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Rishikesh News: राज्यपाल ने शांति का संदेश पूरी दुनिया में पहुंचाने का किया आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 15 Mar 2026 02:58 AM IST
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परमार्थ निकेतन गंगा घाट पर पूजा अर्चना करते राज्यपाल ले.से.ज. गुरमीत सिंह।स्रोत-परमार्थ
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परमार्थ निकेतन में आयोजित सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में राज्यपाल सेवानिवृत्त ले. जनरल गुरमीत सिंह, धर्मपत्नी गुरमीत कौर के साथ शामिल हुए। महोत्सव में करीब 11 देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और राजनयिकों ने भी प्रतिभाग किया। आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने राज्यपाल को अंगवस्त्र और रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर स्वागत किया।शनिवार को सुबह से शाम तक योग जिज्ञासुओं ने विभिन्न यौगिक सत्रों में योगाभ्यास किया। महोत्सव में शामिल योग जिज्ञासुओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि यह क्षण बिल्कुल अलग है। हम सब मां गंगा के तट पर बैठे हैं, यह सब उस प्रभु का ही आदेश है। इन छह दिनों के भीतर निश्चित ही आप सभी के जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन आया होगा। योग अर्थात् एकत्व। हम सब यहां हिमालय की गोद में बैठे हैं और यह वही क्षण है जब हम परमात्मा से जुड़ सकते हैं। यहां ईरान, इस्राइल और यूएसए के लोग भी एक साथ बैठे हैं। यह पूरी दुनिया के लिए एक उत्तम संदेश है। एकता का संदेश, सद्भाव और शांति का संदेश। आपने योग में श्वास, आसन व क्रिया को सीख लिया है, अब आप शरीर, मन और आत्मा को परमात्मा से मिलाने की कला भी सीख जाएंगे, यही तो योग महोत्सव का उद्देश्य है। आप सबको शांति का संदेश पूरी धरती पर पहुंचाना है। यहां से आपकी सोच को मां गंगा का जल और हिमालय की हवाएं पूरे विश्व में लेकर जाएंगी। यह तपस्थली है, देवभूमि है, ऋषियों की भूमि है, यह वास्तव में प्रभु का दरबार है। आप सब हमारे अतिथि हैं, और हम आपके भीतर परमात्मा को देखते हैं। इस धरती ने हमें आयुर्वेद और वेलबीइंग का पाठ पढ़ाया है। इस अवसर पर उन्होंने एक पेड़ मां के नाम का संदेश भी दिया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि आप सब योगी परमात्मा का प्रकाश है, परमात्मा के मंत्र है। आप अपने साथ इस प्रकाश और मंत्रों को लेकर जाएं ताकि यह प्रकाश पूरी दुनिया को प्रकाशित करें। स्विट्जरलैंड के संस्कृति मंत्री साइमन सेवन शाफर ने कहा कि योग और डिप्लोमेसी विभिन्न देशों के बीच एक सेतु का कार्य करते हैं। योग केवल आसनों का अभ्यास नहीं है, बल्कि यह हमें नई ऊर्जा प्रदान करता है, तनाव को दूर करता है और पूरे विश्व को सद्भाव के सूत्र में बांधता है। योगाचार्य स्टीवर्ट गिलक्रिस्ट ने कहा कि महोत्सव पूरी दुनिया के योगियों के लिए अद्भुत अवसर है। यहां आना अचानक नहीं होता, यह मां गंगा का आमंत्रण है। उसके बाद राज्यपाल ने योग जिज्ञासुओं और योगाचार्यों के साथ मिलकर सांध्यकालीन गंगा आरती की।
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