{"_id":"6955121943f2f279db0ab08b","slug":"devra-yatra-of-mother-chamunda-devi-begins-rudraprayag-news-c-52-1-rpg1007-116297-2025-12-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rudraprayag News: मां चामुंडा देवी की देवरा यात्रा शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rudraprayag News: मां चामुंडा देवी की देवरा यात्रा शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Wed, 31 Dec 2025 05:37 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
गुप्तकाशी। कालीमठ घाटी के सीमांत गांव चौमासी, जाल तल्ला, जाल मल्ला, चिलौण्ड एवं खोन्नू पंचगाई क्षेत्र की अराध्य देवी मां चामुंडा देवी अपने दूसरे चरण की देवरा यात्रा पर हैं। बुधवार को मां भगवती चामुंडा देवी ने देवली गांव का भ्रमण कर रात्रि प्रवास के लिए पंचवक्र महादेव मंदिर भणिग्राम पहुंची। यात्रा का आयोजन 15 वर्षों के बाद हो रहा है। 14 जनवरी मकर संक्रांति को हरिद्वार में स्नान करने के बाद यात्रा वापसी होगी और फिर देवप्रयाग संगम में स्नान होगा। उसके बाद जाल तल्ला स्थित चामुंडा माता मंदिर में डोली विराजमान होगी। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह सत्कारी, उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह तिंदोरी, सचिव कीरत सिंह राणा, कोषाध्यक्ष योगंबर सिंह रावत, संरक्षक कृपाल सिंह राणा आदि मौजूद रहे। संवाद
सल्या गांव में हुआ चक्रव्यूह का मंचन
गुप्तकाशी। केदारघाटी के सल्या गांव में पांडव नृत्य के तहत चक्रव्यूह का मंचन किया गया। बीते 3 दिसंबर से शुरू हुए पांडव नृत्य में बुधवार को पांडवों ने पांडव शैली के गायन और ढोल-दमाऊं की थाप पर नृत्य किया। इस अवसर पर चक्रव्यूह का मंचन भी किया गया। चक्रव्यूह मंचन में वीर अभिमन्यु को कौरवों की ओर से छल से मारने का मंचन देखकर भक्तों की आंखें भर आईं। चक्रव्यूह मंचन देखने के लिए खैड़ा, तुलंगा, ल्वाणी, ल्वारा, देवांगण, अंद्रवाड़ी, देवली भणिग्राम समेत केदारघाटी के गांवों से सैकड़ों भक्त पहुंचे। पांडव नृत्य समिति के अध्यक्ष आलम सिंह रावत ने बताया कि 3 जनवरी को हाथी कौथिग के साथ पांडव नृत्य का समापन होगा। इस मौके पर पांडव समिति के उपाध्यक्ष सुरेंद्र रावत, कोषाध्यक्ष शिव सिंह रावत, सचिव मंगल सिंह और देवेंद्र रावत आदि मौजूद थे। संवाद
Trending Videos
सल्या गांव में हुआ चक्रव्यूह का मंचन
गुप्तकाशी। केदारघाटी के सल्या गांव में पांडव नृत्य के तहत चक्रव्यूह का मंचन किया गया। बीते 3 दिसंबर से शुरू हुए पांडव नृत्य में बुधवार को पांडवों ने पांडव शैली के गायन और ढोल-दमाऊं की थाप पर नृत्य किया। इस अवसर पर चक्रव्यूह का मंचन भी किया गया। चक्रव्यूह मंचन में वीर अभिमन्यु को कौरवों की ओर से छल से मारने का मंचन देखकर भक्तों की आंखें भर आईं। चक्रव्यूह मंचन देखने के लिए खैड़ा, तुलंगा, ल्वाणी, ल्वारा, देवांगण, अंद्रवाड़ी, देवली भणिग्राम समेत केदारघाटी के गांवों से सैकड़ों भक्त पहुंचे। पांडव नृत्य समिति के अध्यक्ष आलम सिंह रावत ने बताया कि 3 जनवरी को हाथी कौथिग के साथ पांडव नृत्य का समापन होगा। इस मौके पर पांडव समिति के उपाध्यक्ष सुरेंद्र रावत, कोषाध्यक्ष शिव सिंह रावत, सचिव मंगल सिंह और देवेंद्र रावत आदि मौजूद थे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

कमेंट
कमेंट X