Uttarakhand: पोस्टमार्टम में खुलासा...सीने की हड्डी को तोड़कर दिल तक पहुंचा था सींग, रिपोर्ट ने हैरान किया
रुद्रपुर ट्रांजिट कैंप कोतवाली में तैनात कांस्टेबल भुवन चंद्र आर्या की बैल से टक्कर हो गई, जिसमें बैल का सींग उनके सीने में जा घुसा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि सींग ने हड्डी तोड़ दिल तक पहुंचने की पुष्टि हुई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रुद्रपुर ट्रांजिट कैंप कोतवाली में तैनात कांस्टेबल भुवन चंद्र आर्या की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हादसे की भयावहता सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बैल का सींग सीने की हड्डी तोड़ते हुए दिल में जा घुसा था जिससे कांस्टेबल की मौके के बाद अस्पताल में मौत हो गई।
हल्द्वानी निवासी 41 वर्षीय भुवन चंद्र आर्या वर्ष 2009 बैच के कांस्टेबल थे। शुक्रवार रात वह बाइक से ड्यूटी के दौरान गश्त कर रहे थे। सेंटर प्वाइंट होटल के पास अचानक सड़क पर आए बैल से उनकी बाइक टकरा गई। हादसे में बैल का सींग उनके सीने में घुस गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिसकर्मी उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। रिपोर्ट में सीने की हड्डी टूटने और सींग के दिल तक पहुंचने की पुष्टि हुई है। भुवन चंद्र आर्या तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके परिवार में पत्नी और सात वर्षीय पुत्र है।
विसरा जांच से खुलेगा मजदूर की मौत का राज
बगवाड़ा भट्टा के पास खाली मैदान में मिले मजदूर की मौत का राज अब विसरा जांच रिपोर्ट से खुलेगा। बीते बुधवार की देर रात मैदान में युवक का शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे मोर्चरी में रखवाया था। अगले दिन पोस्टमार्टम हाउस पहुंची मृतक की पत्नी माया ने शव की शिनाख्त अपने पति विजय के रूप में की थी। उसने पति के साथ काम करने वाले कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था। आरोप था कि विजय की करीब 25 दिन पहले कुछ लोगों से दोस्ती हुई थी और वह उनके साथ ही काम पर जाता था। एक सप्ताह पहले शराब पीने को लेकर उसने विजय के साथियों को समझाया था। आरोप है कि इस दौरान विवाद हुआ और उसे धमकी भी दी गई थी। बुधवार को भी विजय उन्हीं लोगों के साथ घर से निकला था लेकिन फिर नहीं लौटा। सीओ विभव सैनी ने कहा कि परिवार की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।