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Rishikesh News: चेक बाउंस का आरोपी दोष सिद्ध, तीन माह का सश्रम कारावास
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 12 Feb 2026 02:02 AM IST
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न्यायिक मजिस्ट्रेट नंदिता काला की अदालत ने चेक बाउंस के आरोपी को दोष सिद्ध करार दिया है। दोषी इरशाद को तीन माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने 202000 का अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसमें से दो लाख रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में देय होंगे जबकि दो हजार की राशि जुर्माने के तौर पर राजकोष में जमा करनी होगी। दो हजार की धनराशि राजकोष में जमा न करने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
खदरी श्यामपुर निवासी जितेंद्र गुसाईं ने 15 सितंबर 2017 को न्यायालय में वाद दायर किया था। जितेंद्र ने न्यायालय को बताया था कि इस्लाम नगर, सहसपुर देहरादून निवासी इरशाद अली से उसकी अच्छी जान पहचान थी। इरशाद ने अपने निजी कार्य के लिए उससे दो लाख रुपये उधार मांगे थे।
इरशाद ने 6 माह के भीतर धनराशि वापस लौटाने का वादा किया था। 6 माह गुजर जाने के बाद जब धनराशि वापस मांगी तो इरशाद ने उसे 11 जुलाई 2017 को एसबीआई सहसपुर शाखा का दो लाख की धनराशि का चेक दिया। जब चेक की धनराशि को उसने अपने खाते में जमा कराने के लिए बैंक में जमा किया तो बैंक ने अपर्याप्त धनराशि कह कर चेक वापस कर दिया।
इसकी सूचना इरशाद को भी दी गई। इरशाद ने धनराशि वापस नहीं लौटाई। न्यायिक मजिस्ट्रेट नंदिता काला की अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सोमवार को आरोपी इरशाद को दोष सिद्ध करार दिया।
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इरशाद ने 6 माह के भीतर धनराशि वापस लौटाने का वादा किया था। 6 माह गुजर जाने के बाद जब धनराशि वापस मांगी तो इरशाद ने उसे 11 जुलाई 2017 को एसबीआई सहसपुर शाखा का दो लाख की धनराशि का चेक दिया। जब चेक की धनराशि को उसने अपने खाते में जमा कराने के लिए बैंक में जमा किया तो बैंक ने अपर्याप्त धनराशि कह कर चेक वापस कर दिया।
इसकी सूचना इरशाद को भी दी गई। इरशाद ने धनराशि वापस नहीं लौटाई। न्यायिक मजिस्ट्रेट नंदिता काला की अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सोमवार को आरोपी इरशाद को दोष सिद्ध करार दिया।