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Roorkee News: एक शिक्षक के भरोसे चल रहा पूरा स्कूल, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Sun, 08 Mar 2026 05:53 PM IST
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स्कूल की जिम्मेदारी के साथ 22 बच्चों को अकेले पढ़ा रहे मात्र एक शिक्षक
एक शिक्षक के भरोसे चल रहा पूरा स्कूल, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
रुड़की। सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों और छात्रों की संख्या में कमी के आंकड़े लगातार सामने आते रहे हैं। राजकीय प्राथमिक विद्यालय शाहपुर साल्हापुर में पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक के कंधों पर है। इससे न केवल पढ़ाई प्रभावित हो रही है बल्कि बच्चों के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय शाहपुर साल्हापुर में कक्षा एक से लेकर पांच तक में कुल 22 छात्र अध्ययनरत हैं। वहीं, इन 22 बच्चों को पढ़ाने के लिए सिर्फ एक ही शिक्षक तैनात है। जो सभी कक्षाओं को संभालने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्य भी देख रहे हैं। ऐसे में बच्चों को अलग-अलग कक्षाओं में बैठाकर बारी-बारी से पढ़ाना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना किसी चुनौती से कम नहीं है। स्थानीय निवासी संजू सिंह ने बताया कि शिक्षक पूरी मेहनत और लगन से बच्चों को पढ़ाने का प्रयास करते हैं, लेकिन एक व्यक्ति के लिए सभी कक्षाओं को संभालना आसान नहीं है। अभिभावक सुल्तान ने बताया कि एक शिक्षक होने से प्रत्येक बच्चे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाने से से बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में स्टाफ की कमी के कारण बच्चों का स्कूल में शिक्षा का माहौल नहीं बन पा रहा है। लोगों ने शिक्षा विभाग से स्कूल में अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
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रुड़की। सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों और छात्रों की संख्या में कमी के आंकड़े लगातार सामने आते रहे हैं। राजकीय प्राथमिक विद्यालय शाहपुर साल्हापुर में पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक के कंधों पर है। इससे न केवल पढ़ाई प्रभावित हो रही है बल्कि बच्चों के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय शाहपुर साल्हापुर में कक्षा एक से लेकर पांच तक में कुल 22 छात्र अध्ययनरत हैं। वहीं, इन 22 बच्चों को पढ़ाने के लिए सिर्फ एक ही शिक्षक तैनात है। जो सभी कक्षाओं को संभालने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्य भी देख रहे हैं। ऐसे में बच्चों को अलग-अलग कक्षाओं में बैठाकर बारी-बारी से पढ़ाना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना किसी चुनौती से कम नहीं है। स्थानीय निवासी संजू सिंह ने बताया कि शिक्षक पूरी मेहनत और लगन से बच्चों को पढ़ाने का प्रयास करते हैं, लेकिन एक व्यक्ति के लिए सभी कक्षाओं को संभालना आसान नहीं है। अभिभावक सुल्तान ने बताया कि एक शिक्षक होने से प्रत्येक बच्चे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाने से से बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में स्टाफ की कमी के कारण बच्चों का स्कूल में शिक्षा का माहौल नहीं बन पा रहा है। लोगों ने शिक्षा विभाग से स्कूल में अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
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