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Rudraprayag News: ग्यारह सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय का किया घेराव
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Mon, 16 Feb 2026 11:24 PM IST
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- एडीएम की माध्यम से सीएम को भेजा ज्ञापन
ग्यारह सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय का किया घेराव
रुद्रप्रयाग। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय में वृद्धि के साथ ही अपनी ग्यारह सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव और नारेबाजी की। वहीं एडीएम के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया।
जनपद स्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ती मिनी सेविका कर्मचारी संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में महिलाएं सोमवार को जनपद मुख्यालय में सरकार के खिलाफ लामबंद हुए। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की और अपनी विभिन्न मांगो को लेकर ज्ञापन पुष्कर सिंह धामी एवं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य को एडीएम के माध्यम से प्रेषित किया।
संगठन की जिला अध्यक्ष सुनीता बर्तवाल ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लंबे समय से न्यूनतम मानदेय पर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मानदेय में प्रतिदिन 140 की वृद्धि तथा केंद्र सरकार द्वारा 150 प्रतिदिन की अतिरिक्त वृद्धि की जाए, ताकि महंगाई के इस दौर में कार्यकर्ताओं को आर्थिक राहत मिल सके। संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी सुनीता भट्ट ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कई सालों तक अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं, ऐसे में उनके सेवानिवृत होने पर कोई आर्थिक मदद नहीं मिलती। उन्होंने मांग की कि बिना किसी अतिरिक्त शर्त के सेवानिवृत्ति पर 10 लाख की आर्थिक सहायता दिए जाने का शासनादेश जारी किया जाए, जिससे उनको जीवन यापन के लिए आर्थिक सहयोग मिल सके। वहीं सेवानिवृत की अवधि 60 साल से 62 करने और विवाह के उपरांत धारा 300 के तहत की जाने वाली कटौती के प्रस्ताव को समाप्त करने की भी मांग उठाई गई। उनका कहना था कि कार्यकर्ता वर्षों तक समर्पण भाव से सेवाएं देती हैं, ऐसे में उनके सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार को उठानी चाहिए। जिला सचिव विधि रौतेला ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बायोमेट्रिक से ना जोड़ा जाए और नंदा गौरा योजना का लाभ भी दिया जाए। महिलाओं ने बताया कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय ले, ताकि जमीनी स्तर पर मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं को संचालित करने वाली आंगनबाड़ी बहनों को उनका अधिकार मिल सके। वहीं कहा यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन आगे की रणनीति तय करने को बाध्य होगा। इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष अगस्त्यमुनि सुमन खंडूड़ी ,कोषाध्यक्ष शांति खन्ना सचिव गायत्री, जखोली ब्लॉक उपाध्यक्ष अंजू सचिव हिमानी एवं उखीमठ अध्यक्ष रंजना अवस्थी एवं सुनीता समेत बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
ग्यारह सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय का किया घेराव
रुद्रप्रयाग। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय में वृद्धि के साथ ही अपनी ग्यारह सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव और नारेबाजी की। वहीं एडीएम के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया।
जनपद स्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ती मिनी सेविका कर्मचारी संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में महिलाएं सोमवार को जनपद मुख्यालय में सरकार के खिलाफ लामबंद हुए। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की और अपनी विभिन्न मांगो को लेकर ज्ञापन पुष्कर सिंह धामी एवं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य को एडीएम के माध्यम से प्रेषित किया।
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संगठन की जिला अध्यक्ष सुनीता बर्तवाल ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लंबे समय से न्यूनतम मानदेय पर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मानदेय में प्रतिदिन 140 की वृद्धि तथा केंद्र सरकार द्वारा 150 प्रतिदिन की अतिरिक्त वृद्धि की जाए, ताकि महंगाई के इस दौर में कार्यकर्ताओं को आर्थिक राहत मिल सके। संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी सुनीता भट्ट ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कई सालों तक अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं, ऐसे में उनके सेवानिवृत होने पर कोई आर्थिक मदद नहीं मिलती। उन्होंने मांग की कि बिना किसी अतिरिक्त शर्त के सेवानिवृत्ति पर 10 लाख की आर्थिक सहायता दिए जाने का शासनादेश जारी किया जाए, जिससे उनको जीवन यापन के लिए आर्थिक सहयोग मिल सके। वहीं सेवानिवृत की अवधि 60 साल से 62 करने और विवाह के उपरांत धारा 300 के तहत की जाने वाली कटौती के प्रस्ताव को समाप्त करने की भी मांग उठाई गई। उनका कहना था कि कार्यकर्ता वर्षों तक समर्पण भाव से सेवाएं देती हैं, ऐसे में उनके सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार को उठानी चाहिए। जिला सचिव विधि रौतेला ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बायोमेट्रिक से ना जोड़ा जाए और नंदा गौरा योजना का लाभ भी दिया जाए। महिलाओं ने बताया कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय ले, ताकि जमीनी स्तर पर मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं को संचालित करने वाली आंगनबाड़ी बहनों को उनका अधिकार मिल सके। वहीं कहा यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन आगे की रणनीति तय करने को बाध्य होगा। इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष अगस्त्यमुनि सुमन खंडूड़ी ,कोषाध्यक्ष शांति खन्ना सचिव गायत्री, जखोली ब्लॉक उपाध्यक्ष अंजू सचिव हिमानी एवं उखीमठ अध्यक्ष रंजना अवस्थी एवं सुनीता समेत बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।