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शिक्षा और ज्ञान को मानव सेवा में लगाएं : नड्डा
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 15 Feb 2026 01:44 AM IST
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हिमालयन विवि जौलीग्रांट में 8वें दीक्षांत समारोह का आयोजन: विवि
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स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रांट के आठवें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने मेडिकल, नर्सिंग, इंजीनियरिंग, बायो साइंस आदि के कुल 1001 विद्यार्थियों और शोधार्थियों को डिग्री दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत भी शामिल हुए।
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने छात्रों से शिक्षा और ज्ञान को मानव सेवा में लगाने का आह्वान किया। कहा कि 2047 के विकसित भारत में आज के विद्यार्थियों की बड़ी भूमिका रहेगी। सभी डिग्री पाने वालों को अपनी सेवा और संकल्प के प्रति ईमानदारी से कार्य करना चाहिए। भारत विश्व की सबसे तेजी से उभरती हुई तीसरी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है।
ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत 66वें से 38वें नंबर पर पहुंच गया है। देश में 21 इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट संस्थान खोले जा चुके हैं। 62 करोड़ देशवासियों को पीएम आरोग्य योजना का लाभ मिल रहा है। एक लाख 80 हजार नए आरोग्य मंदिर खोलने का लक्ष्य सरकार ने तय किया है। मेडिकल विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने 15 हजार करोड़ रुपये का बजट पास किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की आयुष्मान योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सड़क बनाने में दोगुनी और बिजली के क्षेत्र में चारगुना वृद्धि हुई है। किसानों की आय बढ़ाने में प्रदेश पहले नंबर पर आ चुका है। पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश को कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। मदरसा बोर्ड खत्म करना, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण रोकने के लिए कानून, यूसीसी लागू करना जैसे कई कठोर कानून प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए गए हैं।
विवि के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि सोच बदलने से सितारे बदल जाते हैं। उनका संस्थान पांच वर्षो में करीब 100 करोड़ की स्कॉलरशिप दे चुका है। डिग्री पाने वाले विद्यार्थियों को मानव सेवा में जीवन लगाना चाहिए। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, सांसद महेंद्र भट्ट, डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला, कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, महानिदेशक (शैक्षणिक विकास) डॉ. विजेद्र चौहान, प्रति कुलपति अशोक देवराड़ी, डॉ. रेनू धस्माना आदि मौजूद रहे।
इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित शौर्य दीवार पर परमवीर चक्र से सम्मानित वीर सैनिकों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की।
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1001 छात्र-छात्राओं को मिली डिग्रियां
दीक्षांत समारोह में मेडिकल, एलाइड हेल्थ, नर्सिंग, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, योग विज्ञान एवं बायो साइंसेज संकायों के 1001 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गई, जिसमें 31 मेधावी छात्र-छात्राओं को अकादमिक अवॉर्ड, दो छात्रों को डॉ. स्वामी राम बेस्ट ग्रेजुएट अवॉर्ड और 14 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि दी गई। डॉ. स्वामी राम बेस्ट ग्रेजुएट अवॉर्ड आयुषी बेलवाल और ईशान गुप्ता को दिया गया। वहीं, 14 शोधार्थियों डॉ. गरिमा कपूर, डॉ. स्वाति तोमर, डॉ. अविनाश कुमार त्यागी, डॉ. मीनू परगाईं, डॉ. रुचिका दुग्गल, डॉ. इमोन चानू, डॉ. सुनैना शर्मा, डॉ. मोनिका खंकरवाल, डॉ. अंतरिक्ष बड़ाकोटी, डॉ. संदीप बडोनी, डॉ. हिमानी, डॉ. संगीता रावत, डॉ. रजत काला और डॉ. नवीन कुमार यादव को पीएचडी उपाधि से सम्मानित किया गया।
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सीडीओई का ऑनलाइन शुभारंभ
दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) द्वारा संचालित होने वाले स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों का विधिवत ऑनलाइन उद्घाटन एवं शुभारंभ भी किया गया, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और मान्यता प्राप्त ऑनलाइन शिक्षा का लाभ मिलेगा। यूजीसी के प्रावधानों के अनुसार, यूजीसी-मान्यता प्राप्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम शैक्षणिक, वैधानिक और अकादमिक दृष्टि से रेगुलर (परंपरागत) पाठ्यक्रमों के समकक्ष होते हैं।
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उत्तराखंड की संस्कृति की झलक देखने को मिली
समारोह में उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित कलाकारों ने मंगल गीतों से अतिथियों का स्वागत किया। खान-पान में पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों को विशेष स्थान दिया गया, जिसे छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों ने खूब सराहा।
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केंद्रीय मंत्री नड्डा ने छात्रों से शिक्षा और ज्ञान को मानव सेवा में लगाने का आह्वान किया। कहा कि 2047 के विकसित भारत में आज के विद्यार्थियों की बड़ी भूमिका रहेगी। सभी डिग्री पाने वालों को अपनी सेवा और संकल्प के प्रति ईमानदारी से कार्य करना चाहिए। भारत विश्व की सबसे तेजी से उभरती हुई तीसरी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है।
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ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत 66वें से 38वें नंबर पर पहुंच गया है। देश में 21 इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट संस्थान खोले जा चुके हैं। 62 करोड़ देशवासियों को पीएम आरोग्य योजना का लाभ मिल रहा है। एक लाख 80 हजार नए आरोग्य मंदिर खोलने का लक्ष्य सरकार ने तय किया है। मेडिकल विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने 15 हजार करोड़ रुपये का बजट पास किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की आयुष्मान योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सड़क बनाने में दोगुनी और बिजली के क्षेत्र में चारगुना वृद्धि हुई है। किसानों की आय बढ़ाने में प्रदेश पहले नंबर पर आ चुका है। पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश को कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। मदरसा बोर्ड खत्म करना, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण रोकने के लिए कानून, यूसीसी लागू करना जैसे कई कठोर कानून प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए गए हैं।
विवि के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि सोच बदलने से सितारे बदल जाते हैं। उनका संस्थान पांच वर्षो में करीब 100 करोड़ की स्कॉलरशिप दे चुका है। डिग्री पाने वाले विद्यार्थियों को मानव सेवा में जीवन लगाना चाहिए। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, सांसद महेंद्र भट्ट, डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला, कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, महानिदेशक (शैक्षणिक विकास) डॉ. विजेद्र चौहान, प्रति कुलपति अशोक देवराड़ी, डॉ. रेनू धस्माना आदि मौजूद रहे।
इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित शौर्य दीवार पर परमवीर चक्र से सम्मानित वीर सैनिकों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की।
1001 छात्र-छात्राओं को मिली डिग्रियां
दीक्षांत समारोह में मेडिकल, एलाइड हेल्थ, नर्सिंग, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, योग विज्ञान एवं बायो साइंसेज संकायों के 1001 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गई, जिसमें 31 मेधावी छात्र-छात्राओं को अकादमिक अवॉर्ड, दो छात्रों को डॉ. स्वामी राम बेस्ट ग्रेजुएट अवॉर्ड और 14 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि दी गई। डॉ. स्वामी राम बेस्ट ग्रेजुएट अवॉर्ड आयुषी बेलवाल और ईशान गुप्ता को दिया गया। वहीं, 14 शोधार्थियों डॉ. गरिमा कपूर, डॉ. स्वाति तोमर, डॉ. अविनाश कुमार त्यागी, डॉ. मीनू परगाईं, डॉ. रुचिका दुग्गल, डॉ. इमोन चानू, डॉ. सुनैना शर्मा, डॉ. मोनिका खंकरवाल, डॉ. अंतरिक्ष बड़ाकोटी, डॉ. संदीप बडोनी, डॉ. हिमानी, डॉ. संगीता रावत, डॉ. रजत काला और डॉ. नवीन कुमार यादव को पीएचडी उपाधि से सम्मानित किया गया।
सीडीओई का ऑनलाइन शुभारंभ
दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) द्वारा संचालित होने वाले स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों का विधिवत ऑनलाइन उद्घाटन एवं शुभारंभ भी किया गया, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और मान्यता प्राप्त ऑनलाइन शिक्षा का लाभ मिलेगा। यूजीसी के प्रावधानों के अनुसार, यूजीसी-मान्यता प्राप्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम शैक्षणिक, वैधानिक और अकादमिक दृष्टि से रेगुलर (परंपरागत) पाठ्यक्रमों के समकक्ष होते हैं।
उत्तराखंड की संस्कृति की झलक देखने को मिली
समारोह में उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित कलाकारों ने मंगल गीतों से अतिथियों का स्वागत किया। खान-पान में पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों को विशेष स्थान दिया गया, जिसे छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों ने खूब सराहा।