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Rishikesh News: वाहनों की फिटनेस के लिए ट्रांसपोर्टरों को काटने पड़ रहे चक्कर
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ऋषिकेश। ऑटोमेटेड वाहन टेस्टिंग स्टेशन के निर्माण के करीब तीन साल बीत जाने के बाद भी परिवहन विभाग इस पर मशीनें स्थापित नहीं कर पाया है। ऐसे में ट्रांसपोर्टरों को वाहनों की फिटनेस कराने के लिए बहादराबाद और लालतप्पड़ के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
करीब तीन साल पहले एआरटीओ कार्यालय परिसर में ऑटोमेटेड वाहन टेस्टिंग स्टेशन का भवन बनाया गया था। भवन बनाने के बाद इसमें मशीनें लगनी थी लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद परिवहन विभाग इस भवन में मशीनें नहीं लगा पाया। मशीनें नहीं लगने से ट्रांसपोर्टरों को अपने वाहनों की फिटनेस कराने के लिए बहादराबाद या फिर लालतप्पड़ जाना पड़ रहा है। इससे समय और ज्यादा पैसा खर्च हो रहा है। यातायात एवं पर्यटन विकास सहकारी संघ के अध्यक्ष सुधीर राय रावत, टीजीएमओयू के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी व एकल मार्ग रोटेशन के अध्यक्ष भोला दत्त जोशी ने बताया कि उनकी ओर से ऑटोमेटेड वाहन टेस्टिंग स्टेशन में मशीनें लगाने की मांग को लेकर कई बार स्थानीय अधिकारियों को ज्ञापन दिया जा चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि परिवहन विभाग को ट्रांसपोर्टरों की सुविधा के लिए जल्द ही मशीनें लगानी चाहिए। जिससे ट्रांसपोर्टरों को वाहनों की फिटनेस के लिए भटकना न पड़े।
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ऑटोमेटेड वाहन टेस्टिंग स्टेशन में मशीनें मुख्यालय स्तर से लगाई जानी है। स्थानीय स्तर पर जो ज्ञापन दिए जाते हैं उन्हें आगे भेजा जाता है। - रावत सिंह कटारिया, एआरटीओ (प्रशासन) ऋषिकेश
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करीब तीन साल पहले एआरटीओ कार्यालय परिसर में ऑटोमेटेड वाहन टेस्टिंग स्टेशन का भवन बनाया गया था। भवन बनाने के बाद इसमें मशीनें लगनी थी लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद परिवहन विभाग इस भवन में मशीनें नहीं लगा पाया। मशीनें नहीं लगने से ट्रांसपोर्टरों को अपने वाहनों की फिटनेस कराने के लिए बहादराबाद या फिर लालतप्पड़ जाना पड़ रहा है। इससे समय और ज्यादा पैसा खर्च हो रहा है। यातायात एवं पर्यटन विकास सहकारी संघ के अध्यक्ष सुधीर राय रावत, टीजीएमओयू के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी व एकल मार्ग रोटेशन के अध्यक्ष भोला दत्त जोशी ने बताया कि उनकी ओर से ऑटोमेटेड वाहन टेस्टिंग स्टेशन में मशीनें लगाने की मांग को लेकर कई बार स्थानीय अधिकारियों को ज्ञापन दिया जा चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि परिवहन विभाग को ट्रांसपोर्टरों की सुविधा के लिए जल्द ही मशीनें लगानी चाहिए। जिससे ट्रांसपोर्टरों को वाहनों की फिटनेस के लिए भटकना न पड़े।
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ऑटोमेटेड वाहन टेस्टिंग स्टेशन में मशीनें मुख्यालय स्तर से लगाई जानी है। स्थानीय स्तर पर जो ज्ञापन दिए जाते हैं उन्हें आगे भेजा जाता है। - रावत सिंह कटारिया, एआरटीओ (प्रशासन) ऋषिकेश
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