जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण होना है। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। - किशन सिंह ऐरी, ईई, पीएमजीएसवाई, धारचूला
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सड़के पहाड़ों की लाइफलाइन मानी जाती हैं। इससे उलट मुनस्यारी विकासखंड के खर्ताेली, तामाखानी, पोर्थी, क्वीरीजिमिया सहित आसपास के गांव आज तक सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं। सड़क न होने से ग्रामीणों को आपात स्थिति में कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। बीमारों और गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए सिर्फ डोली सहारा है।
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इन दुश्वारियों से परेशान क्षेत्र के ग्रामीणों ने बीते दिनों तहसील परिसर में छह दिन तक आंदोलन किया तब जाकर सिस्टम नींद से जागा है। आखिरकार सेरा-खर्तोली, धामीगांव-तामाखानी, बांसबगड़-पोथी और मिलम-क्वीरी जिमिया सड़क के निर्माण की स्वीकृति मिली है। सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने से ग्रामीणों में राहत है।
गांव पहुंचेगी सड़क तो रुकेगा पलायन
मुनस्यारी के खर्तोली, तामाखानी, क्वीरीजिमिया सहित आसपास के गांवों तक सड़क सुविधा न होने से मरीजों को डोलियों के सहारे या कंधों में ढोकर पांच-छह किमी दूर मुख्य सड़क तक पहुंचाना मजबूरी है। इन दुश्वारियों से परेशान कई ग्रामीण पलायन कर चुके हैं और कई पलायन करने का मन बना रहे हैं। यदि इन गांवों तक सड़क पहुंचेगी तो पलायन भी रुकेगा। बंजर हो रहे खेत और वीरान हो रहे घर भी आबाद होंगे।
इन सड़कों का होगा निर्माण
सड़क लंबाई (किमी में)
सेरा-खर्तोली 5.700
धामीगांव-तामाखानी 9.760
बांसबगड़-पोथी 6.550
मिलम-क्वीरी जिमिया 7.00
कोट
मुनस्यारी विकासखंड के कई गांवों को जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण होना है। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। - किशन सिंह ऐरी, ईई, पीएमजीएसवाई, धारचूला