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Rudraprayag News: नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र में दिखा विलुप्त प्राय स्टेपी ईगल
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Sat, 28 Feb 2026 07:47 PM IST
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नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र में दिखा विलुप्त प्राय स्टेपी ईगल
पक्षी प्रेमी पारीस्थितिकी तंत्र के लिए मान रहे इसे शुभ संकेत
ज्योतिर्मठ। दुर्लभ प्रजाति के स्टेपी ईगल पक्षी नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र में दिखा है। पक्षी विशेषज्ञ और वन विभाग के अधिकारी इसे शुभ संकेत मान रहे हैं। उनका कहना है कि इस पक्षी की मौजूदगी से पता चलता है कि क्षेत्र का पारीस्थितिकी तंत्र अच्छा है।
गहरे भूरे रंग का यह एक बड़ा शिकारी पक्षी है। आईयूसीएन की रेड जिस्ट में इसे डेंर्जड प्रजाति के रूप में दर्ज किया गया है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने ज्योतिर्मठ के जोगीधारा क्षेत्र में इस पक्षी को अपने कैमरे में कैद किया है। चेतना कांडपाल ने बताया कि उन्होंने पहली बार इस पक्षी को यहां देखा है। वहीं, पक्षी विशेषज्ञ संजय कुंवर ने बताया कि हाल ही में बर्ड काउट इंडिया के सौजन्य से पक्षी गणना अभियान चलाया गया। इस दौरान जोगीधारा क्षेत्र में करीब आठ स्टेपी ईगल को ई-बर्डिंग के माध्यम से दर्ज किया किया गया है। उन्होंने बताया कि यह पक्षी कजाकिस्तान का राष्ट्रीय पक्षी है, प्री ब्रिडिंग सीजन शुरू होने के चलते अब कुछ दिनों बाद यह दुलर्भ प्रजाति का ईगल पक्षी अपने प्रवास क्षेत्र की ओर चले जाएंगे। यह पक्षी मरे पशुओं को खाता है और छोटे स्तनपाई जानवरों का शिकार करता है। जोगीधारा डंपिंग जोन के पास इनको पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध हो जाता है। इसी के चलते यह पक्षी इस क्षेत्र में आसानी से दिख जाता है।
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पक्षी प्रेमी पारीस्थितिकी तंत्र के लिए मान रहे इसे शुभ संकेत
ज्योतिर्मठ। दुर्लभ प्रजाति के स्टेपी ईगल पक्षी नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र में दिखा है। पक्षी विशेषज्ञ और वन विभाग के अधिकारी इसे शुभ संकेत मान रहे हैं। उनका कहना है कि इस पक्षी की मौजूदगी से पता चलता है कि क्षेत्र का पारीस्थितिकी तंत्र अच्छा है।
गहरे भूरे रंग का यह एक बड़ा शिकारी पक्षी है। आईयूसीएन की रेड जिस्ट में इसे डेंर्जड प्रजाति के रूप में दर्ज किया गया है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने ज्योतिर्मठ के जोगीधारा क्षेत्र में इस पक्षी को अपने कैमरे में कैद किया है। चेतना कांडपाल ने बताया कि उन्होंने पहली बार इस पक्षी को यहां देखा है। वहीं, पक्षी विशेषज्ञ संजय कुंवर ने बताया कि हाल ही में बर्ड काउट इंडिया के सौजन्य से पक्षी गणना अभियान चलाया गया। इस दौरान जोगीधारा क्षेत्र में करीब आठ स्टेपी ईगल को ई-बर्डिंग के माध्यम से दर्ज किया किया गया है। उन्होंने बताया कि यह पक्षी कजाकिस्तान का राष्ट्रीय पक्षी है, प्री ब्रिडिंग सीजन शुरू होने के चलते अब कुछ दिनों बाद यह दुलर्भ प्रजाति का ईगल पक्षी अपने प्रवास क्षेत्र की ओर चले जाएंगे। यह पक्षी मरे पशुओं को खाता है और छोटे स्तनपाई जानवरों का शिकार करता है। जोगीधारा डंपिंग जोन के पास इनको पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध हो जाता है। इसी के चलते यह पक्षी इस क्षेत्र में आसानी से दिख जाता है।
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