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Roorkee News: मंगलौर में ऊर्जा निगम की मनमानी से उपभोक्ता परेशान

संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की Updated Thu, 19 Mar 2026 07:20 PM IST
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Consumers in Mangalore are upset by the Energy Corporation's arbitrary actions
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बिना रीडिंग भेजे हजारों के बिल, लोगों में भारी रोष
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मंगलौर। ऊर्जा निगम की ओर से बिजली उपभोक्ताओं को बिना मीटर रीडिंग लिए ही भारी-भरकम बिल भेजने का मामला गरमा गया है। मंगलौर क्षेत्र में पिछले कई दिनों से उपभोक्ताओं के मोबाइल पर उम्मीद से कई गुना ज्यादा बिल बकाया होने के मैसेज आ रहे हैं जिससे स्थानीय निवासियों में विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है।
कस्बे के रामकुमार, दीप गुलाटी, मनीष लूथरा, नीता, अरविंद आदि उपभोक्ताओं का कहना है कि पूर्व में मीटर रीडर घर आकर रीडिंग लेता था और मौके पर ही बिल उपलब्ध कराता था। उपभोक्ता उसी आधार पर भुगतान करते थे। इस बार हैरानी की बात यह है कि बिना किसी मीटर रीडिंग के सीधे मोबाइल पर मैसेज भेजे जा रहे हैं। मैसेज में दर्शाई गई धनराशि उनके औसत बिल से कई गुना अधिक है। बिल की विसंगतियों के कारण उपभोक्ता मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ऊर्जा निगम की इस लापरवाही से उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बिना मीटर चेक किए हजारों रुपये का बिल थमाना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है।
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मंगलौर कस्बे में ऊर्जा निगम द्वारा बिना मीटर रीडिंग लिए ही हजारों रुपये के बिल मैसेज के जरिये भेजे जा रहे हैं। इसे मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। विद्युत विभाग के अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं। - विकास अग्रवाल


ऊर्जा निगम की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। विभाग ने बिना किसी भौतिक सत्यापन या रीडिंग के सीधे उपभोक्ताओं के मोबाइल पर भारी-भरकम राशि के मैसेज भेज दिए हैं। उपभोक्ता इसे विभाग की मनमानी और आर्थिक शोषण करार दे रहे हैं। सवाल यह है कि जब रीडर घर पहुँचा ही नहीं, तो बिल की गणना किस आधार पर की गई? - दीप गुलाटी




बिजली का बिल इस बार सिरदर्द बन गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि वे समय पर भुगतान करने के बावजूद अब विभाग की गलती के कारण दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि बिना मीटर रीडिंग के कई गुना ज्यादा धनराशि वसूलने की कोशिश की जा रही है, जिससे क्षेत्र के लोग आर्थिक रूप से परेशान हैं। - गौरव बजाज

विद्युत विभाग द्वारा बिना रिडिंग लिए हजारों रुपए के मोबाइल पर मैसेज भेजने से आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न विद्युत विभाग कर रहा हैं। - सरिता गुलाटी
मंगलौर में तकनीकी खामी या लापरवाही के चलते उपभोक्ताओं को गलत बिल प्राप्त हुए हैं। जिन उपभोक्ताओं के बिल गलत हैं, वे अपने मीटर की वर्तमान रीडिंग की फोटो लेकर कार्यालय आ सकते हैं। साथ ही, विभाग उन घरों में दोबारा मीटर रीडर भेजेगा जो स्वयं रीडिंग नहीं ले सकते। - अनुभव सैनी उप खंड अधिकारी मंगलौर।
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